उत्तर प्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि किशोरावस्था में किशोर माता पिता से दूरी बनाना चाहते है।क्योंकि अगर किशोर दूरी बनाते है तो वे माता पिता से हट कर विकास करने योग्य हो जाएंगे।

उत्तर प्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 22 वर्षीय सत्यम कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि किशोरों को मित्र बनाने में दिक्कत होती है।विद्यालय में नए विद्यार्थी होने के कारण उन्हें मित्र का चुनाव करने में काफी परेशानी होती है।

उत्तर प्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउ घाट प्रखंड से विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि किशोरावस्था में किशोरों को परिवार के नियम समझने में समस्या होती है

Transcript Unavailable.

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से विजय पाल चौधरी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि किशोरों को अपनी भविष्य की चिंता होती है।उन्हें करियर की चिंता होती है। क्योंकि करियर से ही वो बढ़ सकते है

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से विजय पाल चौधरी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि किशोरों को अपनी भावनाओं को काफी हद तक समझना चाहिए क्योंकि भावनाओं के आधार पर वो काफी हद तक बढ़ सकते है।

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मोबाइल का लत किशोरों को बर्बाद कर रही है। लोग मोबाइल खरीदने की जिद्द कर रहे है। इससे वो मानसिक तौर से प्रताड़ित हो रहे है। मोबाइल के बिना वो रह नहीं पाते है। माता पिता भी बच्चों के जिद्द के आगे झुक जा रहे है। समाज में बच्चों को इससे बहुत प्रभाव पड़ रहा है। पूरा समाज मोबाइल से प्रभावित हो गया है। बच्चों को कम से कम मोबाइल इस्तेमाल के लिए दें।

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से विजय पाल चौधरी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि किशोरों को अपने आप में खुद को समझना इस समय मुश्किल होता है। क्योंकि उनको समझने के प्रयास में कुछ मुश्किलें आती है

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउ घाट प्रखंड से 44 वर्षीय विजय पाल चौधरी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि किशोरावस्था में युवाओं को ज़्यादातर भविष्य की चिंता होती है। क्योंकि भविष्य उसी पर निर्भर करता है

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से विजयपाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी दे रहे हैं कि किशोरों को अपनी पहचान बनाने में मुश्किल आती है क्योंकि वो अपनी समझ नहीं पाते हैं। इसलिए उन्हे मुश्किल लगता है