हरियाणा राज्य के झज्जर ज़िला के बहादुरगढ़ से सतरोहन लाल कश्यप ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि श्रम क़ानून के तहत जहाँ 20 या उससे अधिक श्रमिक कार्य करते है तो श्रमिकों का ईएसआई ,पीएफ कटना अनिवार्य है ,चाहें ठेकेदारी में हो या कंपनी द्वारा ही नियुक्ति हुई हो। लेकिन देखा जाता है कि अगर कोई कंपनी में 500 श्रमिक है और उनमे से केवल 50 या 60 श्रमिक ही कंपनी के हो तो उनका ही केवल पीएफ व ईएसआई का पैसा कटता है। ठेकेदारी के तहत काम कर रहे मज़दूरों का पीएफ व ईएसआई का पैसा नहीं काटा जाता है। इसलिए इस प्रथा को बंद करनी चाहिए और श्रमिकों का शोषण रोकना चाहिए
