धान की फसल में कीटाणु लगने के कारण धान का फसल हो रहा है बर्बाद जहां एक और प्रकृति की आपदा सुखाड़ की मार झेल रहे किसानों को सहना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर अगर कुछ किसान ने कड़ी मेहनत कर कर के अपने खेत में धान लगाया हुआ है अब वह धान कीटाणु के कारण हो रहा है बर्बाद ताजा मामला संग्रामपुर प्रखंड के रामपुर पंचायत के अंतर्गत मंझगांय गांव के है जहां पर की किसानों ने जिला कृषि पदाधिकारी मुंगेर को आवेदन देते हुए कहा कि 25 से 30 एकड़ में फसलों को कीट का प्रकोप होने के कारण फसल क्षति पहुंच गया है वहीं किसानों के द्वारा दिए गए आवेदन में यह भी कहा गया है कि प्रखंड से अनुदान पर बीज एवं कुछ बाजार से खरीद कर लगाया गया था और फसल भी बहुत अच्छा एवं बढ़िया था परंतु अचानक 1 सप्ताह पहले आंशिक रूप से कीट का प्रकोप इतना बढ़ गया है जिसके चलते देखते ही देखते कीटाणु का रूप विकराल रूप ले लिया है 25 से 30 एकड़ फसल बर्बाद हो चुका है जिस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है हम सभी किसान काफी चिंतित हैं यहां की स्थिति यह हो रही है कि सभी किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच सकता है वही मौके पर किसान जगनंदन शर्मा श्याम नंदन शर्मा श्याम सुंदर शर्मा पवन कुमार राय अभिषेक कुमार शर्मा विपिन राय आदि दर्जनों किसानों के द्वारा जिला कृषि पदाधिकारी मुंगेर से इस बीमारी से छुटकारा पाने की मांग की है जिसमें कि तारापुर के अनुमंडल कृषि पदाधिकारी संदीप राज ने किसानों के खेतों में जाकर जांच की एवं सही पाया गया वही इस पर किसानों का आश्वासन दिया गया कि आप की फसल की बर्बादी का निराकरण के लिए जिला से राज्य तक भेजा जाएगा उन्हें इस मौके पर दर्जनों से अधिक किसान मौजूद थे
कृमि संक्रमण से बचाव के लिए बच्चों को खिलाएँ अल्बेंडाजोल की गोली : सीएस - 7 लाख 77 हजार 559 बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य - 7 नवंबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस और 11 नवंबर को मॉप अप दिवस पर बच्चों को खिलाई जाएगी अल्बेंडाजोल की गोली - 1 से 19 साल तक के बच्चों को सभी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर खिलाई जाएगी दवा मुंगेर, 06 नवंबर। कृमि संक्रमण से बचाव के लिए बच्चों को खिलाएँ अल्बेंडाजोल की गोली । उक्त बात रविवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (7 नवंबर) और मॉप अप दिवस (11 नवंबर) के प्रति निकाले गये जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाते हुए सिविल सर्जन डॉ पीएम सहाय ने कही। उन्होंने बताया कि मिट्टी, पानी और वातावरण के कारण बच्चे और बड़े दोनों में हुकवर्म, टैप वर्म व अन्य प्रकार के कृमि हो सकते हैं। कृमि के कारण बच्चों में कुपोषण, खून की कमी, थकावट, मानसिक विकास में कमी हो जाती है। इनसे बचाव के लिए साल में कम से कम दो बार कृमि की दवा खानी चाहिए, ताकि सेहत अच्छी रह सके। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजी, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक निखिल राज, सुशील जी सहित कई लोग उपस्थित थे। 7 नवंबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन- जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि 7 नवंबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एवं 11 नवंबर को मॉप अप राउंड आयोजित किया जायेगा। जिसमें जिला भर के सभी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में एक वर्ष से 19 वर्ष तक के जिले के 7 लाख 77 हजार 559 बच्चों को अल्बेंडाजोल 400 एमजी की गोली खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि बच्चों के उम्र के अनुसार ही दवा खिलाई जायेगी। 