फरीदाबाद जिला के मिलाड कॉलोनी से राम सेही ने श्रमिक वाणी के माध्यम से बताया कि जब वे कम्पनी काम करने जाते हैं वहां पर उनका वेतन आधा दिया जाता है। साथ ही उनकी ईएसआई कार्ड भी नहीं है। इसलिए वे चाहते हैं कि उनकी ईएसआई कार्ड बने ताकि सरकार द्वारा दिया जाने वाला लाभ उन्हें मिल सके।

फरीदाबाद के मिलाड कॉलोनी से श्रमिक वाणी के माध्यम से रमा ने बताया कि वे ईएसआई में अपने बच्चों का इलाज करवाने जाती हैं। वहां उन्हें बहुत लम्बा लाइन लगाना पड़ता है। जिसके कारण उन्हें बहुत दिक्क्त होती है .

फरीदाबाद जिला के मिलाड कॉलोनी से संध्या श्रमिक वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि वे ईएसआई जाती हैं तो उन्हें छुट्टी लेनी पड़ती है। इससे उन्हें परेशानी होती है क्योंकि वे एक मध्यम वर्गीय परिवार से हैं काम नहीं करेंगे तो क्या खायेंगे। इसके लिए उन्हें मदद की जरूरत है।

फरीदाबाद के मिलाड कॉलोनी से श्रमिक वाणी के माध्यम से दिव्या बता रही हैं कि वे ईएसआई जाती हैं तो वहां पर उन्हें लम्बी लाइन लगानी पड़ती है। फिर भी उन्हें दवाई नहीं मिलती है। इसके लिए उन्हें मदद चाहिए

फरीदाबाद के मिलाड कॉलोनी से श्रोता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ईएसआई में लम्बी लाइन लगती है,दवाएं नही मिलती है और बुरा व्यवहार कर के भगा देते हैं।

फरीदाबाद के मिलाड कॉलोनी से ममता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ये ईएसआई में इलाज के लिए काम से छुट्टी लेती हैं।इसका पैसा कंपनी या ईएसआई के तरफ से नही मिलता है।

राम नगर से सुनीता मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही है कि जब वो ईएसआईसी के अस्पताल में इलाज करवाने के लिए जाती है, तो उन्हें लंबी लंबी तारीख दी जाती है

फरीदाबाद के मिलाड कॉलोनी से वंदना ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि एमरजेंसी टेस्ट,जैसे - एक्स-रे,अल्ट्रासाउंड,इत्यादि के लिए ईएसआई में लम्बी डेट दी जाती है। इस वजह से जरुरी टेस्ट प्राइवेट में कराना पड़ता है।प्राइवेट में टेस्ट करवाने से बहुत पैसे खर्च हो जाते हैं और कंपनी से छुट्टी भी हो जाती है।

फरीदाबाद के मिलाड कॉलोनी से वर्षा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इनको ईएसआई से बहुत समस्या होती है। गर्भवती को अल्ट्रासाउंड के लिए तीन महीने का समय देते हैं। ये लोग पेशेंट की कोई दिक्कत सुनते ही नही हैं। दवा और डाक्टर को दिखने के लिए बहुत समय लगता है

फरीदाबाद के ऐ सी नगर से निकिता श्रमिक वाणी के माध्यम से बता रही है कि, ईएसआईसी के अस्पताल में कुछ महंगी दवाइयाँ बाहर से लेनी पड़ती है