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दिल्ली से ममतेश मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं और बेटियों को जमीन में हक मिलना चाहिए ।

कल के नेता, आज की आवाज़” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक आह्वान है—युवाओं के लिए, समाज के लिए और नीति निर्माताओं के लिए। यदि युवाओं को सही दिशा, प्रशिक्षण और अवसर दिए जाएं, तो वे भूमि न्याय के आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। भविष्य का भारत तभी सशक्त और न्यायपूर्ण होगा, जब आज की युवा आवाज़ भूमि पर समान अधिकार की मांग को मजबूती से उठाएगी। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *--- “हम अपने परिवार और समाज में ऐसी कौन-सी पहल कर सकते हैं, जिससे महिलाओं को ज़मीन में बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित हो? *--- “अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”

दिल्ली से श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहती हैं कि क्या बढ़ते बच्चों में आत्मविश्वास की कमी से उनके मानसिक स्थिति पर असर पड़ता है?

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मध्य प्रदेश राज्य के उमरिया जिला के बांधवगढ़ तहसील से शिव कुमार यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को सशक्त होना चाहिए। महिलाओं से उनका अधिकार छीना जा रहा है। महिलाओं को नौकरी भी नहीं मिलता है। महिलाओं के साथ शोषण हो रहा है

दिल्ली से रिंकू ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ऐसा नही है लोग महिलाओं को सम्पत्ति नही देना चाहते हैं।पति के देहांत के बाद देवर और जेठ खेत,घर और सम्पत्ति हड़प लेते हैं। तो ऐसी स्थिति में महिलाओं को अपने हक़ के लिए आवाज उठानी पड़ती है।जरुरत पड़ने पर किसी वकील से मिलकर कानून का सहारा भी ले सकती हैं।