दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से राजमिस्त्री से हुई। ये बताते है कि पांच सालों से राज मिस्त्री का काम कर रहे है। पहले ग्राम में 400 रूपए मिलता था अब शहर में 600 रूपए दिहाड़ी मिलती है। गाँव में काम कर सकते है लेकिन काम प्रतिदिन नहीं मिलती है। जहाँ काम करने जाते है तो कार्यक्षेत्र में सुरक्षा का पूरा प्रबंध रहता है। हेलमेट ,जूता ,सेफ्टी बेल्ट आदि मिलता है। फर्स्ट ऐड की सुविधा है।चोटिल होने पर मालिक इलाज करवाते है। ये ठेकेदार द्वारा दिहाड़ी पर काम कर रहे है। महीना में इन्हे वेतन मिलता है। कभी वेतन को लेकर समस्या नहीं हुई।अगर बीच में पैसे की ज़रुरत पड़ती है तो ठेकेदार सप्ताह में 2000 रूपए दे देते है। इन्हे 30 दिन काम मिलता है। काम की कोई समस्या नहीं है।