1 से 2 वर्ष के बच्चों को अल्बेंडाजोल की आधी गोली खिलाई जायेगी। गोली को दो चम्मच के बीच रखकर पूरी तरह से चूरा करना है फिर पीने के पानी के साथ मिलाकर खिलाना है। इसी तरह से 2 से 3 वर्ष तक बच्चों को अल्बेंडाजोल की पूरी गोली खिलानी है। इसके अलावा 3 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को अल्बेंडाजोल की पूरी गोली खिलानी है। उन्होंने बताया कि अल्बेंडाजोल की गोली हमेशा चबाकर पानी के साथ ही खानी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या शिक्षक अपने सामने ही चम्मच से अल्बेंडाजोल की गोली खिलाएंगे। कृमि की दवा वर्ष में दो बार देना आवश्यक- जिला सामुदायिक उत्प्रेरक निखिल राज ने बताया कि स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रो में बच्चों को अल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई जाएगी। वैसे बच्चे और किशोर जो स्कूल नहीं जाते हैं उन पर भी विशेष फोकस किया जाएगा और उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों पर अल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जायेगी। उन्होंने बताया कि पेट में कृमि होने से बच्चों को कई तरह की समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षण के प्रति माता-पिता को जागरूक रहना चाहिए। कृमि के कारण बच्चों में होने वाली समस्या - कृमि के कारण बच्चों को पढ़ने में मन नहीं लगता है। वहीँ खाने में रुचि घटने लगती है, जिससे शरीर में भोजन नहीं लगता है। अल्बेंडाजोल की गोली खिलाने से बच्चे एनीमिया के शिकार होने से बच सकते हैं। मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है। बच्चे का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। अभियान की सफलता को लेकर हो रहा है प्रचार प्रसार- उन्होंने बताया कि अभियान की सफलता को लेकर सभी सरकारी विद्यालयों , ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पोस्टर, बैनर, पंपलेट और जागरूकता रथ पर माइकिंग के माध्यम से प्रचार- प्रसार कराया जा रहा है ताकि कोई भी बच्चा यह दवाई खाने से छूटने ना पाए। उल्टी या मिचली महसूस होने पर घबराएँ नहीं - उन्होंने बताया कि यदि दवा खाने के बाद उल्टी या मिचली महसूस होती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। पेट में कीड़े ज्यादा होने पर दवा खाने के बाद सिरदर्द, उल्टी, मिचली, थकान होना या चक्कर आना महसूस होना एक सामान्य प्रक्रिया है। दवा खाने के थोड़ी देर बाद सब ठीक हो जाता है।
एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम और राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को लेकर उन्मुखीकरण विस्तारपूर्वक सुनने के लिए मुंगेर मोबाइल वाणी का टोल फ्री नंबर 092787 01369 पर मिस कॉल कर जिले का हर छोटी बड़ी खबरों को सुने और तीन नंबर का बटन दबाकर अपनी समस्या एवं प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करें और इसके साथ साथ बदलते मौसम से हम लोगों को क्या नुकसान हो रही है और किसानों के साथ क्या के सानिया हो रही है इसके विषय में जरूर से जरूर रिकॉर्ड करें धन्यवाद
राजद प्रत्याशी नीलम देवी के जीत को राजद महागठबंधन की बढती लोकप्रियता विस्तारपूर्वक सुनने के लिए मुंगेर मोबाइल वाणी का टोल फ्री नंबर 092787 01369 पर मिस कॉल कर जिले का हर छोटी बड़ी खबरों को सुनाएं और तीन नंबर का बटन दबाकर अपनी राय प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करें धन्यवाद
