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*चार्ली चैपलिन 2 का डाक विभाग ने किया स्टैम्प जारी* _हीरो राजन कुमार ने डाक विभाग, पोस्टमास्टर जेनरल स्वाति पाण्डेय का धन्यवाद किया_ हीरो राजन कुमार न केवल बॉलीवुड फिल्मों और टीवी शोज में अभिनय करते हैं बल्कि चार्ली चैपलिन द्वितीय के रूप में वह लगभग दो दशक से परफॉर्म भी करते आ रहे हैं। 5 हजार से अधिक लाइव शोज़ करने का रिकॉर्ड बनाने वाले राजन कुमार का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। वह कई ब्रांड्स से भी जुड़े हैं, और कई उत्पादों, प्रोजेक्ट्स के वह ब्रांड एंबेसडर भी हैं। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के आइकॉन रह चुके राजन कुमार की तस्वीर अब भारतीय डाक टिकट पर छप गई है। जी हां, चार्ली चैपलिन 2 का डाक विभाग ने स्टैम्प जारी किया है जो राजन कुमार के फैन्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। आपको बता दें कि स्वाति पाण्डेय, पोस्टमास्टर जेनरल, महाराष्ट्र के साथ एक महीने तक 26 जनवरी की झांकी में परेड के दौरान राजन कुमार को रहने का मौका मिला। उस दौरान उन्होंने राजन कुमार के आर्ट को काफी पसन्द किया। उन्होंने पोस्ट इंडिया से सम्बन्धित सारी जानकारी दी। यही वजह है कि आज चार्ली चैपलिन द्वितीय पर स्टैम्प जारी किया गया है। यह दिन कलाकारों के लिए बहुत बड़ा है। यह दिन मुंगेर, बिहार, सिनेमा जगत के लिए बहुत बड़ा है। किसी जीवित हस्ती पर इस तरह का डाक टिकट जारी करके कला का सम्मान किया गया है। राजन कुमार ने डाक विभाग, स्वाति पाण्डेय का धन्यवाद किया है। वास्तव में चार्ली चैपलिन द्वितीय का डाक टिकट जारी होना कला, कलाकारों का सम्मान है। जहां तक डाक विभाग और डाक टिकट के इतिहास की बात है, इसकी कहानी बड़ी गौरवपूर्ण रही है। भले ही आज हम नई नई तकनीक के दौर में जी रहे हैं। आज यह सुविधा उपलब्ध है कि हम जब चाहे किसी से भी फोन, इंटरनेट के द्वारा बात कर सकते हैं। लेकिन एक वक्त ऐसा था जब एक दूसरे का हाल जानने के लिए पत्र भेजा जाता था। फैक्स, ई मेल, व्हाट्सऐप का वो जमाना नहीं था और डाक विभाग द्वारा चिट्ठी प्रियजनों तक पहुंचाई जाती थी जिसे पहुंचने में हफ़्तों लग जाते थे। आपको जानकर हैरत होगी भारतीय डाक सेवा 1.55 लाख से भी अधिक पोस्ट ऑफिस के साथ दुनिया का सबसे बड़ा डाक सिस्टम है। भारतीय डाक सेवा की स्थापना 1854 में हुई थी। किसी भी हस्ती पर डाक टिकट जारी होना काफी बड़ा अचीवमेंट माना जाता है। ऐसे में राजन कुमार aka चार्ली चैपलिन 2 पर डाक टिकट जारी होने से उनके प्रशंसकों के बीच एक गज़ब का उत्साह और क्रेज देखा जा रहा है। दरअसल चार्ली चैपलिन द्वितीय के रूप में राजन कुमार भारत सहित विश्व भर में बेहद लोकप्रिय हैं। बच्चो, टीनएजर्स, युवाओं के बीच भी वह काफी पॉपुलर है। चार्ली चैपलिन द्वितीय के रूप में राजन कुमार बच्चो के साथ साथ बड़ो को भी हसाते रहे हैं। चार्ली चैपलिन द्वितीय के नाम का डाक टिकट जारी होने पर राजन कुमार को बधाई देने का तांता लग गया है। हम भी उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं। बेस्ट ऑफ लक मिस्टर राजन कुमार ! यूंही हंसते हंसाते रहें चार्ली चैपलिन- 2.
