*स्वच्छता अभियान के ब्रांड एंबेसडर हीरो राजन कुमार ने छठ पर्व पर लोगों से सफाई की अपील की* छठ पूजा को महापर्व कहा गया है और उसका कारण यह है कि यह आस्था और श्रद्धा का पर्व है। छठ पर्व में साफ-सफाई का विशेष ध्यान देना होता है। छठी माई की पूजा में पवित्रता और शुद्धता का खास ख्याल रखा जाता है। छठ व्रत करने से घर में सुख-शांति आती है। स्वच्छता अभियान के ब्रांड एंबेसडर हीरो राजन कुमार ने कहा कि छठ के महापर्व में लोगों को मन शुद्ध रखने के अलावा साफ सफाई का पूरा ख्याल रखने की आवश्यकता है। अपने आसपास को शुद्ध और साफ रखने की जरूरत है। मुंगेरवासियों से मेरी अपील है कि वे गंगा घाट को गंदा न होने दें। क्योंकि गंदगी से कई प्रकार की बीमारियां होती हैं। स्वच्छता अभियान के ब्रांड एंबेसडर होने के नाते मैं लोगों से विनती करूंगा कि छठ का पर्व बहुत पवित्र और शुद्ध होता है इसे उतनी ही श्रद्धा और सफाई के साथ मनाएं। मुझे कई बार भगवान सूर्य का किरदार करने का अवसर मिला है। मैंने हर परफॉर्मेंस में लोगों से यही अपील की है कि लोग साफ सफाई का ध्यान रखें। मुझे उम्मीद है कि इस बार लोग चीजों को बेहतर ढंग से करेंगे। स्वच्छता को लेकर प्रशासन की ओर से भी काफी कार्य किए जा रहे हैं। स्वच्छता के मामले में मुंगेर की रैंकिंग काफी अच्छी है। सबसे अच्छी बात है कि यह शहर गंगा तट पर स्थित है। मुम्बई में रह रहे तमाम उत्तर भारतीयों और छठ मना रहे लोगों से राजन कुमार ने अपील की कि साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें। इस महापर्व के बारे में लोगो से बातचीत करके उन्हें बताएं। छठ का पर्व भारत के पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों के अलावा मुम्बई और विदेशों में भी बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस पर्व में भगवान सूर्यदेव की अराधना की जाती है। यह पर्व पूरे चार दिनों तक चलता है, जिसमें 36 घंटे का निर्जला व्रत भी होता है। स्वच्छता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है पर जोड़ देते हुए हीरो राजन कुमार ने देश विदेश में रह रहे भारतीयों को महापर्व छठ की शुभकामनाएं दी।
*हरिमोहन सिंह को राष्ट्रीय सब जूनियर खो-खो चैंपियनशिप के लिए बिहार बालिका टीम मैनेजर बनाया गया 29 अक्टूबर से 2 नवंबर 2022तक महाराष्ट्र के फलतन जिला सहारा में आयोजित होने वाले 32 वीं सब-जूनियर राष्ट्रीय(पुरुष एवं महिला) चैंपियनशिप -2022-23 में भाग लेने वाली खो-खो एसोसिएशन ऑफ बिहार की बालिका टीम मैनेजर मुंगेर जिला खो-खो संघ के सेक्रेट्री हरिमोहन सिंह को बनाया गया है। ज्ञात हो कि हरिमोहन सिंह बरियारपुर प्रखंड के कल्याणपुर गांव के रहने वाले हैं एवं पिछले सात सालों से लगातार खेल व खिलाड़ी को बढ़ावा देने एवं राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर उसकी प्रतिभा को निखारने के लिए लगातार निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं। उनके मुताबिक खेल व खिलाड़ी के प्रति समर्पण भाव से निस्वार्थ होकर कार्य करने से प्रभावित होकर उन्हें ये जिम्मेवारी सौंपी गई है । बताते चलें कि इन्होंने मुंगेर के खो-खो खेल व खिलाड़ियों को अंतरास्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलवाने का कार्य किए हैं । इनके नेतृत्व में मुंगेर के खिलाड़ी अंतरास्ट्रीय एवं दर्जनों राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का डंका बजा चुके हैं ।