मुर्गी फार्म की बदबू देने के कारण ग्रामीणों के द्वारा किया गया सड़क जाम मुंगेर से गौतम कुमार का रिपोर्ट मुंगेर जिले के संग्रामपुर प्रखंड के अंतर्गत दुर्गापुर पंचायत के नवगांय महाराणा चौक के समीप ग्रामीणों के द्वारा बगल में मुर्गी फार्म एवं अंडे का उत्पादन करने को लेकर के बदबू फैलने के कारण नावगांय ग्रामवासी के द्वारा देवघर सुल्तानगंज मुख्य मार्ग को घंटा से अधिक जाम किया गया जाम करने के उपरांत आवागमन घंटों से अधिक बाधित रहा वही मुर्गी पाल रहे दिनकर उर्फ बबलू साह के दुरा ये बताया गया कि हमे बिहार सरकार के दुरा हमें बिहार सरकार के द्वारा लाइसेंस लिया गया है उसके आधार पर हमने अपना व्यवसाय कर रहे हैं वही इस संदर्भ में जिला पशुपालन पदाधिकारी से जब बात किया गया तो उनके द्वारा यह बताया गया कि जिस जगह पर और है उस जगह आस पास में कोई गांव नहीं है वही वहां के ग्रामीणों के द्वारा यह बताया गया कि मुर्गी फार्म से अंडा उत्पादन केंद्र से बिक्री किया जाता है एवं इसका साफ सफाई एवं छिड़काव नहीं होने की वजह से काफी बदबू होता है जिससे कि घर में रहना दुश्वार हो गया है सड़क पर आने जाने वाले लोग अपना नाक बंद करके चले जाते हैं इसको लेकर के हमने पदाधिकारियों को लिखित शिकायत की है पर 1 महीना से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुआ है जिसको लेकर के आज हम लोग सभी युवक मिलकर के सड़क को जाम किए हैं वही समझा-बुझाकर संग्रामपुर पुलिस जाम को छुड़वाया
जिला में 102 एंबुलेंस सेवा होगी और ज्यादा सुदृढ - स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुविधाजनक बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग है लगातार प्रयासरत - एंबुलेंस सेवा की होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग - मुंगेर जिला में अभी कार्यरत हैं कुल 23 एंबुलेंस, 7 एंबुलेंस है ऑफ रोड मुंगेर, 3 नवंबर। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुविधाजनक बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है । अब जिला के सभी नागरिकों को नि:शुल्क एंबुलेंस की सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के माध्यम से 1000 नए एंबुलेंस का क्रय किया गया है। इनमें 534 एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम एवं 466 बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस एंबुलेंस का क्रय किया गया है। प्रथम चरण में मुंगेर जिला को 10 एंबुलेंस आवंटित किये गए हैं। इनमें 5 एडवांस लाइफ सपोर्ट एवं 5 बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस हैं। इसके साथ - साथ जिलाधिकारी नवीन कुमार के द्वारा 10 और एंबुलेंस की मांग की गई है। अब एंबुलेंस सेवा की होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग : एंबुलेंस सेवा 102 को ऑनलाइन लाइव भी किया जा रहा है। मरीजों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए एक नया मोबाइल एप लॉन्च किया गया है। जिसके तहत राष्ट्रीय 102 एंबुलेंस सेवा की निगरानी की जायेगी। इस एप्लीकेशन से अधिकारी एम्बुलेंस की रियल टाइम ट्रैकिंग भी कर सकेंगे । 