उत्तर प्रदेश से दिनेश कुमार साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि वे दिल्ली के उत्तम नगर में लॉक डाउन से पहले काम करते थे। ठेकेदारी ने उन्हें वेतन काट कर दिया ,जिसकी शिकायत अप्रेल माह में ही उन्होंने कर दी है लेकिन आप तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

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हम आपसे जानना चाहते हैं कि क्या आपकी कंपनी लॉकडाउन से पहले की तनख्वाह ठीक तरीके से दे रही थी ? या फिर आप अभी लॉकडाउन के दौरान तनख्वाह ना देने की बात कह रहे हैं। यदि आप लॉकडाउन से पहले की बात कर रहे हैं तो आप अपने यूनियन या खुद भी लेबर ऑफिस में एक लिखित शिकायत दे सकते हैं और इस शिकायत के साथ अपनी कंपनी के द्वारा दी गई आई.डी कार्ड, सैलरी स्लिप, अप्वाइंटमेंट लेटर का जेरोक्स अटैच करें। लॉकडाउन के दौरान सैलरी की बात करें तो ग्रह मंत्रालय ने अपनी 29 मार्च की अधिसूचना में घोषणा की है कि लॉकडाउन अवधि को ऑन-ड्यूटी माना जाएगा, और नियोक्ता को लॉकडाउन के दौरान अपने कर्मचारियों को भुगतान करना होगा। लेकिन एसोसिएशन ऑफ़ इंडस्ट्रियल एम्प्लॉयर्स ने एक जनहित याचिका दायर की थी, जिसमें सरकार को लॉकडाउन के दौरान पूर्ण वेतन देने के निर्देश को चुनौती दी गई थी, इस सब के बीच सरकार ने 17 मई को एक और अधिसूचना की घोषणा की, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी 29 मार्च की अधिसूचना समाप्त हो गई है। दूसरी ओर एक और जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें कर्मचारियों की समाप्ति और वेतन कटौती से सुरक्षा की मांग की गई थी, लेकिन आप अभी भी 29 मार्च से 17 मई तक अपना वेतन मांग सकते हैं। इसलिए श्रमिक को जागरूक होना होगा, संगठन बनाना होगा यह नियोक्ता के खिलाफ खड़े होने का एकमात्र तरीका है। अगर आप यूनियनो के बारे मैं और जानकारी चाहते हैं तो आप 3 दबाकर इसके बारे में पूछ सकते हैं।
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Oct. 12, 2020, 12:20 p.m. | Tags: lockdown   governance   collective action   int-DT   coronavirus   govt entitlements   int-PAJ   wages   workplace entitlements