दिल्ली से सोनू साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि सरकार मजदूरों के हित के लिए नहीं सोचती है और केवल सरकार अपनी और कंपनी के हित की ही सोचती है। सरकार द्वारा बनाये गए कानूनों से सिर्फ सरकार और कंपनी को ही फायदा होता है।