गुरुग्राम से सोनू साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि कम्पनियों में हो रहे श्रमिकों के शोषण के लिए खुद वही ज़िम्मेदार हैं। श्रमिकों के बीच से ही अपने वफ़ादार श्रमिकों को कम्पनियाँ उन श्रमिकों का प्रतिनिधि बनाकर श्रमिकों की जासूसी करवाती हैं। इस स्थिति में सभी श्रमिकों को अपनी सोच बदलने और एक-दूसरे की मदद करने की आवश्यकता है, जिससे किसी श्रमिक भाई का नुक़सान उनकी वजह से न हो।