मध्य प्रदेश राज्य के उमरिआ जिला से शिव कुमार यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि सरकार को भेदभाव नही करना चाहिए।रजिस्ट्री महिलाओं का हक़ है। यदि महिलाओं का जमीन में मालिकाना हक़ है तो बिना रजिस्ट्री के नाम कागज में चढ़ाना चाहिए

दिल्ली से रिंकू मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को प्रॉपर्टी में अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं को संपत्ति में कम अधिकार मिलता है ज्यादा नहीं अधिकार नहीं मिलता है। महिलाएं भी अपने अधिकारों का सही से इस्तेमाल करती हैं

दिल्ली से गीता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि लड़कियों को संपत्ति में अधिकार नहीं मिलना चाहिए

भारत में खेती से जुड़ें कामों में महिलाओं की भागीदारी 70% के लगभग है जबकि वास्तिविकता में यह 15 प्रतिशत के करीब आती है सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 30% महिलाओं को ही “किसान” के तौर पर जाना जाता है. यह भारत में कामकाजी महिलाओं का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा खेती और उससे जुड़े कार्यों में लगा हुआ है.

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मध्य प्रदेश राज्य के उमरिया जिला से शिव कुमार यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि जब तक महिलाओं के खिलाफ कोई अधिकारी नियुक्त नहीं रहेगा हर पंचायत में एक नोडल ऑफिसर होता है जिसमें महिला ही प्रशिक्षण दिलाती है लेकिन नाम मात्र के लिए रखा जाता है एक महीने में एक दिन आती हैं। उनको मास्टर ट्रेनर बना के सभी पंचायतों में बैठक करके उनको प्रशिक्षण दिलाया जाए ताकि अपने अधिकार के प्रति जागरूक हो अगर ये करवाया जाता तो महिला पीछे न रहती पर उनको नियम कानून के बारे में नहीं बताया जाता है।

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मध्य प्रदेश राज्य के नर्मदापुरम से राकेश कुमार यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को सम्पत्ति का अधिकार देना बिलकुल सही है। मगर इसके दूसरे पहलू को भी देखना चाहिए। जैसे यदि कोई विधवा महिला दूसरी शादी कर के अपना नया जीवन शुरू करना चाहती है और दूसरे घर चली जाती है,तो इस परिस्थिति में उसके पहले ससुराल से प्राप्त सम्पत्ति ऑटोमेटिक छीन जानी चाहिए। यदि ऐसा नही हुआ तो पहले ससुराल वालों के साथ अन्याय होगा।लेकिन बहु विधवा होने के बाद अपने ससुराल में रहती है तो उसे सम्पत्ति का अधिकार जरूर मिलना चाहिए

मध्य प्रदेश राज्य के उमरिआ जिला से शिव कुमार यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं के नाम जमीन के दस्तावेज कर दिए जाने की बात की जाती है।लेकिन महिलाएं एक घर से दूसरे घर चली जाती हैं तो परिवार को दिक्कत हो जाती है।महिलाएं अपना दायित्व नही समझती हैं और अपने नाम के जमीन होने का दुरूपयोग करती हैं।कई पंचायतों में ऐसे दुरूपयोग के मामले सामने आए हैं