जिला धनबाद के तोपंचाची प्रखंड से फर्केश्वर महतो ने झारखण्ड मोबाइल वाणी को बताया कि चेता पंचायत के bpl सूचि में गड़बड़ी हुई है. 2002-2007के bpl सूचि में नाम दर्ज लोगो के पिता या पति के नाम नहीं होने से काफी दिक्क़त का सामना करना पड़ रहा है. खेडा-बेडा गांव में नारायण महतो नाम के 9 व्यक्ति है. उनमे से bpl सूचि में सिर्फ 6 व्यक्तिओ के नाम दर्ज है. और तुलसी महतो नाम के5 व्यक्ति है पर सूचि में 3 ही व्यक्ति के नाम दर्ज है. सूचना अधिकार के तहत उक्त विषय पर जानकारी मांगा गया तो 7/5/2011 का जवाब 30/5/2011 को प्रखंड विकाश पदधिकारी तोपंचाची के प्रेषित पत्र में दिखाया गया की चेता पंचायत के bpl सूचि में पिता पति के नाम दर्ज नहीं है. जब भी bpl सूचि का सर्वे किया जाता है. तो फोर्म भरा जाता है. क्या फोर्म में पिता पति के नाम का कोलम नहीं होता है. अत:उक्त विषय में हुई गड़बड़ी की जांच की जाए.

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श्री दिलीप कुमार सिंह,गिन्वारी पंचायत,तोपचाची,धनबाद से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताना चाहते है कि उनके ग्राम धिब्नी के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में मध्याहन भोजन बंद पड़ा है जबकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि एक भी दिन मध्याहन भोजन बंद नहीं होना चाहिए, इस सम्बन्ध में विभाग द्वारा भी कोई करवाई नहीं कि जा रही है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन हो रहा है

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जिला धनबाद के तोपचांची प्रखंड से फर्केश्वर महतो ने झारखण्ड मोबाइल वाणी को बताया कि मनरेगा की योजनाए अपूर्ण रहने से जॉब कार्ड धारियो को काम मांगने से काफी दिक्क्त का सामना करना पड़ रहा है.प्रखंड के चेता पंचायत में मात्र एक मनरेगा से तालाब निर्माण का कार्य हो रहा है. झारखण्ड मोबाइल वाणी के प्रतिनिधि ने पंचायत में मनरेगा योजना की हालत पर एवं योजनाओ की निरिक्षण कर जानकारी प्राप्त की. जनताओ की मांगो को देखते हुवे मनमोहन सरकार ने रोजगार की गारंटी अधिनियम को लागू करवाए। गाँधी जी के हिन्दुस्तान बनाने के लिए मनरेगा को कानून का रूप दिया गया परन्तु इसमें भी सरकारी बंधुवो ने कमिशन के लिए महत्वपूर्ण कानून को शुध्सतन में ला दिया। पंचायत के योजना संख्या 9,10 प्रक्रमित राशि 8,34,000 की लागत से फिदम महतो के निजि जमीन में निर्माण कार्य किया गया. जो योजना में 8,00,000 रुपया खर्च होने के बाद भी योजना कार्य पूर्ण नहीं हुवा।पूर्व में जिला साक्षरता वाहनी के संधर्व में मनरेगा को गति दिया जा था. परन्तु जब से पंचायत निकाय का गठन होने के बाद समीक्षण में बढ़ोतरी मजदूरो को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिनिधियो ने रुचि नहीं देखी गई. जानकारी के अनुसार अन्य योजनाओ में भी कमिशन ली जाती है. लेकिन जिस कानून एवं योजना का महात्मा गांधी के नाम से संचालित हुवे है.उस कानून, योजना में कमिशन की बात नहीं होनी चाहिए।

कौशिक कुमार धनबाद बाघमारा से झारखण्ड मोबाइल वाणी पर एक कविता प्रस्तुत किया।

धनबाद तोपचांची से सुशांत कुमार जी ने झारखण्ड मोबाइल वाणी पर एक कविता प्रस्तुत किया।

कौशिक कुमार धनबाद बाघमारा से झारखण्ड मोबाइल वाणी पर एक कविता प्रस्तुत किया।

धनबाद तोपचांची से क्र्रिश कुमार जी ने झारखण्ड मोबाइल वाणी पर एक कविता प्रस्तुत किया।

कौशिक कुमार धनबाद बाघमारा से झारखण्ड मोबाइल वाणी पर एक कविता प्रस्तुत किया।