हरियाणा राज्य के बहादुरगढ़ से मनोहर लाल कश्यप ,साझा मंच के माध्यम से जानकारी दे रहें हैं कि बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र जहां जूता चप्पल बनाया जाता है ,वहाँ हरियाणा सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन से भी कम वेतन दिया जाता था। लेकिन अब तो उससे भी कम वेतन कर दिया गया है।पहले छह हज़ार रूपए से साढ़े आठ हज़ार रूपए तक वेतन दे रहे थे। पहले श्रमिकों को आने जाने का किराया भी देती थी या ऑटो,बस का इंतज़ाम करती थी।अब यह व्यवस्था भी समाप्त कर दिया गया है। दस हज़ार रुपए से 12 हज़ार रूपए का वेतन फिक्स कर दिया गया है।आठ हज़ार रुपए से दस हज़ार रुपए तक का ,इससे अधिक नहीं ,वो भी रविवार को भी काम करना होता है एवं रविवार को भी काम करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में मज़दूर काम करने को मजबूर हैं । कई बार तो ठेकेदार कंपनी से पैसा लेकर भाग जाते है ,ऐसे में श्रमिकों को तो कभी वेतन ही नहीं मिलता।