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उत्तरप्रदेश राज्य के चित्रकूट जिला से अरूण यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि चित्रकूट मोबाइल वाणी पर भी रफ़ी की डायरी प्रस्तुत किया जाना चाहिए क्यूँकि रफ़ी की डायरी बहुत अच्छा लगता है

-रेलवे पास कैसे बनवाते है ? -विकलांग पेंशन का फॉर्म कहा से मिलेगा ? --इन प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

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सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

उदास होने पर हंसा देती है माँ नींद नहीं आने पर सुला देती है माँ मकान को घर बना देती है माँ खुद भूखी रह कर भी बच्चों का पेट भर्ती है माँ जी हां दोस्तों, माँ होती ही ऐसी हैं और माँ का इसी त्याग, समर्पण और प्यार पर समर्पित है मदर्स डे यानि मातृत्व दिवस। आज के दौर में यह दिन हर माँ के सम्मान में मनाया जाता है। आइये जानते हैं मदर्स डे मनाने की परंपरा की शुरुआत कब और कैसे हुई। दरअसल मदर्स दे 20वीं सदी की शुरुआत में अन्ना जार्विस द्वारा स्थापित किया गया था, जो उनकी अपनी मां के मानवीय कार्यों के प्रति समर्पण से प्रेरित था।1914 में , राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका में मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे के रूप में नामित किया, जिसे बाद में अन्य देशों ने अपनाया। साथियों,एक और खास बात यह है कि हर साल मातृ दिवस का एक अलग थीम होता है और इस बार का थीम है "सेलिब्रेटिंग मदरहुड: ए टाइमलेस बॉन्ड". मदर्स डे ना सिर्फ मां को समर्पित है बल्कि उनके त्याग, बच्चों के लिए समर्पण और खुद से ज्यादा बच्चों के लिए प्रेम की सराहना भी करता है.मां और बच्चे का रिश्ता हर रिश्तों से बड़ा होता है. साथियों, मोबाइल वाणी के पुरे परिवार की ओर से आप सभी को मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं । धन्यवाद !!

दिल्ली आईएमटी मानेसर से राम करण श्रमिक वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि ऐसी सरकार चुनें जो आपको रोटी कपड़ा और मकान दे सके। इस लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली से श्रमिक वाणी संवाददाता और रामकरण हूं। हमें किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए और चुनाव का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए । लोभी ना बनें , क्योंकि यह चुनाव हमारा और हमारे बच्चों का भी भविष्य तय करेगा। अगर गाँव का भविष्य तय करेगा तो हमें समझदारी से वोट देना चाहिए ताकि सरकार आपको कपड़ा व घर दे सके। सरकार चुनें क्योंकि अगर आप आज पूरे भारत को देखें तो आजकल व्यवसाय और सरकारी विभाग फाइबर ग्लास बन गए हैं। कोई अलग नौकरी नहीं है और सुशिक्षित लोग आज बेरोज़गारी में घूम रहे हैं , इसलिए हमें मंथन करना होगा, सोचना होगा, दिल से सोचना होगा ।

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भारत 1998 में एक उभरती परमाणु शक्ति बन गया था, जिसके पीछे का कारण था 11 मई 1998 को हुआ परमाणु परिक्षण. भारत ने अपना सबसे ताकतवर परमाणु परीक्षण की बड़ी सफलता को हासिल करने के बाद भारत के प्रधानमंत्री ने 11 मई 1999 को ही नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाने की घोषणा की . इस पूरे परीक्षण को अंजाम देने के पीछे महान वैज्ञानिक अब्दुल कलाम का हाथ था.तकनीक हमारा एक ऐसा अभिन्न अंग बनता जा रहा है जिसके बिना हमारे भविष्य की कल्पना करना नामुमकिन है. लेकिन इसके लिए हमे संतुलन एवं जागरूकता की भी आवश्यकता है, जिसके लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का आयोजन एक तरह का अच्छा प्लेटफार्म है. मोबाइल वाणी के पुरे परिवार की और से आप सभी को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

झारखण्ड राज्य से विजय कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि जो हमारे समाज को आगे बढ़ा सके हमे उसे ही वोट देना चाहिए