बिहार राज्य के जमुई ज़िला के गिद्धौर प्रखंड के ग्राम स्वजना से 30 वर्षीय अरुण कुमार,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के जीवन को बदलने के लिए उनमे सामाजिक रूप से जागरूकता लाने की आवश्यकता है। समाज के लोगों का यह रोल ज़रूरी है
बिहार राज्य के जमुई ज़िला के गिद्धौर प्रखंड के ग्राम स्वजना से 19 वर्षीय सुजीत प्रकाश यादव ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मानसिक रूप से जो व्यक्ति बीमार होते है उसका इलाज लोगों के दिमाग में है की बहुत महंगा है और इसकी व्यवस्था सरकारी अस्पताल में नहीं है। अगर सरकारी अस्पताल में इलाज की व्यवस्था की जाए तो गरीबों को राहत हो सकता है।
बुलिंग का सामना करना कोई आसान काम नहीं होता हमारे समाज में कई ऐसे लोग हैं जो इसका शिकार है क्या आपने या आपके किसी जानने वाले ने कभी अपने जीवन में बुलिंग का सामना किया है ? आखिर क्या वजह है कि हमारे समाज में बुलिंग जैसी समस्या मौजूद है और लोग इस समस्या से जूझने के लिए मजबूर होते हैं ? अगर कोई व्यक्ति इस समस्या से जूझ रहा है तो ऐसी स्थिति में वह खुद को इससे बाहर निकालने के लिए क्या कर सकते हैं ? और बुलिंग जैसी समस्या को समाज से मिटाने के लिए सामुदायिक स्तर पर किस तरह की पहल की जा सकती ?
बिहार राज्य के जमुई ज़िला के गिद्धौर प्रखंड से 18 वर्षीय सृष्टि कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी दे रही हैं की लडकियां मासिक के दौरान या पहले चिड़चिड़ी खून की कमी के कारण होती हैं
गांव आजीविका और हम कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री जीब दास साहू उन्नत विधि से धान की खेती और बिचड़ा के हैंडलिंग की जानकारी दे रहें हैं।
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बिहार राज्य के जमुई ज़िला के गिद्धौर प्रखंड से महेंद्र मांझी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहते हैं कि प्रसव के बाद महिलायें डिप्रेशन में क्यों आ जाती है ? आर्थिक तंगी या खून की कमी के कारण ऐसा होता है ?
आज के समय में लोगो आख़िरकार इतने ज़्यादा अकेलेपन का शिकार क्यों हो जाते है ? वे कौन से वजह होते हैं कि लोग साथ साथ होते हुए भी अपनी मन की बात एक दूसरे तक नहीं पहुचा पते है ? अपने परिवार और अपनों को इस अकेलेपन से दूर रखने के लिए आप अपने स्तर पर क्या करना चाहेंगे ?
बिहार राज्य के जमुई ज़िला के गिद्धौर प्रखंड के रतनपुर से 25 वर्षीय गौतम कुमार , मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि इनके गाँव में युवा , बच्चे अक्सर मानसिक रूप से बीमार नज़र आते है। सोशल मीडिया ,दोस्तों के बीच प्रतिस्पर्धा ,साथियों के दबाव के कारण बच्चों में तनाव दिखता है।आर्थिक तंगी और गरीबी भी बच्चों और युवाओं में तनाव का कारण बनता है
बिहार राज्य के जमुई ज़िला के गिद्धौर प्रखंड के रतनपुर से 30 वर्षीय पूनम कुमारी , मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि इनके गाँव क्षेत्र में बच्चे परीक्षा ,प्रतियोगिता और अच्छे अंक लाने के दबाव के कारण मानसिक रूप से बीमार पड़ते है।
