उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के विशेश्वरगंज प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से उमेश कुमार त्रिपाठी से साक्षात्कार लिया।उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बेटी भी माता - पिता की संतान हैं। इसलिए उनको पैतृक सम्पत्ति में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। महिलाएं शिक्षित होंगी तो उनका परिवार और बच्चे भी शिक्षित होंगे। भारत सरकार ने महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई है। मगर अशिक्षित  महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ नही उठा पाती हैं।  शिक्षित महिलाएं दो परिवारों को शिक्षित करेंगी

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के विशेश्वरगंज प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकी प्रसाद से साक्षात्कार लिया।जानकी प्रसाद ने बताया कि अविवाहित महिलाओं का मायके की सम्पत्ति पर पूरा अधिकार होना चाहिए और विवाहित महिलाओं को ससुराल की संपत्ति में अधिकार होता है। महिलाओं को शादी के बाद मेले या ससुराल एक जगह हिस्सा लेना चाहिए। महिलाओं को शिक्षित होना चाहिए। पहले शिक्षा की सुविधा नही थी , मगर अब बहुत सुविधा है।फिर भी मज़बूरी के कारण महिलाएं शिक्षा से वंचित रह जाती हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से अजय मिश्रा से साक्षात्कार लिया।अजय मिश्रा ने बताया कि महिलाओं को पैतृक सम्पत्ति में का हिस्सा जरूर मिलना चाहिए।कभी -कभी ऐसा होता है कि ससुराल में कोई परेशानी होती है या माता - पिता के देहांत के बाद भाई सम्पत्ति से बहन को वंचित कर देते हैं। महिला को बहुत दिक्कत होती है। कोई पूछने वाला भी नही होता है। बहन या बेटी का नाम खतौनी में रहता है तब उनसे रिश्ता दूसरे तरह का होता है और जान नही होता है तो लगाव दूसरे तरीके का होता है। इसलिए महिलाओं को मायके और ससुराल दोनों जगह सम्पत्ति में अधिकार होना चाहिए

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के विशेश्वरगंज प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से विक्रम बहादुर से साक्षात्कार लिया। विक्रम बहादुर ने बताया कि महिलाओं को पैतृक सम्पत्ति में बराबर का हिस्सा होना चाहिए। महिलाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए उनको स्कूल भेजना चाहिए और अशिक्षित महिलाओं को समझाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से जगदीश प्रसाद मिश्रा से साक्षात्कार लिया।जगदीश प्रसाद मिश्रा ने बताया कि बेटियों को पढ़ाना चाहिए। विवाहित महिलाओं को ससुराल की संपत्ति में अधिकार होता है। मायके की सम्पत्ति में भी जरुरत पड़ने पर महिला का हिस्सा लग सकता है

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से विनय कुमार से साक्षात्कार लिया।विनय कुमार ने बताया कि अविवाहित महिलाओं का मायके की सम्पत्ति पर पूरा अधिकार होना चाहिए और विवाहित महिलाओं को ससुराल की संपत्ति में अधिकार होता है। आज के युग में शिक्षित होना बहुत जरुरी है। बिना शिक्षा के कोई काम नहीं हो सकता है। महिलाओं में पहले के मुकाबले जागरूकता बढ़ी है। धीरे - धीरे महिलाएं जागरूक होंगी।

माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है। आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से एडवोकेट आजाद सिंह से साक्षात्कार लिया।एडवोकेट आजाद सिंह ने बताया कि महिलाओं को जागरूक और शिक्षित होना चाहिए। शिक्षा के साथ महिलाओं को घर के काम भी करने चाहिए। महिलाओं को पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए। आज के ज़माने में महिलाएं हर क्षेत्र में काम कर रही हैं।सरकार द्वारा अनपढ़ और शिक्षित महिलाओं को लाभ पहुंचाया जा रहा है। योजनाओं में लिप्त दलालों को पकड़ने के लिए केंद्र सरकार योजना बनानी चाहिए।

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से महेंद्र सिंह से साक्षात्कार लिया।महेंद्र सिंह ने बताया कि शादी से पहले महिला पिता के धन पर आश्रित रहती है। शादी के बाद उनका ससुराल की सम्पत्ति पर अधिकार रहता है। सरकार महिलाओं के लिए कई योजनाएं चला रही है। माता - पिता को अपने बच्चों को पढ़ना चाहिए

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सुर्य कुमार दास पांडे से बातचीत की। बातचीत में सुर्य कुमार दास का कहना है कि महिलाओं को शादी के पहले मायके में पूरा अधिकार होना चाहिए शादी के बाद उनका अधिकार ससुराल में होता है शादी के पहले माता पिता की जिम्मेदारी होती है इसलिए मायके में अधिकार मिलना चाहिए। महिला और पुरूष दोनों को बराबर का हक़ होता है लेकिन कुछ अराजकता के कारण महिलाओं का अधिकार अलग हो जाता है। शादी करके उन्हें प्रतिबंधित कर दिया जाता है और जिस घर में उनकी शादी होती है वहां उनका पूरा अधिकार होता है। महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरूरी है जो अशिक्षित महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रही हैं इसलिए उन्हें साक्षर करना बहुत जरूरी है।पुरुषों को सशक्त बनाने के लिए सरकार हमेशा प्रयासरत है। पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को हर तरह का अधिकार दिया जा रहा है। उनका कहना है जो अच्छे परिवार के हैं वे अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं लेकिन जो अनपढ़ हैं या फिर जिनकी स्थिति खराब हैं वे बच्चों को शिक्षा नहीं दे पा रही हैं