उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से अंकिता मिश्रा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से घनश्याम यादव से हुई। घनश्याम यादव यह बताना चाहते है कि वो अपना संपत्ति में से आधी संपत्ति बेटे को देंगे और आधी संपत्ति बेटी को देंगे। अगर वह जमीन पर बेटी को भी हक़ देंगे तो बेटी अपनी पैर पर खड़ी हो सकती है। वह जमीन बेचकर अपना पढ़ाई भी पूरा कर सकती है।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से अंकिता मिश्रा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से मुकेश विश्वकर्मा से हुई। मुकेश विश्वकर्मा यह बताना चाहते है कि जिस तरह हम अपने लड़कों को जमीन देते है उसी प्रकार अपनी लड़कियों को भी जमीन देना चाहिए। अगर लड़कियों को भी जमीन पर हिस्सा मिलेगा तो वह भी जीवन में कुछ कर दिखाएंगी । विवाह होने के बाद पैसों के कमी के कारण महिलाएं कुछ नहीं कर पाती है। लड़कियों को जमीन में अधिकार मिलेगा तो आर्थिक रूप से सशक्त बनेगी

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर के सतगढ़वा प्रखंड से अंकिता मिश्रा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सीमा से हुई। सीमा यह बताना चाहती है कि जिस तरह से लड़कों को जमीन पर अधिकार दिया जाता है उसी प्रकार लड़कियों को भी मिलना चाहिए। लड़कियों के पास कुछ नहीं रहने से ससुराल में उन्हें परेशान किया जाता है।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विशेषज्ञ जीव दास साहू , रागी यानि मड़ुवा फसल में सिंचाई एवं रोग और किट नियंत्रण की जानकारी दे रहे हैं। रागी फसल से जुड़ी कुछ बातें किसानों को ध्यान में रखना ज़रूरी है। इसकी पूरी जानकारी सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से वीर बहादुर ,मोबाइल वाणी के माध्यम से दिनेश कुमार से बातचीत कर रहे है। ये कहते है कि महिलाओं को भूमि में अधिकार मिलना चाहिए पर अभी महिलाओं को यह अधिकार नहीं मिल रहा है ।समाज में जिस तरह पुरुष काम कर रहे है ,उसी तरह महिलाओं को भी बढ़ कर काम करना चाहिए

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से वीर बहादुर की मोबाइल वाणी के माध्यम से राम शंकर से बातचीत हो रही है। ये कहते है कि महिलाओं को भूमि में अधिकार मिलना चाहिए।समाज में महिलाओं का बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। जिस तरह पुरुष बाहर जा कर काम करते है उसी अनुसार महिला भी बाहर जाकर काम करने योग्य है। अगर महिला बाहर नहीं जाती है तो वो घर के कामों की जिम्मेदारी ले सकती है

सीमा की कहानी हौसले और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। एक महिला के रूप में ई-रिक्शा चलाने की चुनौतियों का सामना करते हुए, उन्होंने समाज की परवाह किए बिना अपने सपनों को साकार किया। अपने परिवार के समर्थन और अपनी मेहनत से, सीमा ने न केवल एक सफल व्यवसाय स्थापित किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गईं।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा केला की रोपाई के लिए उपयुक्त समय के बारे में जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

दोस्तों, भारत के स्वतंत्रता आंदोलन ने महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया। इसने उन्हें शिक्षा, राजनीतिक भागीदारी, सामाजिक सुधार और आर्थिक सशक्तिकरण के द्वार खोलने का अधिकार दिया। आज भी, स्वतंत्रता सेनानी महिला सशक्तिकरण और समानता के लिए संघर्ष करने वाली असुविधा के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनी हुई हैं। लेकिन इसके बावजूद महिलाओं को भूमि अधिकार प्रदान करना न केवल न्याय और समानता का प्रश्न है, बल्कि यह हमारे समाज के पूर्ण और सही मायनो में विकास और समृद्धि के लिए भी बहुत अधिक आवश्यक है। तो दोस्तों आप हमें बताइए कि *----- महिलाओं के लिए भूमि का अधिकार मिले इसके लिए आप क्या करना चाहेंगे, आपके हिसाब से महिलाओं को भूमि का अधिकार न मिलने से पुरुषों में सबसे बड़ी अड़चन क्या है? और इसे कैसे दूर किया जा सकता है, *----- भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से प्रभावित महिलाओं को किस तरह आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली, और उसके समाज पर उसका क्या प्रभाव आया? *----- आपके हिसाब से महिलाओं के सशक्त होने से समाज में किस तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं?