बैटरी रिक्शा चलाने वाले मजदूर से हुई बातचीत मजदूर साथी ने बताया कि मैं बैटरी रिक्शा चलाता हूं lockdown से पहले 500 से ₹600 कमा लेता था अब जो रिक्शा की ₹300 दिहड होती है वह भी नहीं निकल पा रही है ऊपर से 100 रुपए पार्किंग की भी देने पड़ते हैं जहां पर चार्जिंग भी होती है और हमारे पास राशन कार्ड नहीं है आधार कार्ड से सरकार ने वादा किया था कि हम राशन देंगे अगर हमें राशन भी नहीं मिल पाया सरकार को हमारे बारे में सोचना चाहिए कम से कम राशन तो मिलने चाहिए .
