उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राज कुमार यादव से हुई। राज कुमार यादव यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं और पुत्रियों को प्रॉपर्टी में हिस्सा मिलना चाहिए
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उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से निर्मला से हुई ।निर्मला यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को प्रॉपर्टी में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए ।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अनीता देवी से हुई। अनीता देवी यह बताना चाहती हैं कि महिला अगर सामूहिक रूप से बोलेंगी तो बदलाव जरूर आएगा। महिलाओं को जागरूक होना चाहिए ताकि वह जमीन में अधिकार ले सकें
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अनीता देवी से हुई। अनीता देवी यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को जमीन में अधिकार लेना जरूरी है। अगर मायके और ससुराल में जमीन नहीं मिलेगा तो कैसे बच्चों का पालन पोषण करेंगे
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उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से श्री देवी सोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से मुस्कान से बातचीत की। जिसमें मुस्कान कहती है कि वो बर्तन का बिजनेस करती हैं। अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए उन्हें आर्थिक सहायता चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शिवम से साक्षात्कार लिया। शिवम ने बताया कि महिलाओं और बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। यह बढ़िया व्यवस्था है।समाज में जागरूकता की कमी है
दिल्ली के सुन्दर नगरी से श्रोता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से महिला संपत्ति अधिकार पर राय साझा किया।श्रोता ने बताया कि महिलाओं को ससुराल या मायके से हक़ नही मिलता है।महिलाओं को भी अपनी ज़िन्दगी अच्छे से गुजारने का अधिकार है
बिहार राज्य के जमुई ज़िला के गिद्धौर प्रखंड के पटसँदा पंचायत के भोजपुरिया गांव से रंजन की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से पूर्व वार्ड पार्षद डब्लू पंडित से हुई। डब्लू पंडित कहते है कि महिलाओं के नाम भूमि मिलने से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। पुरुष के नाम जमीन होने से वो अपने अनुसार जमीन को रखते है। महिलाओं को भूमि का अधिकार मिलना चाहिए। समाज पुरुष महिला के मेल से चलता है। जमीन महिला को मिलने के बाद भी पुरुष का सहयोग ज़रूरी है।जमीन मिलने से समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा और मानसिक बदलाव होगा। पहले से महिलाओं में बहुत सुधार हुआ है। जमीन में नाम होने से पहले के मुकाबले महिला खुद आत्मनिर्भर बन जाएगी। इससे महिला का मान सम्मान बढ़ेगा। महिला घरेलु हिंसा व प्रताड़ना से भी बचे रहेगी। महिला के पास जिम्मेदारी आ जाएगा।
