अरेराज बेतिया रोड में गोविन्दगंज थाना क्षेत्र के रढिया बिजली ग्रिड के पास अज्ञात वाहन ने साइकिल में ठोकर मार दी। जिस घटना में साइकिल सवार की मौत घटनास्थल पर हो गयी। मृतक गोविन्दगंज थाना के चंडीस्थान के शत्रुधन प्रसाद था। गोविन्दगंज पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दी। शत्रुधन प्रसाद बिजली विभाग के कार्यालय का सफाई करने जा रहा था। पर कार्यालय पहुंचने से पहले बलहा की ओर से तेज रफ्तार से आ रही अज्ञात स्कोर्पियो से उसे ठोकर लग गई। घटना के बाद स्कोर्पियो चालक वाहन लेकर भागने में सफल रहा। घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मी व लोग शत्रुघन को अनुमंडलीय अस्पताल ले गये। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेज दिया। मृतक का पुत्र मुकेश कुमार बिजली विभाग में लाइन मैन का काम करता था। तीन वर्ष पूर्व काम करने के दौरान बिजली स्पर्शाघात से उसकी मौत हो गयी। मुकेश के मौत के बाद पत्नी बिजली विभाग में सफाईकर्मी का कार्य करने लगी। बुधवार को तबियत खराब हो गयी थी। जिसको ले बिजली विभाग के कार्यालय का सफाई करने शत्रुधन प्रसाद जा रहे थे। पुष्टि गोविन्दगंज इंस्पेक्टर विजय कुमार ने की।

एटीएम कार्ड बदलकर एक लाख पांच हजार रुपये का निकासी कर लेने की प्राथमिकी मंगलवार को ओपी में दर्ज करायी गयी। प्राथमिकी के अनुसार हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मटियरिया के नगीना राम 27 मार्च को अरेराज मुख्य चौक स्थिति एसबीआई के एटीएम से रुपये का निकासी करने गए। ट्रांजेक्शन फेल हो गया और राशि की निकासी नहीं हो सकी। उसी दिन शाम में पांच हजार रुपये का निकासी होने का मैसेज प्राप्त हुआ। आवेदक को जानकारी हुई कि एटीएम मशीन में उसके पीछे खड़े व्यक्ति ने मदद करने के नाम पर उसका एटीएम कार्ड बदल लिया। इसको लेकर कस्टमर केयर को कॉल कर ट्रांजेक्शन बंद करने को कहा गया। परन्तु ट्रांजेक्शन बन्द नहीं हो सका। लेकर आवेदक ने एटीएम कार्डधारी व खाताधारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया। जिसकी पुष्टि ओपीध्यक्ष ने की।

बैटरी चालित ट्राइसाइकिल के लिए समाज कल्याण विभाग के वेबसाइट पर प्राप्त 57ऑनलाइन आवेदनों की स्क्रीनिंग की गई। डीएम शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में आहूत बैठक में अंतिम चरण के सभी आवेदनों पर निर्णय लेते हुए 42 आवेदन को स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। जबकि 15 अपात्र आवेदनों को अस्वीकृत किया गया। इस प्रकिया में प्रथम आओ प्रथम पाओ के आधार पर लाभुकों का चयन किया गया। सहायक निदेशक दिव्यांगजन सशक्तीकरण द्वारा कमिटि के सभी सदस्यों को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल की पात्रता के बारे में अवगत कराया गया। साथ ही सभी आवेदनों का जांच रिपोर्ट को अवलोकन के लिए कमिटि के सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किया। जिले के निर्धारित लक्ष्य 353 के विरुद्ध शत- प्रतिशत आवेदन की स्वीकृति दी जा चुकी है। गठित कमिटि द्वारा प्रथम चरण में 91, द्वितीय चरण में 118, तृतीय चरण में 102 व अंतिम चरण में 42 पात्रता पूर्ण करने वाले आवेदनों की स्वीकृति दी गयी। प्रखंडवार लाभुकों की संख्या है 353 जिले के 27 में 26 प्रखंडों के 353 लाभुकों की संख्या है जिनको इस योजना के लिए स्वीकृति दी गयी है। इसमें आदापुर 5,अरेराज 17, बंजरिया 6, बनकटवा 11, चकिया 20,छौड़ादानो 3,चिरैया 14, ढाका 10, घोड़ासहन 33, हरिसिद्धि 26, कल्याणपुर 18, केसरिया 4, कोटवा 15,मधुबन 13,मेहसी 15,मोतिहारी 14,पहाड़पुर 20,पकड़ीदयाल 12,पताही 18,फेनहारा 16, रामगढ़वा 8, रक्सौल 21,संग्रामपुर 1, सुगौली 17,तेतरिया 10 व तुरकौलिया प्रखंड में 6 लाभुकों की संख्या है। सहायक निदेशक शिवेन्द्र कुमार ने बताया कि एलिम्को से बैट्री चालित ट्राइसाइकिल प्राप्त होते ही इसका वितरण किया जाएगा । बताया कि वैसे दिव्यांगजन जो किसी कारणवश अभी तक आवेदन नहीं कर सके हैं, वे विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। मौके पर उप विकास आयुक्त समीर सौरभ, अपर समाहर्त्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजकिशोर लाल, सिविल सर्जन डॉ. अंजनी कुमार, रेडक्रॉस प्रतिनिधि आदि थे।

