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झारखण्ड राज्य के रांची जिला से मनोज कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि पेट्रोल और डीजल का मूल्य भारत सरकार जान बुझ कर बढ़ाती है। भारत सरकार श्रीलंका को 54 रूपए प्रतिलीटर पेट्रोल आपूर्ति करती है। परन्तु अपने देशवासियों को महंगी पेट्रोल और डीजल मुहैया कराती है।एक कारण यह भी है कि राज्य के सरकारी मंत्री और अधिकारी फिजूल में पेट्रोल और डीजल को खर्च करते हैं। अतः पेट्रोल और डीजल को प्रतिलीटर निम्न मूल्य कर दिया जाए तथा जो व्यक्ति खुले बाजार से तेल खरीदते हैं उन्हें अधिक मूल्य चुकाने को कहा जाए।

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झारखण्ड राज्य के धनबाद जिला के बाघमारा प्रखंड से बीरबल महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि पेट्रोल डीजल महंगे होने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। खनिज तेल महंगा होने से बच्चों को स्कूल भेजने,नौकरी और दफ्तर में काम करने वालों के लिए काफी परेशानी हो रही है। अंतराष्ट्रीय बाजार में दाम बढ़ने पर पेट्रोल डीजल के मूल्यों में भी बढ़ोतरी होती है। इससे यह स्वभाविक है की खनिज तेल के मूल्यों में बढ़ोतरी होने से अन्य वस्तुओं के मूल्यों में बढ़ोतरी हो जाती है। इसलिए सरकार खनिज तेल के मूल्यों पर नियंत्रण रखना चाहिए। क्योंकि गरीबों के लिए मिटटी का तेल अतिआवश्यक है। परन्तु एक वर्ष के अंतराल में ही किरासन तेल में तीनगुनी वृद्धि हो गई है। जो आजादी से अबतक सबसे घातक सिद्ध हो रहा है। हमारे देश में अमीरों की तुलना में गरीबों की संख्या अधिक है। और वस्तुओं के मूल्य बढ़ने से सबसे ज्यादा अन्यया गरीबों के साथ ही होता है

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झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला के पेटरवार प्रखंड से किशोरी नायक मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि आज के महंगाई के दौड़ में डीजल और पेट्रोल की खपत अधिक होती जा रही है। जनता थोड़ी सी दूर किसी काम के लिए जाते हैं तो अपने बाइक का इस्तेमाल करते हैं इसपर जनता को अवश्य सोच विचार करनी चाहिए। यह देश की सम्पति है इससे बचाने के लिए सभी को अपनी सोच बदलने की जरुरत है। यदि आज जनता जागरूक हो जाती है तो निश्चित रूप से डीजल और पेट्रोल में मूल्य में कमी आ जाएगी। सरकार केवल अपने स्तर से किसी भी वस्तु का मूल्य नहीं बढाती है बल्कि पेट्रोल डिजल विदेशों से आने वाले खनिज सम्पति है जिसकी मार से आज जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। आज जरुरत है की जनता अपने रोज़मर्रा के खर्चों में थोड़ी कटौती करें तथा सरकार अपने राज्य स्तर पर जनता की थोड़ी मदद करें