ये मनोहर लाल कश्यप साझा मंच मोबाइल वाणी के संवाददाता दिल्ली, एनसीआर, बहादुरगढ़, हरियाणा से बता रहे हैं कि लॉक डाउन ख़त्म होने के बाद बहादुरगढ़ में खुली कम्पनियों में पचास प्रतिशत कामगारों से ही काम लिया जा रहा है, वो भी सिर्फ़ आठ घंटे। लेकिन लॉक डाउन से पहले मार्च की महीने में हुए काम का वेतन नहीं दिए जाने की शिकायत एसडीएम, श्रम एवं पुलिस विभाग तक से करने के बाद भी बकाया वेतन नहीं मिला। तो इस बात की क्या गारंटी है कि कम्पनियाँ श्रमिकों से कराए जा रहे काम का कितना और कब वेतन देंगी या फिर नहीं देंगी! सरकार सिर्फ़ अपने अमीर दोस्तों का हाई ध्यान देती है, उसे श्रमिकों की परेशानियों से कोई मतलाब नहीं है।