जल जीवन हरियाली से जिले में कुओं के जीर्णोद्धार पर करीब नौ करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं। लेकिन गर्मी की शुरूआती दौर में ही अधिकांश कुओं में पानी नहीं है। जिले में 2262 कुओं के जीर्णोद्धार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरूद्ध 1390 कुओं का जीर्णोद्धार किया गया है। जबकि 389 कुओं का जीर्णोद्धार की प्रक्रिया चल रही है। प्रति कुआं के जीर्णोद्धार पर 62 हजार 700 रुपये खर्च करना है। यह राशि पंचायतों को दी गयी है। ग्रामीणों का कहना है कि कुओं का रंग रोगन तो कर दिया गया लेकिन इसकी उड़ाही नहीं की गयी,जिससे कुओं में पानी नहीं निकला। पानी नहीं निकलने से कुआं महज शो पीस बनकर रह गये हैं। हालांकि कुछ जगह कुओं का उपयोग हो रहा है। लेकिन इसका अधिक काम पेयजल के बदले दूसरे काम में लिया जाता है। जल जीवन हरियाली के तहत कुओं का जीर्णोद्धार होने से भूगर्भ जलस्तर में वृद्धि होती। लेकिन जब कुओं में पानी ही नहीं है तो जल जीवन हरियाली के उद्देश्यों से यह योजना भटकती नजर आ रही है। हालांकि जिला पंचायत राज विभाग के अनुसार सूखे कुओं की उड़ाही कराना अनिवार्य है। इसको लेकर निर्देश दिये जाएंगे।

थाना क्षेत्र के मंगलापुर गांव में बुधवार दोपहर में खाना बनाने के बाद चूल्हे में बचे आग के अवशेष से आग लगने से चार लोगों का घर जलकर राख हो गया। आग से एक गाय के बछड़े व भैंस की जलने से मौत हो गई। वहीं एक गाय बुरी तरह झुलस गई। आग से सबसे अधिक क्षति रामबाबू यादव को हुई। घर में रखा दस हजार नगदी, आभूषण व खाद्यान्न सब जलकर राख हो गया। आग से सुनेश्वर यादव, राजेश यादव, राजू यादव का घर जल गया। ग्रामीण आग बुझाने का प्रयास कर रहे थ। सूचना पर पहुंचे अग्निशामन टीम ने आग पर काबू पाया। अंचलाधिकारी सुरेश पासवान ने बताया कि अग्नि पीड़ितों को आपदा के तहत सहायता के लिए राजस्व कर्मचारी से जांच प्रतिवेदन की मांग की गई है। जिप सदस्य पंकज कुमार द्विवेदी ने प्रशासन से अग्नि पीड़ितों को जल्द सहायता राशि देने की मांग की है।