खेल-खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। इस से पूर्व कोल्हापुर महाराष्ट्र में आयोजित 51 वीं सीनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप 2017 के बाद से लगातार इनको राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कई बार हर साल बिहार महिला टीम मैनेजर व प्रभारी बनाया जा चुका है । साथ ही युवा समाजसेवी के तौर पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, खेल मंत्री , समाज कल्याण , विधि कानून मंत्री आदि के हाथों सम्मानित हो चुके हैं । पुनः बिहार बालिका खो-खो टीम मैनेजर बनाने पर हरिमोहन सिंह ने राज्य खो-खो संघ के सभी गणमान्य पदाधिकारीगण को आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद् किए । साथ ही खेल खिलाड़ी को मुंगेर में आने वाली परेशानियों को दूर कर उनकी हर संभव मदद करने की बात कहीं । प्रदेश टीम इंचार्ज बनाएं जाने पर हरिमोहन सिंह को मुंगेर जिला खो-खो संघ एवं जनकल्याण शिव शक्ति हरिमोहन फाउंडेशन के खिलाड़ी , पदाधिकारी , समाजसेवी एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों , राजनेताओं ने शुभकामाएं दी।
हवेली खरगपुर क्षेत्र में डेंगू और टाइफाइड का ज्यादा प्रभाव लोगों पर पड़ रहा है जो भी व्यक्ति जांच करा रहे हैं उन्हें डेंगू या टाइफाइड बताया जा रहा है जिन का इलाज में 5000 से ज्यादा लग रहा है लोगों ने बताया कि वह पहले ही आर्थिक मंदी से झेल रहे हैं कमाने का कोई रोजगार नहीं है किसी तरह से घर परिवार चल रहा है त्यौहार का भी समय है बीमारी भी परेशान किया हुआ है किसानों ने कहा कि सुखा हो जाने के कारण खेतों में भी कुछ नहीं लगा इस बार हर तरफ घटा ही घटा है ग्रामीणों ने मांग किया कि स्वास्थ्य विभाग एक्टिव होकर सही समय पर सही दवाओं का उपचार करें तो बीमारी फैलने से बच सकता है लेकिन इस पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है जिसके कारण से डेंगू और टाइफाइड मलेरिया इत्यादि बीमारी बढ़ रहा है
अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह दिवस पर स्वास्थ्य संस्थान और जीविका के सीएलएफ पर मनाया जाएगा निःशुल्क जांच सह परामर्श सप्ताह - प्रति वर्ष 14 नवंबर को मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह दिवस - राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने सभी जिलों के सिविल सर्जन और गैर संचारी रोग पदाधिकारी को पत्र जारी कर दिए निर्देश मुंगेर, 27 अक्टूबर। अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह दिवस पर जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थान और जीविका के सीएलएफ पर आगामी 14 से 21 नवंबर तक निःशुल्क जांच सह परामर्श सप्ताह मनाया जाएगा । इस आशय की जानकारी मुंगेर के गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ के. रंजन ने गुरुवार को दी। उन्होंने बताया कि नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रीवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ कैंसर, डायबिटीज, कार्डियो वैस्कुलर डिजीज और स्ट्रोक्स (एनपीसीडीसीएस) के तहत प्रत्येक वर्ष 14 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह दिवस को लेकर 14 से 21 नवंबर तक निःशुल्क जांच सह चिकित्सा परामर्श सप्ताह शिविर आयोजित करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इन शिविरों में आने वाले व्यक्तियों की उच्च रक्तचाप व मधुमेह रोग की स्क्रीनिंग के साथ - साथ उन्हें इन रोग से बचाव के उपायों की जानकारी दी जायेगी। इसके साथ ही स्वस्थ्य रहने के लिए सही खानपान की आदतों वाली जीवन शैली अपनाने संबंधी जानकारी भी दी जायेगी। उन्होंने बताया कि निःशुल्क जांच सह चिकित्सकीय परामर्श शिविर के आयोजन से पूर्व जिला भर के सभी स्वास्थ्य संस्थान, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और जीविका के क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) क्षेत्र में