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झारखण्ड राज्य के रांची जिला से सतीश कुमार जी ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि गर्मी का प्रकोप बढ़ाता जा रहा है ,और दिन प्रति दिन पानी कि समस्याओं का सामना लोगों को करना पड़ा रहा है।लोग यहां वहाँ पानी के लिए भटक रहे है । हर साल गर्मी के मौसम में पानी की समस्या बढ़ जाती है। इस मौसम में ट्यूबवेलों का जलस्तर नीचे चला जाता है।गर्मी आते ही ग्रामीणों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है।क्षेत्र के लगभग सभी गांवों का एक सा हाल है।लोगों को पानी का उपयोग काम से काम करण चाहिए।पानी कि बर्बादी नहीं करनी चाहिए। पानी को जितना हो सके संगरहित करना चाहिए। क्योंकि जल ही जीवन है। इस संसार का हर प्राणी चाहे वे जीव हो या जंतु पानी के बिना जीवित नहीं रहा सकता।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला के राजेस्वर महतो जी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि दहेज के मांग को ले कर दुल्हन ने उठाया साहसी कदम विष्णुगढ़ प्रखंड में तय हूई शादी 30000 दहेज पर परन्तु जब शादी होने जा रही थी तभी दुल्हन के परिजन ने दूल्ह के परिजन को 26000 रूपये दिए बाकी बाद में देने को कहा। परन्तु दूल्ह के परिजन नहीं माने और दुल्हन के परिजनों से बाकया 4000 रुपए दहेज की मांग की और जिद पर अड़ गये कि जब तक बकाया दहेज कि राशि नहीं मिलेगी तब तक शादी नहीं करेंगे।तभी नहीं मानने पर दुल्हन ने साहसिक निर्णय लेते हुए इसकी सूचना पुलिस दे दी और पुलिस ने तत्काल वहां दुल्हे के साथ दुल्हन कि शादी करवाने का निर्णय लिया।परन्तु दुल्हन शादी करने से इनकार कर दी।महिला को तेज ताकतवर साहसी और आत्मनिर्भर बनाना चाहिए।ताकि दहेज के लोभी के ऊपर कोई साहसी निर्णय ले सके।

झारखंड राज्य के हज़ारीबाग़ ज़िला के बिष्णुगढ प्रखंड से राजेश्वर महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताते हैं, कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग्य द्वारा उच्च विद्यालय शिक्षक नियुक्ति की परीक्षा दिसंबर 2017 में लगभग डेढ़ लाख परीक्षार्थी ने भाग लिया था। लेकिन अभी चार माह बीत जाने के बाद भी परीक्षा परिणाम नहीं निकाला गया है। समय पर परिणाम नहीं आने से लाखों अभियर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।वहीँ दूसरी ओर प्रदेश में कई अपग्रेट उच्च विद्यालय एवं राज्यस्तरित उच्च विद्यालय में शिक्षकों के अभाव के कारण शिक्षा व्यवस्था चर्मरा गई है। बच्चों की गुणवक्तापुर्ण शिक्षा पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। जबकि शिक्षा के क्षेत्र में करोड़ों रूपए पानी की तरह बहाया जा रहा है। एक ओर सरकार गुणवक्तापुर्ण शिक्षा देकर प्रदेश में डॉक्टर,वैज्ञानिक,अभियन्ता,प्रशासनिक और पदाधिकारी बनाने की मनसा रखती है,तो दूसरी ओर शिक्षकों के अभाव में पठन पठान कार्य प्रभावित हो रहा है। मोबाइल वाणी के माध्यम से यह सन्देश सरकार को देना चाहते हैं कि जल्द से जल्द परिणाम घोषित कर पठन पठान कार्य में तेज़ी लाएं और सबका साथ,सबका विकास को उजागर करें।

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