दिल्ली एनसीआर गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रशाद साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से नेम सिंह से पानी के विषय में चर्चा कर रहे हैं। नेम सिंह बताते हैं कि वे भवन निर्माण का कार्य करते हैं। वे बताते हैं कि वे किराये के घर में रहते हैं। पीने का पानी वे खरीद कर और बाकी कामों के लिए खारा पानी इस्तेमाल करते हैं। खारे पानी का भी उन्हें पैसा देना पड़ता है। महीने में पानी पर 700-800 रूपए खर्च हो जाते हैं। लोगों को मज़बूरी में खारे पानी को इस्तेमाल करना पड़ता है। इस पानी को गर्भवती महिलाएं ,बच्चे ,वृद्ध यदि इस्तेमाल करेंगे तो उनके स्वास्थ्य पर इसका बुरा प्रभाव भी पड़ेगा। महीन में 10-12 पानी के बोतल खरीदने पड़ते हैं