प्रचार- प्रसार के लिए लोगों के बीच हैंडबिल , पोस्टर ,दिवाल लेखन के साथ - साथ ई. रिक्शा के माध्यम से माइकिंग करायी जाएगी । लोगों को शिविर के आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए उन्हें शिविर में अपनी जांच कराने और चिकित्सक से आवश्यक परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही सदर अस्पताल स्थित एनसीडी क्लिनिक के मुख्य द्वार को नीली बत्ती और बैलून से तथा पूरे भवन को नीली रोशनी से सजाया जाएगा। इसके अलावा जिला के पीएचसी/एसडीच/एनसीडी क्लिनिक के अंतर्गत एवम बाह्य रोगियों के लिए एनसीडी जैसे उच्च रक्तचाप, तीनों प्रकार के सामान्य कैंसर के अंतर्गत आवश्यक दवाइयां इसेंशियल ड्रग लिस्ट और नॉन इसेंशियल ड्रग लिस्ट के अनुसार निःशुल्क उपलब्ध करायी जाएगी । ये हैं मधुमेह के लक्षण और बचाव के उपाय : 1. बार - बार पेशाब होना । 2. अधिक प्यास लगना । 3. कमजोरी लगना । 4. वजन का घटना । बचाव के उपाय : 1. संतुलित भोजन । 2. नियमित व्यायाम । 3. नियमित जांच एवम उपचार । 4. साइकिल चलाना । 5. तैराकी करना ।
बिहार राज्य के मुंगेर जिला से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह कहते हैं कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बदल रहे मौसम की वजह से लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने लगी हैं । खासकर बच्चों व बुजुर्गों पर इसका ज्यादा असर देखने को मिलता है। इसलिए इस मौसम में बच्चों व बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उक्त बातें जिला के एसीएमओ डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने कही। उन्होंने बताया कि ऐसे समय में हमें अपने घर के बड़े- बुजुर्ग और छोटे बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखने की आवश्यकता है। क्योंकि इस दौरान बुजुर्गों में मधुमेह और उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और दमा आदि की समस्याएं बढ़ जाती हैं । वहीं छोटे बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और निमोनिया के होने का खतरा बढ़ जाता है । इसलिए स्वास्थ्य संबंधी निगरानी बेहद ज़रूरी है। उन्होंने बताया की ठंड के समय में चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही स्वास्थ्य जांच कराना चाहिए। अस्थमा, डायबिटीज, हाई बीपी, दिल की बीमारी की परेशानी से जूझ रहे बुजुर्गों को इस मौसम में गुनगुना पानी पीना चाहिए ताकि वो सर्दी व जुकाम और खांसी की समस्या दूर रहें । गर्म पानी में नमक डालकर गरारा करना काफी फायदेमंद होता है। मॉर्निंग वॉक या योग का सहारा लेकर शरीर और मन को चुस्त-दुरुस्त रखें। ज्यादा मसालेदार भोजन से परहेज करें, ताकि कब्ज एसीडिटी से बच सकें । आम लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि ठंड में शरीर को गर्म रखना जरूरी है। सुबह की सैर और शारीरिक गतिविधियां कम हो गयी हैं। घर में रहकर ही हल्के फुल्के व्यायाम करें, योगासन करें और घर के छोटे छोटे काम करते रहें। इससे शारीरिक गतिविधियां भी होती रहेंगी और समय भी कट जाएगा। आहार के प्रति सतर्क रहें। घर पर बना ताजा और गर्म खाना खाएं ज्यादा तेल मसाले और भुने भोजन से बचें। प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए पोषक तत्वों को आहार में बढ़ाएं और विटामिन सी की कमी दूर करने के लिए खट्टे फल और नींबू पानी का सेवन करें, तंबाकू या धूम्रपान से बचें तथा स्वस्थ रहें।