रबी विपणन मौसम 2023-24 अंतर्गत सरकार के द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आगामी 20 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी। आगामी 31 मई तक गेहूं खरीद की अंतिम तिथि निर्धारित की गयी है। सहकारिता विभाग के माध्यम से पंचायत स्तर पर पैक्स व प्रखंड स्तर पर व्यापारमंडल के द्वारा किसानों से गेहूं की खरीदारी की जाएगी। गेहूं खरीद के बाद एसएफसी के द्वारा इसका भंडारण किया जाएगा। क्रय केन्द्र पर बेचने के लिए किसानों को सहकारिता विभाग के पोर्टल पर निबंधन कराना अनिवार्य किया गया है। इसमें रैयत व गैर रैयत दोनों प्रकार के किसान ऑनलाइन निबंधन करा सकते हैं। सरकारी स्तर पर गेहूं खरीदारी के लिए निर्देश जारी किया गया है। लेकिन जिला स्तर पर अभी इस संबंध में लक्ष्य का निर्धारण नहीं किया गया है। डीसीओ आरएन पांडेय ने बताया कि गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित कर गेहूं खरीद का निर्देश प्राप्त हुआ है।

मोतिहारी नरसिंह बाबा मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रामचरितमानस यज्ञ व श्री राम कथा के पांचवें दिवस का आगाज बांदा चित्रकूट से पधारे संगीत मंडली के भगवत भजन से हुआ। तत्पश्चात कथावाचक डॉ. रामगोपाल तिवारी ने जनकपुर के पुष्पवाटिका प्रसंग से राम कथा का प्रारंभ करते हुए बताया कि गुरु विश्वामित्र की आज्ञा के बाद राम जी और लक्ष्मण जी जब पुष्प वाटिका का भ्रमण/अवलोकन कर रहे थे तो वहां राम जी ने सीता जी को और सीता जी ने राम जी को देखा। रामजी ने सीता जी को देखकर लक्ष्मण जी से कहा कि यही महाराज विदेह की कन्या है, जिसे देखकर मन में अनेक विचार आ रहे हैं । इस प्रसंग की तात्विक विवेचना करते हुए उन्होंने बताया कि राम ज्ञान है, लक्ष्मण जी वैराग हैं, और सीता जी माया हैं । मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने अपनी मर्यादा की रक्षा के लिए अपने मन पर के क्षोभ को बैराग के समक्ष प्रस्तुत कर दिया। उन्होंने बताया कि रामजी स्वयं ज्ञान स्वरूप हैं अथवा उन्होंने ताड़का रूपी क्रोध पर विजय प्राप्त कर लिया। कथावाचक ने शिव के धनुष का अर्थ प्रस्तुत करते हुए बताया कि अंत चतुष्टय में विराट पुरुष के चंद्रमा मन है, ब्रह्मा बुद्धि हैं, विष्णु चित्त हैं, तथा शिव अहंकार के प्रतीक होते हैं। इस प्रसंग को और विस्तार देते हुए उन्होंने विवेचना किया कि विशुद्ध भक्ति की प्राप्ति के लिए मन बुद्धि और चित्त की निर्मलता आवश्यक है, किंतु अहंकार का टूटना अनिवार्य है। रामकथा का संचालन प्रो.रामनिरंजन पांडेय ने किया। इस अवसर पर भोलानाथ सिंह, अवध किशोर द्विवेद्वी, कामेश्वर सिंह, संजय कुमार तिवारी, ठाकुर साह व अरुण प्रसाद सहित अनेक रामभक्त थे।

