देश में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर सतना जिले के किसानों में सरकार के प्रति आक्रोश पनप रहा है। किसान आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार पूरी तरह हिटलर शाही दिखा रही है। यह बात मोबाइल वाणी से चर्चा करते हुए किसान राजभान सिंह ने कही,,,। पूरी बातचीत सुनने के लिए प्ले का बटन दबाइए, और समाचार को लाइक करें ज्यादा ज्यादा शेयर करें।
कृषि विभाग द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया है कि सतना जिले में चना सरसों एवं मसूर का पंजीयन 20 फरवरी से 10 मार्च 2024 तक किया जाएगा। लिहाजा ऐसे किस जिन्होंने चना सरसों एवं मसूर का उत्पादन किया है वह समय पर अपना पंजीयन कर लें,ताकि उन्हें भविष्य में किसी प्रकार की सुविधाओं का सामना न करना पड़े।
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जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल राम वन में पांच दिवसीय बसंत उत्सव मेले का आयोजन शुरू होने जा रहा है। यह मेल 14 फरवरी से 18 फरवरी तक आयोजित होगा। मेले के दौरान कबड्डी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें भाग लेने के लिए पहले आओ पहले पाओ के आधार पर पंजीयन होगा। कबड्डी प्रतियोगिता आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला क्रीड़ा अधिकारी को भी समिति में शामिल किया गया है। कबड्डी प्रतियोगिता में विजेता टीम को ₹11000 जबकि उपविजेता टीम को 5100 का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। मेले की रौनक बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के स्टाल लगाए जा रहे हैं । यहां झूला, सर्कस और खेल तमाशा की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
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सतना जिले में कुपोषण को दूर करने के लिए मोटे अनाज और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इस संबंध में कृषि वैज्ञानिकों ने वर्ष 2024 की कार्य योजना तैयार कर ली है । कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां में बैठक आयोजित की गई, जिसमें कलेक्टर अनुराग वर्मा मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। बैठक में सतना, कटनी ,रीवा के कृषि वैज्ञानिक तथा सतना जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस दौरान सतना जिला पंचायत के अध्यक्ष रामखेलावन कोल ने कहा की खेती को लाभकारी का धंधा बनाने और आय दुगनी करने कृषि वैज्ञानिक अनुपयोगी तथा रिक्त भूमि पर फसल लगाने की तकनीक और प्रेरणा दें। उन्होंने कहा कि मझगवां और परसमनिया के दूरस्थ पहाड़ी अंचल पर मोटे अनाज की खेती के प्रचलन को बढ़ावा देकर इन क्षेत्रों से कुपोषण दूर किया जा सकता है। अन्य उपस्थिति जनों ने भी सुझाव दिए।
सतना जिले में पिछले वर्ष कई दुकानों में जांच के दौरान कृषि विभाग द्वारा गेहूं और सरसों के बीज के नमूने लिए गए थे जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया था। जांच के बाद यह सभी बीज अमानक पाए गए हैं। लिहाजा जिले की चार दुकानों को निलंबित कर दिया गया है साथ ही कलेक्टर अनुराग वर्मा द्वारा जिले में अमानत बीज क्रय विक्रय करने पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
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