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सोनपुर सारण जिला में ब्राह्मण महासभा की बैठक भरपुरा शिव मंदिर के प्रांगण में किया गया । बैठक में आध्यात्मिक ज्ञान पर्व त्यौहार की विशेष जानकारी रखने वाले ब्राह्मणों ने उपस्थित होकर चिंतन मनन किया की आखिर एक ही पर्व 2 दिन कैसे हो जाता है। इस अनियमितता को दूर करने की जरूरत है । सारण जिला ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष आचार्य श्री विवेकानंद जी महाराज, महासचिव आचार्य नंदकिशोर तिवारी इन दोनों ने उपयुक्त बिंदुओं पर काफी चिंतन मनन कर ठोस निर्णय लेने का काम किया ताकि आम जनता भ्रम में पड़कर एक ही पर्व को दो दिन नहीं मनाएं । एक ही पर्व दो दिन मनाने की अलग-अलग ब्राह्मणों द्वारा घोषणा करने पर ब्राह्मणों की प्रति लोगों का विश्वास उठ जाता है । उपयुक्त बात की जानकारी देते हुए ब्राह्मण समाज के युवा नेता गणेश दुबे ने बताया कि हम ब्राह्मणों को समाज पूज्य मानती है तथा हर शुभ कार्य एवं पर्व त्योहार मनाने के लिए पतरा दिखलाती है। हम लोगों का कर्तव्य बनता है कि उन्हें सही सलाह दे । श्री दुबे ने यह भी बताया कि अब जिन ब्राह्मणों के पास जजमनिका है उनके द्वारा समय-समय पर बैठक कर ठोस सुझाव देना होगा जो आकाध्य होगा तथा हर कोई एक ही दिन पर्व मनावेगे । इस बैठक में सुरेश दुवे सहित अन्य ब्राह्मण मौजूद रहे ।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
दोस्तों, दुनिया भर में काम के घंटे घटाए जाने की मांग बढ़ जा रही है, दूसरी तरफ भारत काम के घंटों को बढ़ाए जाने की सलाह दी जा रही है। भारत में ज्यादातर संस्थान छ दिन काम के आधार पर चलते हैं, जिनमें औसतन 8-9 घंटे काम होता है, उस हिसाब से यहां औसतन पैंतालिस घंटे काम किया जाता है। जबकि दुनिया की बाकी देशों में काम के घंटे कम हैं, युरोपीय देशों में फ्रांस में औसतन 35 घंटे काम किया जाता है, ऑस्ट्रेलिया में 38 घंटे औसतन साढ़े सात घंटे काम किया जाता है, अमेरिका में 40 घंटे, ब्रिटेन में 48 घंटे और सबसे कम नीदरलैंड में 29 घंटे काम किया जाता है। दोस्तों, बढ़े हुए काम घंटों की सलाह देना आखिर किस सोच को बताता है, जबकि कर्मचारियों के काम से बढ़े कंपनी के मुनाफे में उसका हक न के बराबर या फिर बिल्कुल नहीं है? ऐसे में हर बात पर देशहित को लाना और उसके नाम पर ज्यादा काम की सलाह देना कितना वाजिब है? इस मसले पर अपना राय को मोबाईल वाणी पर रिकॉर्ड करें और बताएं कि आप इस मसले पर क्या सोचते हैं, आप भले ही मुद्दे के पक्ष में हों या विपक्ष में, इसे रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं अपने फोन से तीन नंबर का बटन
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हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए...
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Nov. 16, 2023, 9:02 p.m. | Tags: autopub