दिल्ली के आयानगर से राम करण की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से प्रमोद कुमार गुप्ता से हुई। प्रमोद बताते है कि इन्होने गुड़गांव इन्फ़ोसिटी सेक्टर 52 स्थित एक कंपनी में दिसंबर और जनवरी में काम किया है। इन्होने काम छोड़ कर 10 से 12 दिन काम किया था। इन्होने काम छोड़ने पर कंपनी को भी सूचित किया। लेकिन जब फ़रवरी को पैसा लेने गए तो उन्हें नहीं दिया गया।इनका लगभग 6 से 7 हज़ार रूपए कंपनी में फंसा हुआ है। श्रमिक वाणी में ख़बर चलाने के बाद भी कंपनी वाले धमका रहे थे। इन्होने इंडियन लेबर लाइन में भी शिकायत किया था। वहां से कंपनी को पत्र भेजा गया ,ज़वाब आने पर इन्हे सूचित किया गया। फिर चार पांच दिन पहले इंडियन लेबर लाइन से कॉल आया और पैसे के लिए पुछा गया। कंपनी के मालिकिन से संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन बात नहीं हो पाई। श्रमिक वाणी और इंडियन लेबर लाइन से भी प्रयास किया गया लेकिन कोई सफ़लता हाथ नहीं लगी। पैसे माँगने पर धमकी दी जाती है