एक निर्माण कम्पनी में काम करने वाले बिहार के तौहीद गुरुग्राम में साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से सोनू से बात कर बता रहे हैं कि घर पर काम न होने, बाढ़ की वजह से आजीविका के सारे रास्ते बंद हो जाने के कारण मजबूरी में पाँच दिनों के बस का सफ़र तय करके किसी तरह यहाँ पहुँचे हैं और अभी इन्हें कितना पारिश्रमिक मिलेगा, ये भी पता नहीं है। इन सारी परिस्थितियों के लिए बिहार सरकार ज़िम्मेदार है।