बिहार राज्य के मुंगेर जिले से विपिन कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से लल्लन छुट्टन की कहानी सुनाकर महिला समूह के एक महिला से बातचीत की जिसमे महिला ने बताया की उसे लल्लन छुट्टन की कहानी काफी पसंद आयी और यहाँ बहुत अच्छी बात बताई गयी है। इनका कहना है पैसे को घर में नहीं रखना चाहिए क्योंकि पैसे घर में सुरक्षित नहीं हैं और घर में पैसे चोरी हो सकती है तथा इसे चूहा भी खा सकता है इसलिए डाकघर में पैसे रखना चाहिए क्योंकि यहाँ पैसे सुरक्षित होते है और यहाँ से हम जब भी जरुरत हो पैसे को निकाल क्र इस्तेमाल क्र सकती हैं।
मुंगेर से जमालपुर प्रखंड से सुमित कुमार जी ने पैसे की बचत को लेकर जानकारी साझा की,जिसमें उन्होंने बताया कि वो मुंगेर की आवाज सुनते हैं और वहां से पैसे की बचत के बारे में जागरूकता हासिल किया। इसके अलावा उनको लल्लन छुट्टन के नाटक के माधयम से यह भी पता चला कि डाकघर में भी पैसे बचत करने कि सारी सुविधाएं दी जाती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस व्यवस्था से गांव वालों को पैसे बचत करने में बहुत ही सहायता मिल रही है। पहले दूर जाने और बैंक में लम्बी लाईन पे खड़े रहने में उनको काफी दिक्कत होती थी और इसलिए वो घर में ही पैसा रखना पसंद करते थे ,लेकिन अब डाकघर की सुविधा आने से वो अपना पैसा डाकघर में ही रखते हैं ,और इन सबकी जानकारी के लिए वो हमेशा लल्लन छुट्टन का नाटक देखते हैं।
बिहार राज्य के मुंगेर जिले से दीपक कुमार आर्य ने मोबाइल वाणी के माध्यम से डाकघर से मिलने वाली सुविधा के विषय में रतनपुर ग्राम के गोपाल सिंह नेपाली से साक्षात्कार किया।गोपाल सिंह नेपाली ने बताया की डाकघर से वो किसान विकास पत्र की सुविधा ले रहे हैं।इसमें एक बार पैसे डालने पर पैसे एक साल बाद मिलते हैं।और इसमें किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं है।लेकिन इससे काफी फायदे भी हुए हैं।उनका कहना ये है की काफी लोंगो के लिए यह विश्वसनीय रहा है काफी लोगों को जिस तरह से लल्लन-छोटन की नाटक भी पसंद आयी है।इसलिए सभी जागरूक लोग डाकघर में ही पैसे डालते हैं।और सही समय पर उन्हें पैसे मिल जाते हैं।इसलिए गोपाल सिंह नेपाली जी चाहते हैं की सभी ग्रामीण वासी डाकघर में बचत खाता खुलवाएं और इसका लाभ उठाएं।
बिहार राज्य के मुंगेर जिले के नवागड़ी भगत चौकी के वार्ड नंबर एक से अजय पासवान मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि डाकघर की सभी एपिसोड इन्हें अच्छी लगी।इनका कहना है की उनके यहाँ डाकघर तो सिर्फ नाम का है क्योकि वहाँ पैसे जमा करने तथा रजिस्ट्री करने का कोई व्यवस्था नहीं है।इस कारण लगभग दस हजार आदमी बहुत परेशान रहते है।और यही वजह है कि इन्हें आठ से दस किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। वही इनका कहना है कि इन्हें अच्छा नहीं लगता है कि डाकघर रहते हुए लोग इससे अपेक्षित रहते है।
बिहार राज्य के मुंगेर जिले से दीपक कुमार आर्य मोबाइल वाणी के माध्यम से चंदनपुरा गांव के ग्रामीण मुकेश कुमार से साक्षात्कार ले रहे है जिसमें मुकेश कुमार जी का कहना है कि डाकघर में बहुत सुविधा है लेकिन इनके पंचायत में डाकघर की सुविधा पांच किलोमीटर दूर जाकर ही मिलती है। इनका कहना है डाकघर में बहुत काम होता है जैसे खाता खुलता है,डीडी बनता है लेकिन बहुत कम लोग इस सुविधा के बारे में जानते है।वह लल्लन-छुट्टन का कार्यकरम छह महीने से सुन रहे है और इन्हें कार्यकरम सुनना अच्छा लग रहा है।
बिहार राज्य के मुंगेर जिले से विपिन कुमार ने बताया कि भारत सरकार की तरफ से शुरू की गई पोस्ट पेमेंट योजना डाकघर के ग्राहकों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। एक मैसेज पर डाकिया रूपये के लेन-देन के लिए घर पहुँच जाते हैं। इससे लोगों को पैसे निकालने और जमा करने के लिए लम्बी लाइनों में खडा नही होना पड़ता है। ग्राहक मोबाईल एप के माध्यम से डाकघरों में मैसेज देते हैं और मैसेज मिलते ही डाकिये ग्राहकों के घर पर रूपये के लेन-देन के लिए पहुँच जाते हैं
बिहार राज्य के जिला मुंगेर के जमालपुर प्रखंड के बांक पंचायत से दीपक कुमारआर्य मोबाइल वाणी के माध्यम से पंद्रह नंबर वार्ड के जनप्रतिनिधि चंद्रशेखर ताती से साक्षात्कार ले रहे है जिसमे उनका कहना है कि इनके पंचायत में डाकघर की सुविधा है लेकिन जानकारी के अभाव में उनका लाभ नहीं ले पाते है।वही इनका कहना है कि वह अपने पैसे की बचत बैंक तथा डाकघर में करते है।लेकिन बैंक तथा डाकघर द्वारा इन्हें कोई जानकारी नहीं दी जाती है।
