बिहार राज्य के मुंगेर जिला के सीताकुंडडीह से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बदलते मौसम के बारे में धोनी लाल यादव से साक्षात्कार किया। जिसमे धोनी लाल यादव ने बताया कि सूखा पड़ने से और बाढ़ के आने से खेती करने में ज्यादा समस्या उत्त्पन्न होने लगती है। उन्होंने कहा कि सरकार के तरफ से यह सुविधा चाहते हैं की खेती करने के लिए पानी की सुविधा मिल सके। साथ ही यह भी कहा कि सरकार की और से कोई भी मुआवजा नहीं मिल पता है, जिसके चलते उन्हें रोजगार करने के लिए बाहर भी जाना पड़ता है

बिहार राज्य के मुंगेर जिला के सीताकुंडडीह से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बदलते मौसम के बारे में नरेश यादव से साक्षात्कार किया। जिसमे नरेश यादव ने बताया कि सूखा पड़ने से और बाढ़ के आने से खेती करने में ज्यादा समस्या उत्त्पन्न होने लगती है। उन्होंने कहा कि सरकार के तरफ से यह सुविधा चाहते हैं की खेती करने के लिए पानी की सुविधा मिल सके। साथ ही यह भी कहा कि सरकार की और से कोई भी मुआवजा नहीं मिल पता है, जिसके चलते उन्हें रोजगार करने के लिए बाहर भी जाना पड़ता है

हवेली खरगपुर के किसान मोहन कुमार ने बताया कि वह बाढ़ और सूखा दोनों क्षेत्र में आते हैं इस बार रबी और खरबी दोनों फसल में हनी हुआ है सरकार से उनको उम्मीद है कि कुछ ना कुछ रोजगार मिलेगा बिहार सरकार ने सूखाग्रस्त किसानों को 3500 रुपैया दिया उससे कुछ परेशानी तो दूर हुआ लेकिन समस्या बरकरार है क्योंकि कोई रोजगार नहीं है

किसान भाई से लिया गया विचार और विपिन कुमार के द्वारा प्रसारित किया गया यह विचार को विस्तार पूर्वक सुनने के लिए मुंगेर की आवाज़ का टोल फ्री नंबर 092787 01369 पर कॉल करें जिले का हर छोटी बड़ी खबर को सुने और तीन नंबर का बटन दबाकर आप अपनी समस्या यह प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करें धन्यवाद

बिहार राज्य के मुंगेर जिला के हवेली खरगपुर से लक्ष्मण कुमार सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि क्षेत्र में मौसम का पता ही नहीं चल रहा है, ठंड के समय में गर्म, गर्म के समय में ठंड इसका प्रभाव सबसे अधिक कृषि क्षेत्र पर पड़ा है। जहां बारिश होना चाहिए वहां पर सुखा होता है, जहां सूखा होना चाहिए वहां बारिश होता है। एक तरफ बाढ़ से लोग परेशान हैं, दूसरी तरफ सुखा से, इस तरह से किसानों और मजदूरों में काफी परेशानी बढ़ चुका है। किसान खेती करना नहीं चाहता है क्योंकि उसे मुनाफा ही नहीं होता है, मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है, इसका मुख्य कारण है प्रकृति के साथ छेड़छाड़, वन कटाई अधिक हो रहा है। इस पर रोक लगना चाहिए, पानी को सुरक्षित बांध बनाकर रखना चाहिए, वृक्ष लगाना चाहिए तभी पर्यावरण में परिवर्तन हो सकता है। अन्यथा लोगों को प्राकृतिक समस्या को झेलना पड़ेगा

बिहार राज्य के मुंगेर जिला से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह कहते हैं कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बदल रहे मौसम की वजह से लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने लगी हैं । खासकर बच्चों व बुजुर्गों पर इसका ज्यादा असर देखने को मिलता है। इसलिए इस मौसम में बच्चों व बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उक्त बातें जिला के एसीएमओ डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने कही। उन्होंने बताया कि ऐसे समय में हमें अपने घर के बड़े- बुजुर्ग और छोटे बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखने की आवश्यकता है। क्योंकि इस दौरान बुजुर्गों में मधुमेह और उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और दमा आदि की समस्याएं बढ़ जाती हैं । वहीं छोटे बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और निमोनिया के होने का खतरा बढ़ जाता है । इसलिए स्वास्थ्य संबंधी निगरानी बेहद ज़रूरी है। उन्होंने बताया की ठंड के समय में चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही स्वास्थ्य जांच कराना चाहिए। अस्थमा, डायबिटीज, हाई बीपी, दिल की बीमारी की परेशानी से जूझ रहे बुजुर्गों को इस मौसम में गुनगुना पानी पीना चाहिए ताकि वो सर्दी व जुकाम और खांसी की समस्या दूर रहें । गर्म पानी में नमक डालकर गरारा करना काफी फायदेमंद होता है। मॉर्निंग वॉक या योग का सहारा लेकर शरीर और मन को चुस्त-दुरुस्त रखें। ज्यादा मसालेदार भोजन से परहेज करें, ताकि कब्ज एसीडिटी से बच सकें । आम लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि ठंड में शरीर को गर्म रखना जरूरी है। सुबह की सैर और शारीरिक गतिविधियां कम हो गयी हैं। घर में रहकर ही हल्के फुल्के व्यायाम करें, योगासन करें और घर के छोटे छोटे काम करते रहें। इससे शारीरिक गतिविधियां भी होती रहेंगी और समय भी कट जाएगा। आहार के प्रति सतर्क रहें। घर पर बना ताजा और गर्म खाना खाएं ज्यादा तेल मसाले और भुने भोजन से बचें। प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए पोषक तत्वों को आहार में बढ़ाएं और विटामिन सी की कमी दूर करने के लिए खट्टे फल और नींबू पानी का सेवन करें, तंबाकू या धूम्रपान से बचें तथा स्वस्थ रहें।