शनिवार को मुंगेर जिले के होमगार्ड के सफल अभ्यर्थी ने अपने आंदोलन को तेज करने हेतु नौवागढ़ी मैदान में सैकड़ों की तादाद में जूट कर एक अति आवश्यक बैठक की बैठक की अध्यक्षता कृष्ण मुरारी कुमार कर रहे थे वही अध्यक्षता करते हुए श्री कुमार ने बताया कि हम लोग 2009 एवं 2011 में होमगार्ड भर्ती बहाली हेतु अपना आवेदन भरा था जिसका सरकार द्वारा मई 2022 में बहाली की प्रक्रिया शुरू हुई और हम लोग फिजिकल मेडिकल में फिट हुए हम लोगों का नाम मेघा सूची में भी आया पर हम लोगों का नियुक्ति नहीं किया गया हम लोग इसको लेकर बिहार सरकार के मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री से भी मिले आश्वासन तो मिला पर अब तक कुछ नहीं हुआ इसी को देखते हुए आज हम लोग एक अति आवश्यक बैठक किए और आंदोलन को तेज करने पर विचार विमर्श किया गया बैठक में उपस्थित रामविलास यादव, रानी कुमारी , सुषमा कुमारी ,धनराज कुमार ,रामप्रवेश कुमार, रवि कांत कुमार ,इत्यादि सैकड़ों अभ्यर्थी उपस्थित थे
धनतेरस को लेकर बाजारों में उमड़ी भीड़
ग्लोबल आयोडीन अल्पता बचाव दिवस पर सदर अस्पताल से निकली जागरूकता रैली -रैली को डीपीएम, एनसीडीओ और अस्पताल उपाधीक्षक ने दिखाई हरी झंडी - 21 से 27 अक्टूबर तक स्वास्थ्य संस्थानों में मनाया जाएगा ग्लोबल आयोडीन अल्पता बचाव सप्ताह - प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता ग्लोबल आयोडीन अल्पता बचाव दिवस मुंगेर, 21 अक्टूबर। ग्लोबल आयोडीन अल्पता विकार बचाव दिवस पर शुक्रवार को सदर अस्पताल परिसर से एएनएम स्कूल की छात्राओं सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई । इस रैली को जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजी, जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ के. रंजन और सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ राम प्रवेश ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाई । मालूम हो कि प्रति वर्ष 21 अक्टूबर को ग्लोबल आयोडीन अल्पता विकार बचाव दिवस मनाया जाता है। इसी के मद्देनजर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने वैश्विक आयोडीन अल्पता विकार बचाव दिवस को जागरूकता अभियान के रूप में मनाने के लिए सभी जिलों में पत्र जारी किया है। पत्र के अनुसार 21 से 27 अक्टूबर तक ग्लोबल आयोडीन अल्पता बचाव सप्ताह मनाने का निर्णय लिया गया है। मुंगेर के गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. के. रंजन ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को ग्लोबल आयोडीन अल्पता विकार बचाव दिवस का आयोजन कर आयोडीन युक्त नमक के सेवन के प्रति जागरूक किया जाता है। इस बार भी जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी कार्यालयों के बाहर आयोडीन की अल्पता से होने वाली बीमारियों की जानकारी होर्डिंग के माध्यम से दी जा रही है। इसके अलावा ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों खास कर गर्भवती महिलाओं को आयोडीन युक्त नमक के सेवन और मात्रा के बारे में बताया जा रहा है। आहार का प्रमुख पोषक तत्व है आयोडीन- जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजी ने बताया कि आयोडीन शरीर के लिए बहुत ही जरूरी है। इसकी कमी से हार्मोन का उत्पादन भी बंद हो सकता है। जिससे शरीर के सभी अंग अव्यवस्थित हो सकते हैं। आयोडीन की कमी से गर्भवती महिलाओं में गर्भपात का खतरा बना रहता है। इसके अलावा बहरापन, बौनापन , अविकसित मस्तिष्क और सीखने और समझने की क्षमता में भी कमी की समस्या होती है। मूली, शतावर, गाजर, टमाटर, पालक, आलू, केला, दूध और समुद्र से पाए जाने वाले आहार अधिक मात्रा में आयोडीन वाले आहार हैं। शिशु के विकास में आयोडीन महत्वपूर्ण : सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ राम प्रवेश ने बताया कि आयोडीन शिशु के दिमाग के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मां में आयोडीन की कमी से पैदा होने वाले बच्चे का शारीरिक विकास भी पूरा नहीं हो पाता है। भ्रूण के समुचित विकास के लिए आयोडीन एक जरूरी पोषक तत्व है। यह शिशु के दिमाग के विकास में अहम भूमिका अदा करता है। शरीर के तापमान को भी नियंत्रित करने का काम आयोडीन करता है। हमें यह जानना जरूरी है कि अन्य विकारों के अलावा शरीर में आयोडीन की कमी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी प्रभावित करती है।
