उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउघाट प्रखंड से 44 वर्षीय विजउ पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि भारत में महिलाओं को पैतृक संपत्ति और जमीन में पुरुषों के बराबर अधिकार प्राप्त है। हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत बेटियों को भी पिता की संपत्ति बेटों के बराबर हिस्सा मिलता है। महिलाओं को संपत्ति को गिरवी रखने या वसीयत का पूर्ण अधिकार है ,चाहे वो पैतृक हो या खुद की खरीदी गयी संपत्ति हो ,उनको पूर्ण अधिकार है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउघाट प्रखंड से विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि महिला के पति की मृत्यु हो जाने पर वसीहत समय लेखपाल द्वारा बेटा ,बेटी और पत्नी के नाम पर जमीन की बात होती है। जब तक बेटी मायके में रहती है तो उसके नाम पर जमीन रहना ठीक है। लेकिन जब शादी कर के ससुरात जाती है तो ससुराल वाले लड़की को उसके जमीन को लेकिन परेशान करते है कि जमीन में नाम है तो वो मिलना ही चाहिए।इसकी को लेकर आगे यह जमीन विवाद का कारण बनता है और रिश्तों में मन मुटाव आता है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउघाट प्रखंड से 45 वर्षीय विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाओं को अगर जमीन का अधिकार मिलता है तो उनका परिवार और ज़्यादा सुरक्षित होगा तथा परिवार मज़बूत भी बनेगा। महिलाओं के नाम जमीन नहीं रहता है तो उनका महत्व नहीं रहता है। अगर महिला के नाम जमीन होगा तो वो सुरक्षित और मज़बूत बनेगी।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउघाट प्रखंड से 45 वर्षीय विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाएँ हर काम करती है लेकिन उनका सम्मान नहीं रहता है। क्योंकि महिलाओं के नाम से जमीन नहीं है इसलिए महिलाओं को मज़दूर के भेष पर रखते है
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउघाट प्रखंड से 45 वर्षीय विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाओं के पास ऐसे जमीन होते है जो पट्टा सम्बंधित खाली जमीन होता है। और इसकी जानकारी महिलाओं को नहीं होती है कि पट्टा में नाम कैसे चढ़ेगा ।इसलिए जानकारी के अभाव में महिलाएँ जमीनी हकदार नहीं बन पा रही है
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउघाट प्रखंड से विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिला के पास जमीन है पर उसके नाम से नहीं है तो उस समस्या के लिए महिला को कहाँ जाना पड़ेगा ?
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउ घाट प्रखंड से विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहते है कि मन में आत्महत्या का विचार आना क्या एक प्रकार का गंभीर संकेत होता है ?
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउ घाट प्रखंड से 44 वर्षीय विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि किशोरों में अपने माता पिता से दूरियां ज़्यादा महसूस होती है। इसकी विस्तृत जानकारी चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउ घाट से 44 वर्षीय विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि किशोरों में तनाव रहना एक प्रकार का लक्षण है,इसकी जानकारी चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउ घाट प्रखंड से विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि किशोरावस्था में किशोरों को परिवार के नियम समझने में समस्या होती है

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हाँ, जब कोई व्यक्ति आत्महत्या से जुड़े विचारों का अनुभव करता है, तो उन विचारों की प्रकृति और उनसे जुड़ी स्थिति को समझने के लिए किसी चिकित्सकीय या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ द्वारा उनका सावधानीपूर्वक मूल्यांकन किया जाना आवश्यक होता है। यह उस व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उसे आवश्यक स्तर का सहयोग प्रदान करने की योजना बनाने की दिशा में पहला कदम होता है।
Dec. 4, 2025, 4:40 p.m. | Tags: information health mentalhealth