सीमायी शहर रक्सौल के नालों से बहकर सरिसवा नदी में गिरने वाले गंदा पानी की समस्या से अब निजात मिलनेवाली है। इसके लिए विभागीय स्तर पर कवायद शुरू कर दी गई है। नगर परिषद प्रशासन ने इसके लिए बुडको के माध्यम से सरिसवा नदी किनारे दो जगहों पर सिवरेज ट्रीटमेंट लगाने का निर्णय लिया है। बुडको के माध्यम से प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजा गया था। विभाग द्वारा नमामि गंगे मिशन प्रोजेक्ट के तहत इसके निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। विभाग द्वारा स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरा होते ही निर्माण कार्य भी आरंभ कर दिया जाएगा। इससे जहां एक ओर सरिसवा नदी के पानी को प्रदूषित होने से मुक्ति मिलेगी। वहीं गंदा पानी गिरने से होने वाले वायुमंडलीय प्रदूषण से निजात भी मिलेगी। छठिया व पीपरा घाट में लगेंगे एसटीपी शहर के सरिसवा नदी किनारे छठिया घाट पर 5 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी लगाया जाएगा। यहां पांच लाख प्रतिदिन क्षमता का पंपिंग स्टेशन भी स्थापित किया जाएगा। पंपिंग स्टेशन से पानी का स्टॉक कर एसटीपी से जलशोधन किया जाएगा। वहीं पीपरा घाट पर 7 एमएलडी यानी सात लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। साथ ही 7 एमएलडी क्षमता वाले पंपिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा। दोनो पंपिंग स्टेशन छठिया घाट पर कार्यरत रहेंगे। ताकि गंदे पानी का शोधन कर सरिसवा नदी में गिराया जा सके। जिसके निर्माण पर करीब 60 करोड़ 30 लाख रुपये की खर्च आनी है। पूर्व में चार एसटीपी लगाने का भेजा गया था प्रस्तावशहर के लिए पूर्व में चार एसटीपी स्थापित करने का प्रस्ताव बुडको के माध्यम से विभाग को भेजा गया था। लेकिन विभाग ने इसमें संशोधन करते हुए दो एसटीपी लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। वर्तमान में क्या है स्थिति शहर में हाल के दिनों में मोहल्लेवासियों के घरों से निकलने वाले गंदे पानी का जमाव नालों में होता है। नालों की उड़ाही सही ढंग से नहीं होने के कारण जाम पड़े नालों से पानी का निस्तारण नहीं हो पाता है। जिसके कारण बजबजाती नालियों के गंदे पानी का बहाव सड़कों पर होता है। जिससे मोहल्लेवासियों सहित राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। स्थिति यह है कि कई तरह की घातक बीमारियों के फैलने की भी आशंका बनी रहती है। लेकिन इसकी चिंता न तो नप प्रशासन को ही है और ना ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ही। कहते हैं अधिकारी बुडको मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता गजेन्द्र पासवान का कहना है कि रक्सौल में दो एसटीपी निर्माण की स्वीकृति मिली है। टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरा कर निर्माण कार्य शुरू होगा।
