दिल्ली, एनसीआर से हस्मत अली की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से लोक तंत्र का पाया मीडिया के संपादक समशाद अली मसूदी से हुई। लोक तंत्र का पाया मीडिया के संपादक समशाद अली मसूदी ने बताया कि लोग डाउन से पहले के हालात और आज के हालात में बहुत बदलाव आए हैं। पहले रोज़गार आराम से मिल जाता था, जबकि आज श्रमिकों को काम से बाहर निकाला जा रहा है या उनका वेतन आधा कर दिया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार पूरी तरह ज़िम्मेदार है। श्रम क़ानूनों में हुए बदलाव से श्रमिकों का बहुत नुक़सान हुआ है और उनकी कहीं सुनवाई नहीं होगी। हो सकता है कि मज़दूर आत्महत्या करने को भी विवश हो जाएँ। किसानों के लिए नए क़ानून से भी किसानों के लिए अपनी फसल बेचने के अवसर सीमित हो जाएँगे और वे घाटे में रहेंगे। दिल्ली में प्रदूषण की वजह यहाँ के वाहन हैं। पार्किंग सड़कों पर होने की वजह से जाम लगता है और उससे प्रदूषण फैलता है। सड़कों पर उड़ती धूल भी इसकी एक कारण है।
