दिल्ली के गुरुग्राम से दीनानाथ चौधरी साझा मंच एक माध्यम से बताते हैं कि लॉक डाउन से पहले लोगों को कंपनियों में रोजगार अच्छे से मिल जाता था और वेतन में भी कटौती नहीं की जाती थी। लेकिन आज कोरोना काल में सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना मजदूरों को ही उठाना पड़ रहा है
