झारखण्ड राज्य के रांची जिला से रिम्पी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि बदलते मौसम से खेती पर बहुत असर पड़ता है। किसान इन नई परिस्थितियों में अपनी फसल को संभालने के लिए कई तरह की कोशिशें कर रहे हैं, जैसे फसल चक्र में बदलाव किसान अब ऐसी फसलें चुन रहे हैं जो कम पानी में या कम समय में तैयार हो जाये। जल-प्रबंधन पर ज़ोर दिया जा रहा है। टपक सिंचाई और स्प्रिंकलर जैसी तकनीकों से पानी की बचत की जा रही है।मौसम-अनुकूल बीज का प्रयोग अधिक तापमान, सूखा या बाढ़ सहने वाली किस्मों के बीज अपनाए जा रहे हैं। तकनीक का सहारा ले कर फसलों को बचाने का प्रयास किया जाता है। मौसम की जानकारी, मोबाइल ऐप्स और कृषि सलाह सेवाओं से किसान समय पर निर्णय ले पा रहे हैं। मिट्टी की सेहत पर ध्यान जैविक खाद और प्राकृतिक खेती से मिट्टी की नमी और उपजाऊपन बनाए रखने की कोशिश हो रही है। हालाँकि चुनौतियाँ अभी भी बड़ी हैं, लेकिन किसान अपने अनुभव, मेहनत और नई तकनीकों के सहारे बदलते मौसम के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश कर रहे हैं।
झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से जमुना ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव से आम जन - जीवन का बुरा हाल है। बहुत गर्मी बढ़ गया है। इससे रेजा,कुली,किसान को बाहर काम करने में बहुत दिक्कत होता है। हमेशा सुनने को मिलता है कि काम करते करते मजदूर और किसान का मौत हो जाता है।गरीब का कोई नही होता है। सरकार कहती है कि गरीब के लिए काम कर रही है। योजना बना रही है। लेकिन जब योजना लेने जाओ तो ये कागज लाओ,वो कागज लाओ,बोल कर नही दिया जाता है।गांव में किसान और शहर में गरीब मजदुर बदलते मौसम की मार झेल रहा है।
झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला के कसमार प्रखंड से रेखा देवी कहती हैं कि जलवायु परिवर्तन आज के समय में बहुत बड़ी समस्या है। जलवायु परिवर्तन के कारण भूमि का जल स्तर काफी नीचे चला गया है। इसके साथ ही बोकारो औद्योगिक जिला होने के कारण बोकारो स्टील प्लांट,कोलयरी कारखाना,थर्मल प्लांट से होने वाले प्रदूषण का मार ग्रामीण इलाकों के लोगों को झेलना पड़ता है। इसलिए पूरे समुदाय और ग्रामीणों को मिल कर इन समस्याओं से निकलने के लिए इस पर कार्य कर के बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए
झारखण्ड राज्य के रांची से साक्षी कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए हमें ज्यादा जल श्रोत बनाना होगा।साथ ही कम से कम जल का उपयोग कर के अपना कार्य करना चाहिए
झारखण्ड राज्य के धनबाद जिला से अंकित शुक्ला ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि सबको एकजुट होकर जलवायु परिवर्तन का सामना करना चाहिए।अधिक से अधिक जलस्रोत बनाएंगे और सभी को कम जल उपयोग करने की कोशिश करनी चाहिए।
झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से सोनी कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि आज जलवायु परिवर्तन से निपटने में हम सबको मदद करना चाहिए और हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम अधिक से अधिक जलस्रोत बनाएंगे और जल का संरक्षण करेंगे साथ साथ हमारी कोशिश रहेगी कि हम कम से कम जल का उपयोग करके अपना कार्य करें।
झारखण्ड राज्य के पाकुड़ ज़िला के पाकुड़िया प्रखंड के ग्राम लखीपोखर से आर्यन हेम्ब्रोम मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि जलवायु परिवर्तन के बारे में चर्चा करने और जागरूकता फ़ैलाने के लिए ग्राम सभा एक महत्वपुर्ण मंच है। ग्राम सभा के माध्यम से हम जलवायु परिवर्तन के बारे में भी बात कर सकते है। यह एक सामूहिक कार्य है जिसमे सभी ग्रामीण और युवाओं का योगदान होना चाहिए। जलवायु परिवर्तन ग्राम सभा का एक महत्वपुर्ण विषय है। जिसका उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर वर्षा ,बढ़ता तापमान ,फसल चक्र में बदलाव जैसी समस्याओं का समाधान खोजना। ग्राम सभा में जलवायु पार्टन के कुछ मुख्य बाते है जैसे ग्रामीणों को कम पानी वाले फसल के बारे में शिक्षित करना ,जल प्रबंधन ,तालाब की साफ़ सफाई ,अधिक से अधिक पेड़ लगाना जिससे आने वाले भविष्य में स्वच्छ हवा और स्वस्थ जीवन मिल सके। इसके बारे में युवाओं को जागरूक करना ज़रूरी है। क्योंकि युवाओं का योगदान ज़रूरी है। इस तरह के कार्य के लिए ग्रामीण युवाओं को एकजुट होना ज़रूरी है।
झारखण्ड राज्य के रांची से हमारी श्रोता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इस कार्यक्रम को सुनने के बाद यह समझ आया कि एकजुटता से बहुत सारे बदलाव लाये जा सकते हैं। कई बार ऐसा होता है की किसी काम को करने के लिए जब हम अकेले जाते हैं, तो सुनवाई नहीं होती है। जीपीटीपी में भी वार्ड सदस्य और मुखिया खुद से लिख कर योजना तैयार करते थे। लेकिन अब ग्राम सभा में सभी शामिल होते हैं और तब जीपीटीपी में योजना चलाई जाती है। इसलिए हमें एकजुटता के साथ ही प्रयास करना चाहिए
झारखण्ड राज्य के रांची से श्रोता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इनको कार्यक्रम से यह समझ आया कि समस्याओं से भागना नहीं चाहिए बल्कि उसके समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए। मुद्दा कुछ भी हो फसल या अन्य हमें उसका समाधान निकालना चाहिए। अपनी बातों को जीपीटीपी में भी रखना चाहिए। जिससे की हमारी बात वार्ड सदस्यों तक पहुंचे और समस्याओं का हल हो
झारखण्ड राज्य के रांची जिला से नरीता मुर्मु कहती हैं कि जलवायु परिवर्तन से कई तरह की समस्यायें हो रही हैं। इस सन्देश से यह सीख मिलती है कि इससे हमारे बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। इसलिए हमें जल , जंगल , जमीन ,पेड़ बचाना चाहिए। स्वच्छ पानी पीना चाहिए। सभी को एकजुट हो कर समस्या का समाधान निकालना होगा और समुदाय में अपनी बातों को रखना होगा
