दिल्ली के जहांगीरपुरी से दुर्गेश ने मोबाइल वाणी के माध्यम से ममतेश के साथ साक्षात्कार लिया। ममतेश ने बताया कि ये चार भाई-बहन हैं। दो भाई और दो बहन हैं। इनकी मम्मी का देहांत 2020 में हुआ था।मृत्यु से पहले इनकी मम्मी ने सम्पत्ति का बंटवारा कर दिया था। बंटवारे के अनुसार इनके भाइयों के नाम दिल्ली के दो घर एवं ममतेश और उनकी बहन के नाम गांव के घर मिले।इनको और इनकी बहन को बहुत अच्छा लगता है यह सोच कर कि इन्हें भी पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा मिला है।सम्पत्ति मिलने से इनका भविष्य सुरक्षित हो गया है।साथ ही कभी बच्चों को लेकर घूमने -फिरने का मन करता है तो,ये सबको लेकर गांव चली जाती हैं।
क्या आपके गाँव या मोहल्ले में किसी महिला ने अपने नाम पर जमीन या घर के कागज़ बनवाने की कोशिश की है? क्या उसका जीवन बदला? क्या परिवार का व्यवहार बदला? क्या बेटियों और बहुओं का नाम जमीन और घर के कागज़ में होना चाहिए? कैसे परिवार मजबूत होगा? आपकी राय भले ही पक्ष में हो विपक्ष में अपनी राय जरूर रिकार्ड करें। राय रिकॉर्ड करने के लिए अपने फोन से 3 नंबर का बटन दबाएँ या मोबाइल वाणी ऐप में लाल बटन दबाकर अपनी बात रिकॉर्ड करें।
दिल्ली के जहांगीरपुरी से श्रमिक वाणी रिपोर्टर सुनीता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से 65 वर्षीय मिथलेश से साक्षात्कार लिया।मिथलेश ने बताया कि इनकी संतान नहीं हुई तो इनके पति ने दूसरी शादी कर ली।जिसके बाद इन्होने अपनी बहन की बेटी को गोद ले लिया और जब इनकी बहन की बेटी बड़ी हो गई तो किसी मुस्लिम लड़के से विवाह कर लीं और इनको घर से निकाल दिया। अब मिथिलेश किराए के घर में रही हैं। मिथलेश की मुलाक़ात मोबाइल वाणी में कार्यरत दुर्गेश से हुई और वह अपने साथ घटी घटनाओं को दुर्गेश के साथ साझा किया। जिसके बाद दुर्गेश ने इनकी मदद की और कोर्ट से इनका सारा सामान और प्रॉपर्टी वापस कराया। आज वह खुद के प्रॉपर्टी में रह रही हैं। इसके लिए इन्होने दुर्गेश को धन्यवाद दिया।
दिल्ली के जहांगीरपुरी से श्रमिक वाणी रिपोर्टर रुक्मिणी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सबीना से साक्षात्कार लिया।सबीना ने बताया कि इनकी शादी हुए दस से बारह साल हो गए हैं।इनके ससुराल वाले इनको बहुत परेशान करते थे।साथ ही पति भी मारपीट करते थे। ससुराल से प्रताड़ित होकर सबिना मायके आ गई। मायके में को इनको भाइयों का साथ मिला। भाइयों ने बहुत मदद की और एक फ्लोर रहने के लिए दे दिया। वर्तमान में ये अपनी बेटी के साथ वहां रहती हैं।मोबाइल वाणी में कार्यरत दुर्गेश मैम ने इनकी मुसीबत में बहुत मदद की।हर संभव सहायता और सपोर्ट उपलब्ध करवाया इसके लिए इन्होने दुर्गेश को धन्यवाद दिया।
मध्य प्रदेश राज्य के उमरिआ जिला से शिव कुमार यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को शोषण से बचने के लिए अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। क्योंकि नियुक्त अधिकारियों को महिला कानूनों और सुविधाओं की जानकारी नही होती है।
दिल्ली से मेराज ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को भी जमीनी में अधिकार मिलना चाहिए। प्रोपर्टी में हिस्सा मिलना चाहिए।ताकि वो अपने बच्चों को लेकर आगे बढ़ें
राजस्थान राज्य के जयपुर से विजय शर्मा ने मोबाइल वाणी के माध्यम बताया कि भाई और बहनों के बीच सम्पत्ति का बंटवारा होना चाहिए।बच्चों शादी से पहले ही बंटवारा कर देना चाहिए।ताकि शादी के बाद बेटी को मांगने की नौबत ना आए और सम्पत्ति बंटवारा को लेकर भाई-भाभी के साथ रिश्ता ख़राब हो जाए
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मध्य प्रदेश राज्य के ग्वालियर से सत्यवीर ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को सम्पत्ति में अधिकार देकर सशक्त बनाना चाहिए। ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहे। ज्यादातर घरों में लड़कियों को उनका अधिकार नही दिया जाता है।लड़के और लड़की के बीच भेदभाव किया जाता है। मगर इनके यहां ऐसा नही है। इनके घर में लड़कियों को हिस्सा दिया जाता है। साथ ही इनको अफ़सोस है कि इनकी कोई बहन नही है।
मध्य प्रदेश राज्य के उमरिया जिला से शिव कुमार यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को स्वामित्व योजना का लाभ नहीं मिलता है। ग्रामीण क्षेत्र में जो अधिकारी होते हैं उनको पहले प्रशिक्षण देना चाहिए
