उत्तरप्रदेश के इटावा से नौमान से साझा मंच के माध्यम से एक मजदुर राम प्रसाद यादव से बात की। उन्होंने बताया कि वो मनरेगा में काम करते थे ,लोगों का कहना था कि ये काम नहीं करते है और लोगों के कहने पर ही इन्हे काम से निकाल दिया गया।