दिल्ली श्री राम कॉलोनी वार्ड नंबर 64 ई मैं टिपर वाले कर रहे हैं मनमानी नहीं उठा रहे हैं कूड़े के ढेर कई बार इस्पेक्टर साहब से शिकायत करने के बाद नहीं उठा रहे हैं कूड़े के ढेर मैं आपको बता दूं कि वार्ड नंबर 64 ई एक ऐसी कॉलोनी है जहां पर लगभग 9 से 10 टीपर हैं और 130 सफाई कर्मचारी है 8 से 10 हाथ रिक्शा हैं कूड़ा उठाने के लिए जो के मेट्रो कंपनी की तरफ से ईडीएमसी ने जो एक कंपनी को लगाया गया है कूड़ा उठाने के लिए कंपनी की तरफ से 2 सुपरवाइजर लगाए गए हैं और 130 सफाई कर्मचारी हैं मगर फिर भी श्री राम कॉलोनी वार्ड में नहीं हो रही है सफाई आप इस फोटो में देख सकते हैं कि कैसे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और कई बार हमने इस्पेक्टर साहब से इस बात की शिकायत की और शाहदरा जोन के डीसी साहब से कई बार लिखित में शिकायत की मगर उन्होंने भी इस बात पर गौर नहीं किया कूड़े के ढेर कई जगहों पर लगे हुए मो शाहनवाज साझा मंच मोबाइल वाणी से
दिल्ली एनसीआर से हमारे श्रोता साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि कोटेदार के द्द्वारा उनका राशन बेवजह काटा जा रहा है जिस वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही कह रहे है कि कोटेदार द्वारा कहा जा रहा है कि नाम कटवाने के बाद भी वो राशन लिए जा रहे हैं
दिल्ली एनसीआर से मोहोम्मद शाहनवाज़ ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बारिश होने के कारण मजदूर हैं परेशान और नहीं हो रही है मजदूरी 2 दिन से दिल्ली में बारिश हो रही है बैटरी रिक्शा निकालकर रोड पर ले जाते हैं सवारी नहीं बैठ रही है क्योंकि रिक्शा में सवारी बारिश से भीग जाती है इस कारण मजदूरी नहीं हो रही है कहना है मजदूर साथी मोहसिन भाई का और भी कई मजदूरों से हमारी बात हुई जो के मजदूरी करते हैं उन्होंने कहा कि हम घर बनाने का काम करते हैं बारिश होने की वजह से काम बंद है बारिश तो 2 या 3 दिन पहले से हो रही है मगर काम हमारा 1 सप्ताह से बंद है काम की स्थिति बहुत खराब है रूम किराए का है बच्चे भी हैं खाने को घर में अब आटा भी नहीं हैं राशन वाला राशन भी नहीं देता क्योंकि उसके भी बहुत सारे पैसे हमारे ऊपर चढ़ गए हैं मैं। सरकारी सुविधाएं नहीं मिलती हमें क्योंकि हमारे पास राशन कार्ड नहीं है मो शाहनवाज ताजा मैच मोबाइल वाणी से
राहत भरी फैसला
जाती कि जनगणना
गलियों।में भी जलजमाव
दिल्ली श्री राम कॉलोनी से हस्मत अली ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मैट्रो के रास्ते के लिए बड़े बड़े पेड़ों को रस्ते से हटाया जा रहा है।
बैटरी रिक्शा चलाने वाले मजदूर से हुई बातचीत मजदूर साथी ने बताया कि मैं बैटरी रिक्शा चलाता हूं lockdown से पहले 500 से ₹600 कमा लेता था अब जो रिक्शा की ₹300 दिहड होती है वह भी नहीं निकल पा रही है ऊपर से 100 रुपए पार्किंग की भी देने पड़ते हैं जहां पर चार्जिंग भी होती है और हमारे पास राशन कार्ड नहीं है आधार कार्ड से सरकार ने वादा किया था कि हम राशन देंगे अगर हमें राशन भी नहीं मिल पाया सरकार को हमारे बारे में सोचना चाहिए कम से कम राशन तो मिलने चाहिए .
दिल्ली श्री राम कॉलोनी से हस्मत अली ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि घर घर कूड़ा लेने नहीं जा पा रहें हैं टीपर, लोग सड़क पर ही कूड़ा डाल कर चले जाते हैं
Transcript Unavailable.
