सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा केला की फसल में बोरान की कमी के लक्षण तथा उपचार के बारे में जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से काजल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला सशक्तिकरण का तात्पर्य महिलाओं की आध्यात्मिक, राजनीतिक, सामाजिक या आर्थिक शक्ति को बढ़ाना है। इसमें अक्सर सशक्तिकृत महिला द्वारा अपने क्षमता के दायरे में विश्वास का निर्णय शामिल होता है। स्वम् द्वारा निर्णय लेने की शक्ति होना ,उच्च निर्णय लेने के लिए जानकारी अथवा संसाधनों की उपलब्धता हो,इत्यादि। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से काजल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि शिक्षा मानव समाज के विकास और प्रगति के लिए बहुत जरुरी है। यह हमारे समाज में विवेक, ज्ञान, समझ, और समर्पण की भावना को विकसित करती है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से काजल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जल संरक्षण का अर्थ है जल के प्रयोग को घटाना एवं सफाई, निर्माण एवं कृषि आदि के लिए अवशिष्ट जल का रिसाइक्लिंग करना।धीमी गति के शावर हेड्स - कम पानी गरम होने के कारण कम ऊर्जा का प्रयोग होता है और इसीलिए इसे कभी-कभी ऊर्जा-कुशल शावर भी कहा जाता है। धीमा फ्लश शौचालय एवं खाद शौचालय. चूंकि पारंपरिक पश्चिमी शौचालयों में जल की बड़ी मात्रा खर्च होती है, इसलिए इनका विकसित दुनिया में नाटकीय असर पड़ता है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से काजल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि देश में रोजगार की समस्या बहुत बड़ा है, लेकिन सच्चाई यह भी है कि रोजगार की कोई कमी नहीं है। आपको काम करने और किसी भी योग्यता में सफल होने के लिए केवल दो चीजों की आवश्यकता है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से काजल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लैंगिक असमानता का तात्पर्य लैंगिक आधार पर महिलाओं के साथ भेदभाव से है। परंपरागत रूप से समाज में महिलाओं को कमजोर वरह के रूप में देखा जाता है। वे घर और समाज दोनों जगहों पर शोषण, अपमान और भेद-भाव से पीड़ित होती हैं। महिलाओं के खिलाफ भेदभाव दुनिया में हर जगह प्रचलित है। इससे साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमारे देश में लैगिंक भेदभाव की जड़ें कितनी मजबूत और गहरी है।लैंगिक असमानता का जन्म समाज और परिवार के मध्य होता है ।भारतीय समाज में प्रायः महिलाओं को घरेलू कार्य के ही अनुकूल माना गया है। घर में महिलाओं का मुख्य कार्य भोजन की व्यवस्था करना और बच्चों के लालन-पालन तक ही सीमित है। अक्सर ऐसा देखा गया है कि घर में लिये जाने वाले निर्णयों में भी महिलाओं की कोई भूमिका नहीं रहती है। महिलाओं के मुद्दों से संबंधित विभिन्न सामाजिक संगठनों में भी महिलाओं की न्यूनतम संख्या लैंगिक असमानता के विकराल रूप को व्यक्त करती है।आर्थिक क्षेत्र में कार्यरत महिला और पुरुष के पारिश्रमिक में अंतर है। औद्योगिक क्षेत्र में प्रायः महिलाओं को पुरुषों के सापेक्ष कम वेतन दिया जाता है। इतना ही नहीं रोज़गार के अवसरों में भी पुरुषों को ही प्राथमिकता दी जाती है।सभी राजनीतिक दल लोकतांत्रिक होते हुए समानता का दावा करते हैं परंतु वे न तो चुनाव में महिलाओं को प्रत्याशी के रूप में टिकट देते हैं और न ही दल के प्रमुख पदों पर उनकी नियुक्ति करते हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से काजल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जलवायु परिवर्तन और वैश्विक ताप में वृद्धि एक बड़ा मुद्दा बन गया है। हमें भी इसके बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए। ईंधन,पोली फ्यूल,ऊर्जा के नवीन स्रोत ये सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं।जल संग्रहण (वॉटर हार्वेस्टिंग) का मतलब है बारिश के पानी को विभिन्न तरीकों से संचित करना या बचाना।तालाब या झील के अलावा जमीन के नीचे बनाए गए टैंक के जरिए भी वर्षा जल का संचयन किया जा सकता है। इस पानी का उपयोग, बागवानी और सिंचाई के लिए तो आसानी से किया ही जा सकता है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से अंकिता मिश्रा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से माधुरी से हुई। माधुरी यह बताना चाहती है कि उनके पति मुर्गी पालन करना चाहते है। इस व्यापार से बहुत लाभ है। इस व्यापार से वह अपना परिवार चला सकते है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से अंकिता मिश्रा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अंजलि मिश्रा से हुई। अंजलि मिश्रा यह बताना चाहती है कि वह सब्जी की खेती करना चाहती है जिसमे बीस से तीस हज़ार खर्चा है और इस व्यापार से बहुत लाभ है। इस व्यापार से वह अपने बच्चों को पढ़ा लिखा सकती है ,अपना घर बना सकती है और अपना परिवार चला सकती है।
