झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला के कसमार प्रखंड से प्रकाश कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय में मानव के लिए सबसे बड़ी समस्या है। बेमौसम बारिश होना और ओला गिरना यह जलवायु परिवर्तन के लिए सबसे चिंताजनक विषय है।विकास के नाम पर पेड़ों को काटा जा रहा है।वायु प्रदुषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और जल प्रदुषण के कारण लोगों को शुद्ध जल नहीं मिल पा रहा है। अगर लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलकार आवाज़ नहीं उठाएंगे तो आने वाले समय में मानव समाज के लिए बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती हैं। इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा पेंड़ लगाना चाहिए

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से टेक नारायणा प्रसाद कुशवाहा मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि पेयजल का मीनार दो साल से कबाड़ पड़ा हुआ है। सरकार के द्वारा जो पेयजब की मीनार बनाकर लोगों को घर घर तक पहुंचाने के काम किया जाना सुनिश्चित किया किया गया था आज देखने को मिल रहा है की उस मीनार में न बोर्डिंग का पता है न ही पानी का पता है मात्र टंकी बैठा कर के ऊपर में दो साल से पड़ा हुआ है। जनता कोसी किसी तरह का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है और बीच बीच में उस विभाग के लोग आते हैं तो कभी तरी चालक लगाते हैं तो कभी कुछ यन्त्र लगाते हैं परन्तु मात्र लगाने का ही नाम लेते हैं और पानी चालु करने का अभी तक कोई जोर नहीं दिया गया है।

झारखण्ड राज्य के रांची जिला से सिद्धार्थ राज मंडल मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कम बारिश और सूखे जैसी स्थिति में, फसल को बचाने और मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए खेतों में ट्रेंच खोदना एक प्रभावी जल संरक्षण तकनीक है। यह विधि वर्षा जल को इकट्ठा करती है, मिट्टी के क्षरण को कम करती है, और पानी की कमी के दौरान फसलों को आवश्यक नमी प्रदान करती है।

झारखण्ड राज्य के खूँटी ज़िला के तोरपा प्रखंड से सुमित टोपनो मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि उन्हें कार्यक्रम से जानकारी और जागरूकता मिली कि पानी को बचा कर सुखाड़ से बचा जा सकता है। कार्यक्रम में जैसा बताया गया अगर उस तरीका को अपना कर खेती में लाभ होगा तो लोग ज़रूर इसे अपनाना चाहेंगे। इनके गाँव में एक नदी है जहाँ मिट्टी बहाव देखने को मिलता है क्योंकि वो नदी अपने पहले दिशा को छोड़ अब दूसरे दिशा की ओर बह रही है। उससे कही ज़्यादा मिटटी का कटाव हो रहा है। कई लोगों के खेत बर्बाद हो गए है। अधिक बारिश ,मिट्टी कटाव की समस्या का समाधान नहीं होने के कारण ये सब दिक्कतें देखने को मिल रही है। गाँव में गड्ढ़े तो नहीं कोड़े गए है लेकिन चेक डैम का निर्माण हुआ है। गर्मी के मौसम में पानी सूख जाता है। सूखा से बचने के लिए जो कार्यक्रम में बताया गया है वो बहुत अच्छा है जिससे लोगों के लिए यह उपाय लाभदायक हो सकती है। अगर गाँव में अनुमति मिलेगी तो वो बताए गए उपाय को गाँव में लाना चाहेंगे ताकि लोगों की समस्या का समाधान हो और उन्हें सुविधा मिल सके। सुमित कहते है कि वो अन्य लोगों के साथ भी सुखाड़ से बचने के उपाय साझा करेंगे। साथ ही कार्यक्रम के सारे किरदार ,समय ,आवाज़ अच्छे है। लेकिन अगर ऑडियो के बजाए वीडियो के माध्यम से कार्यक्रम में जानकारी दी जाए तो लोग अच्छे से और सरल तरीके से बातों को सीख पाएंगे।

झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला के कसमार प्रखंड से रेखा देवी कहती हैं कि जलवायु परिवर्तन आज के समय में बहुत बड़ी समस्या है। जलवायु परिवर्तन के कारण भूमि का जल स्तर काफी नीचे चला गया है। इसके साथ ही बोकारो औद्योगिक जिला होने के कारण बोकारो स्टील प्लांट,कोलयरी कारखाना,थर्मल प्लांट से होने वाले प्रदूषण का मार ग्रामीण इलाकों के लोगों को झेलना पड़ता है। इसलिए पूरे समुदाय और ग्रामीणों को मिल कर इन समस्याओं से निकलने के लिए इस पर कार्य कर के बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए

झारखण्ड राज्य के रांची से साक्षी कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए हमें ज्यादा जल श्रोत बनाना होगा।साथ ही कम से कम जल का उपयोग कर के अपना कार्य करना चाहिए

झारखण्ड राज्य के धनबाद जिला से अंकित शुक्ला ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि सबको एकजुट होकर जलवायु परिवर्तन का सामना करना चाहिए।अधिक से अधिक जलस्रोत बनाएंगे और सभी को कम जल उपयोग करने की कोशिश करनी चाहिए।

झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से सोनी कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि आज जलवायु परिवर्तन से निपटने में हम सबको मदद करना चाहिए और हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम अधिक से अधिक जलस्रोत बनाएंगे और जल का संरक्षण करेंगे साथ साथ हमारी कोशिश रहेगी कि हम कम से कम जल का उपयोग करके अपना कार्य करें।

झारखण्ड राज्य के रांची से श्रोता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इनको कार्यक्रम से यह समझ आया कि समस्याओं से भागना नहीं चाहिए बल्कि उसके समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए। मुद्दा कुछ भी हो फसल या अन्य हमें उसका समाधान निकालना चाहिए। अपनी बातों को जीपीटीपी में भी रखना चाहिए। जिससे की हमारी बात वार्ड सदस्यों तक पहुंचे और समस्याओं का हल हो

झारखण्ड राज्य के रांची जिला से नरीता मुर्मु कहती हैं कि जलवायु परिवर्तन से कई तरह की समस्यायें हो रही हैं। इस सन्देश से यह सीख मिलती है कि इससे हमारे बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। इसलिए हमें जल , जंगल , जमीन ,पेड़ बचाना चाहिए। स्वच्छ पानी पीना चाहिए। सभी को एकजुट हो कर समस्या का समाधान निकालना होगा और समुदाय में अपनी बातों को रखना होगा