सीमायी शहर रक्सौल के नालों से बहकर सरिसवा नदी में गिरने वाले गंदा पानी की समस्या से अब निजात मिलनेवाली है। इसके लिए विभागीय स्तर पर कवायद शुरू कर दी गई है। नगर परिषद प्रशासन ने इसके लिए बुडको के माध्यम से सरिसवा नदी किनारे दो जगहों पर सिवरेज ट्रीटमेंट लगाने का निर्णय लिया है। बुडको के माध्यम से प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजा गया था। विभाग द्वारा नमामि गंगे मिशन प्रोजेक्ट के तहत इसके निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। विभाग द्वारा स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरा होते ही निर्माण कार्य भी आरंभ कर दिया जाएगा। इससे जहां एक ओर सरिसवा नदी के पानी को प्रदूषित होने से मुक्ति मिलेगी। वहीं गंदा पानी गिरने से होने वाले वायुमंडलीय प्रदूषण से निजात भी मिलेगी। छठिया व पीपरा घाट में लगेंगे एसटीपी शहर के सरिसवा नदी किनारे छठिया घाट पर 5 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी लगाया जाएगा। यहां पांच लाख प्रतिदिन क्षमता का पंपिंग स्टेशन भी स्थापित किया जाएगा। पंपिंग स्टेशन से पानी का स्टॉक कर एसटीपी से जलशोधन किया जाएगा। वहीं पीपरा घाट पर 7 एमएलडी यानी सात लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। साथ ही 7 एमएलडी क्षमता वाले पंपिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा। दोनो पंपिंग स्टेशन छठिया घाट पर कार्यरत रहेंगे। ताकि गंदे पानी का शोधन कर सरिसवा नदी में गिराया जा सके। जिसके निर्माण पर करीब 60 करोड़ 30 लाख रुपये की खर्च आनी है। पूर्व में चार एसटीपी लगाने का भेजा गया था प्रस्तावशहर के लिए पूर्व में चार एसटीपी स्थापित करने का प्रस्ताव बुडको के माध्यम से विभाग को भेजा गया था। लेकिन विभाग ने इसमें संशोधन करते हुए दो एसटीपी लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। वर्तमान में क्या है स्थिति शहर में हाल के दिनों में मोहल्लेवासियों के घरों से निकलने वाले गंदे पानी का जमाव नालों में होता है। नालों की उड़ाही सही ढंग से नहीं होने के कारण जाम पड़े नालों से पानी का निस्तारण नहीं हो पाता है। जिसके कारण बजबजाती नालियों के गंदे पानी का बहाव सड़कों पर होता है। जिससे मोहल्लेवासियों सहित राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। स्थिति यह है कि कई तरह की घातक बीमारियों के फैलने की भी आशंका बनी रहती है। लेकिन इसकी चिंता न तो नप प्रशासन को ही है और ना ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ही। कहते हैं अधिकारी बुडको मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता गजेन्द्र पासवान का कहना है कि रक्सौल में दो एसटीपी निर्माण की स्वीकृति मिली है। टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरा कर निर्माण कार्य शुरू होगा।

local updatesस्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर एईएस/जेई रोग के रोक थाम हेतु युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है।मस्तिष्क ज्वर/चमकी बुखार पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए रक्सौल अनुमंडल अस्पताल में छह बेड का वातानुकूलित व सुविधायुक्त एईएस/जेई वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दो किट उपलब्ध कराया गया है। चिकित्सकीय उपकरण,कन्संट्रेटर , जीवन रक्षक दवा आदि उपलब्ध कराया गया है। मेडिकल टीम की तैनाती 24 गुने 7 है।विभाग इसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रही है।इसी बीच बुधवार को जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ शरत चन्द्र शर्मा ने एईएस/जेई वार्ड का औचक निरीक्षण किया।इस दौरान वे अस्त व्यस्त स्थिति देख कर भड़क गए और उपस्थित पदाधिकारियों ,स्वास्थ्यकर्मियों की क्लास लगाई।मौके पर नोडल पदाधिकारी डॉ अनमोल कुमार भी उपस्थित नहीं थे। उन्होंने वार्ड में उपलब्ध सुविधा का जायजा लिया।

रक्सौल स्थित अनुमंडलीय अस्पताल के एलटी पैनल रूम में अचानक आग लग गई। अगलगी से अफरातफरी और भगदड़ मच गई। बताया गया कि अस्पताल में वाटर टैंक में सप्लाई के लिए पैनल रूम में लगे मोटर पंप के समर सेबल और स्टार्टर में अचानक आग लग गई।आग लगने के बाद आनन फानन में आग पर काबू का प्रयास शुरू हुआ,जिसे अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर राजीव रंजन,यूनिसेफ के बीएमसी अनिल कुमार,एम एन ई प्रकाश कुमार देख रेल में अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी ,गार्ड समेत जेनरेटर संचालक लड्डन के प्रयास से काफी मशक्कत के बाद करीब घण्टे भर बाद काबू पाया जा सका।अस्पताल के अग्नि शामक यंत्र के प्रयोग से आग काबू में आ गया। कहा जा रहा है कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नही होता,तो बड़ा हादसा हो सकती थी।सूत्रों के मुताबिक,गुणवता हीन उपकरण के कारण 440होने से आग लगी।वहीं,पैनल रूम में एसी या एडजस्ट फैन भी नहीं लगा है।