साथियों , कोरोना काल में बहुत से ऐसे परिवार हैं जिन्हें सरकार की उज्जवला योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. कई लोगों की शिकायत है कि उनके खाते में उज्जवला योजना की राशि नहीं आई, कुछ बतातें हैं कि उन्हें डीलर से सिलेंडर नहीं मिल रहा है. कई गरीब परिवार तो ऐसे हैं जो योजना के पंजीयन के लिए परेशान हैं.आखिर इस योजना का लाभ मिलेगा कैसे ? जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें

कोरोना महामारी के कारण बहुत से लोगो को अपनी नौकरी को छोड़ कर अपने राज्य वापस आना पड़ा. कई लोगो को उम्मीद थी कि उनके राज्य की सरकारें उनके लिए राहत सामग्री या वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएंगी और कई राज्यों कराया भी . फिर भी बहुत से लोगो को मदद नहीं मिल पाईं . आखिर बिहार सरकार द्वारा 1000 रु. किसे दिया जाएगा ? जानने के लिए क्लिक करें

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झारखण्ड राज्य हज़ारीबाग जिला विष्णुगढ़ प्रखंड से राजेश प्रसाद जानना चाहते हैं कि होम कोरन्टाइन किस स्थिति में रखा जाता है ?साथ ही वे जानना चाहते हैं कि कोरोना महामारी बीमारी कब तक सुधार होगा। वे प्राइवेट स्कूल में बस चलाते हैं और स्कूल कोरोना बीमारी की वजह से स्कूल बंद है ,जिसके कारण खाने-पीने के बहुत तकलीफ हो रही है। मोदी सरकार द्वारा 500रूपए दिया जा रहा था लेकिन अब वह भी नहीं मिल रहा है।

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July 22, 2020, 2:08 p.m. | Tags: school   livelihood issues   disease   skd   health   promo-access-scheme   coronavirus  

देश में कोरोना महामारी के फैलते हीं प्रवासी मजदूर अपने गांव लौटने लगे हैं। ऐसे में वे गांव में ही रहकर मजदूरी करना चाहते हैं। उनके लिए मनरेगा एक बेहतर विकल्प है। इसी विषय को लेकर मोबाइलवाणी संवाददाता मिथिलेश कुमार बर्मन को बता रहे हैं मनरेगा मजदूर सूरज मुर्मू।

झारखंड राज्य के हजारीबाग जिला अंतर्गत बिष्णुगढ़ प्रखंड प्रखंड के उच्चाघाना निवासी एक प्रवासी प्रवासी श्रमिक जो तमिलनाडु राज्य के चेन्नई सेंट्रल में वर्तमान में काम करने गए थे और लॉक डाउन के कारण वहां पर फंस गए उन पर किस प्रकार की समस्याएं लॉक डाउन को लेकर उत्पन्न हो रही है और क्या कुछ आर्थिक स्थिति उनके जीवन को प्रभावित कर रही है इन्हीं सब समस्याओं पर हजारीबाग मोबाइल वाणी के विष्णुगढ़ से मोबाइल वाणी संवाददाता राजेश्वर महतो ने विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए वार्ता किया और जानने की कोशिश की क्या कुछ उनके जीवन में समस्याएं उत्पन्न हो रही है लाॅक डाउन को लेकर कोरोना काल में.. विस्तारपूर्वक सुनने के लिएआडियो पर क्लिक करें

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर पूरे देश में लॉक डाउन लागू है लॉक डाउन- 3 के दौरान आज पूरा देश जूझ रहा है लॉक डाउन का डेढ़ महीने का अरसा गुजर चुका है आम जनों के बीच इस बीच कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो चुकी हैं लगभग हर वर्ग के लोग परेशान हैं मुख्य रूप से मजदूर वर्ग के लोग जो रोजमर्रा के कामकाज पर अपना गुजर-बसर करते हैं उनके बीच विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो चुकी है पूरे देश में प्रवासी मजदूरों के बीच समस्याओं का मकड़जाल बन चुका है लाॅक डाउन के कारण फंसे ऐसे प्रवासी मजदूरों के बीच भुखमरी की समस्याएं उत्पन्न हो चुकी है लोग अपने घरों को वापस लौट जाना चाहते हैं मगर वापसी की आस लगाए इनको कोई मदद नहीं मिल पा रही है जिसके कारण यह लोग परेशान हैं मोबाइल वाणी प्रवासी मजदूरों की इन्हीं सब समस्याओं और इनकी आवाज को लगातार बुलंदी के साथ प्रसारित करता आ रहा है आइए आज हम ऐसी ही समस्या पर वार्ता के लिए चलते हैं राजस्थान राज्य के विभिन्न जिलों से हजारीबाग आए कामकाज के सिलसिले में जो लॉक डाउन को लेकर यहाँ फंस चुके हैं ऐसे ही प्रवासी मजदूर जो आज कटकमसांडी प्रखंड के रोमी गांव में तंबू लगाकर रह रहे हैं।विस्तारपूर्वक सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

कोविड-19 वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम और इसके बचाव को लेकर पूरे देश में लाॅक डाउन लागू है जारी लॉक डाउन अवधि में आम नागरिकों के साथ मुख्यतः दिहाड़ी मजदूरों रोजमर्रा के कामकाज पर गुजर-बसर करने वाले और अन्य कामकाज पर निर्भर करने वाले लोगों के बीच में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो गई है इन्हीं सब समस्याओं पर एक आम नागरिक से चर्चा करने के लिए मोबाइल वाणी संवाददाता राजेश्वर महतो ने बिष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत गाल्होबार निवासी बसंत नायक से वार्ता किया... विस्तारपूर्वक सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में लॉक डाउन लागू कर दिया गया है तीसरी अवधि चल रही है लॉक डाउन 3 में लोगों के बीच कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो गई है मुख्यतः किसान वर्ग के लोगों की परेशानियां बढ़ चुकी हैं इन्हीं सब समस्याओं पर मोबाइल वाणी संवाददाता राजेश्वर महतो ने विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत गाल्होबार गांव के एक किसान विश्वनाथ महतो से वार्ता किया और जानने की कोशिश की क्या कुछ चल रहा है उनकी व्यक्तिगत जीवन में और उनके परिवार के भरण पोषण किस प्रकार चल रहा है ....इस वार्ता को विस्तारपूर्वक सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

सरकार से प्राप्त दिशा निर्देश के अनुसार जिन किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि प्राप्त है उन किसानों को शत प्रतिशत किसान क्रेडिjउपलब्ध किए गए आंकड़ों के अनुसार लगभग 64000 सम्मान निधि प्राप्त किसानों में से केवल 6000 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिया जा चुका है जो एक चिंता का विषय है | इस विषय में सारे बैंकों से यह अपील की गई कि जिन किसान लाभार्थियों की बैंक शाखा वाइज सूची उन्हें उपलब्ध कराई गई है उसके अनुसार अभिलंब ऐसे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित करना है साथ ही साथ जिन किसानों को किसी तकनीकी कारणों से कार्ड का लाभ नहीं मिल रहा है ऐसे लाभुकों की सूची अभियुक्ति के साथ अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश दिए गये|