नगर परिषद की सफाई व्यवस्था से खुश हैं वार्ड संख्या 6 के ग्रामीण
फाइलेरिया उन्मूलन-एमडीए कार्यक्रम से पूर्व माइक्रो फाइलेरिया की दर जानने को नाइट ब्लड सर्वे शुरू - जिला के सभी प्रखंडों में चलेगा नाइट ब्लड सर्वे - प्रत्येक प्रखंड से 20 वर्ष से अधिक आयु के 600 लोगों का लिया जाएगा ब्लड सैंपल - नाइट ब्लड सर्वे टीम में एक लैब टेक्नीशियन सहित शामिल रहेंगे 4 स्वास्थ्य कर्मी मुंगेर, 18 अक्टूबर। फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिला भर में चलाए जाने वाले एमडीए कार्यक्रम से पूर्व माइक्रो फाइलेरिया की दर जानने के लिए मंगलवार से नाइट ब्लड सर्वे का काम शुरू हो गया। इसके लिए जिला भर के प्रत्येक प्रखंड में एक - एक सेंटिनल और रेंडम साइट बनाए गए हैं। उक्त बातें मंगलवार को जिला के सिविल सर्जन डॉ पीएम सहाय ने कही । उन्होंने बताया कि जिला के सभी प्रखंडों में फाइलेरिया रोगियों की पहचान के लिए नाइट ब्लड सर्वे का काम मंगलवार से अगले आठ दिनों तक चलेगा। इसके लिए चार सदस्यीय टीम भी बना दी गई है जिसमें अनिवार्य रूप से एक लैब टेक्नीशियन होंगे। आम लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मुंगेर जिला को फाइलेरिया के संक्रमण से पूरी मुक्त बनाने के लिए सभी जिलावासी अपने क्षेत्र में जाने वाली नाइट ब्लड सर्वे की टीम को अपना पूरा सहयोग और भागीदारी दें ताकि जिला को जल्द से जल्द फाइलेरिया मुक्त बनाने में मदद मिल सके। नाइट ब्लड सर्वे के लिए बनाए गए हैं साइट - डिस्ट्रिक्ट वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत शुरू किए गए नाइट ब्लड सर्वे के लिए असरगंज में अमैया गांव और चोरगांव के अंतर्गत लौड़िया टोला में साइट बनाया गया है। इसी तरह बरियारपुर के खरिया और नया छावनी , धरहरा प्रखंड के धरहरा और अमारी, हवेली खड़गपुर के मुजफ्फरगंज, खानबिहारी, जमालपुर के गांधीरामपुर, जगदम्बापुर,सदर प्रखंड के शंकरपुर,शरण सिंह टोला, मुंगेर शहरी क्षेत्र के हेरुदियारा,और मुंगेर नगर निगम के वार्ड नंबर 36, संग्रामपुर के चंदनपुरा, हेलीचक, तारापुर प्रखंड के तेघरा, लौना, टेटिया बंबर प्रखंड के कलय एवम लोहरा में साइट बनाया गया है। सर्वे टीम 20 वर्ष से अधिक आयु के कुल 600 लोगों के ब्लड सैंपल लेगी - यहां से नाइट ब्लड सर्वे टीम के सदस्य 20 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के एक साइट पर 300 और दूसरे साइट पर भी 300 कुल 600 लोगों के ब्लड का सैंपल लेंगे। जिला भर के पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि अपने- अपने क्षेत्र में नाइट ब्लड सर्वे के लिए जाने वाली टीम को अपना सहयोग प्रदान करें ताकि मुंगेर फाइलेरिया मुक्त बनाने में मदद मिल सके । रात 8 : 30 बजे से 12 :30 बजे तक नाइट ब्लड सर्वे का काम चलेगा- जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार पंकज कुमार प्रणव ने बताया कि लोगों में माइक्रो फाइलेरिया की दर जानने के लिए रात 8 : 30 बजे से 12 :30 बजे तक नाइट ब्लड सर्वे का काम चलेगा। प्रत्येक प्रखंड में कार्यरत प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत दो गांवों में फिक्स्ड और रैंडम साइट बनाकर लगातार चार- चार कुल आठ दिनों तक कुल 600 लोगों के ब्लड का सैंपल लिया जाएगा।