102 एंबुलेंस अब आसानी से हर किसी के लिए सुलभ होगी। लाइव लोकेशन ट्रेस करने के लिए इन्हें मोबाइल एप से जोड़ा जा रहा है। इसके माध्यम से पल-पल की जानकारी कंट्रोल रूम के साथ ही एंबुलेंस के लिए कॉल करने वालों को मिलती रहेगी । एंबुलेंस की लाइव लोकेशन रहेगी उपलब्ध : जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजी ने बताया कि जैसे ही कोई मरीज या उनके परिजन 102 एंबुलेंस के लिए कॉल करेगा, संबंधित लोगों के पास मैसेज चला जाएगा। इसमें चालक, टेक्नीशियन के मोबाइल नंबर, एंबुलेंस के नंबर लिंक होंगे। इस लिंक को खोलने पर एंबुलेंस की लाइव लोकेशन मिलती रहेगी। टेक्नीशियन को भी मरीज के पास पहुंचने पर संबंधित जानकारी एप पर डालनी होगी। इसके साथ ही मरीज को किस अस्पताल में ले जा रहे हैं, यह भी विवरण दर्ज कराना होगा। एंबुलेंस में पहले से जीपीएस लगा है। इस मोबाइल एप से निगरानी बेहतर हो जाएगी। कई समस्याओं का होगा निवारण : उन्होंने बताया कि कई बार एंबुलेंस मरीज तक नहीं पहुंच पाती है, जिससे मरीज को समय से इलाज नहीं मिल पाता । ऐसे में मरीज या तीमारदार को बार- बार फोन करना पड़ता , लेकिन फोन रिसीव करने वाला व्यक्ति भी उन्हें एंबुलेंस की सही लोकेशन नहीं बता पाता था। अब एप की सुविधा शुरू होने के बाद यह समस्या खत्म हो गयी है। एंबुलेंस सेवा की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास : उन्होंने बताया कि पहले एईएस, वरिष्ठ नागरिकों, प्रसव पीड़ा के दौरान गर्भवती महिलाओं को, प्राइमरी हेल्थ होल्ड, कालाजार और परिवार नियोजन के लिए ही नि:शुल्क एम्बुलेंस की सेवा उपलब्ध थी, लेकिन यह महसूस किया गया कि इन रोगों के अलावा कई अन्य रोगों में भी आपातकाल परिस्थिति में अस्पताल तक पहुंचने के लिए एंबुलेंस की जरूरत होती है। इसे ध्यान में रखते हुए वर्तमान समय में सभी श्रेणी के गंभीर बीमारियों से पीडि़त रोगियों के लिए एम्बुलेंस अस्पताल तक उपलब्ध है। विभाग का प्रयास है कि एम्बुलेंस सेवा की गुणवत्ता को सुदृढ़ कर आपातकाल परिस्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाया जाए। जिला भर में अभी कार्यरत हैं कुल 23 एंबुलेंस : जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर में कार्यरत हीना नाज ने बताया कि जिला के विभिन्न प्रखंडों में कार्यरत सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुल 30 एंबुलेस आवंटित हैं । इसके अनुसार असरगंज में 2, टेटियाबंबर में 1, जमालपुर 2, धरहरा में 2, अनुमंडलीय अस्पताल तारापुर में 4, संग्रामपुर में 3, बरियारपुर में 2, हवेली खड़गपुर में 4 और सदर अस्पताल मुंगेर में 10 सहित कुल 30 एंबुलेंस आवंटित हैं । इनमें से अभी 7 एंबुलेंस ऑफ रोड और कुल 23 एंबुलेंस कार्यरत हैं ।
मिशन 60 डेज के तहत सदर अस्पताल मुंगेर का हो रहा है कायाकल्प - सदर अस्पताल में 24 घंटे और सातों दिन की तर्ज पर मरीजों को मिलेंगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुंगेर, 2 नवंबर। सदर अस्पताल मुंगेर में अब मरीजों को 24 घंटे सातों दिन की तर्ज पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। मालूम हो कि राज्य सरकार द्वारा मिशन 60 डेज लक्ष्य के तहत सदर अस्पताल का कायाकल्प करने का कार्य तीव्र गति से जारी है। इस मिशन के तहत अस्पताल में युद्धस्तर पर लेबर रूम, इमरजेंसी, ओपीडी व एसएनसीयू सहित मरीजों को मिलने वाली सभी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने का काम तेजी से चल रहा है। जिलाधिकारी नवीन कुमार के दिशा-निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिशन 60 डेज के तहत अस्पताल परिसर के रंग- रोगन सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इस योजना के तहत अस्पताल में आने वाले मरीजों को पैथोलॉजिकल जांच, दवा, डिजिटल एक्स रे, मे आई हेल्प यू काउंटर की स्थापना, पीने के पानी, शौचालय, लाइटिंग की व्यवस्था के साथ- साथ सभी वार्डों में रात्रि कालीन सेवा में भी स्टाफ नर्स एवं चिकित्सकों का रोस्टर बनाकर मरीजों को 24 घंटे सातों दिन की तर्ज पर सुविधा उपलब्ध करने की योजना है। इसके अलावा प्रत्येक वार्ड में रात्रि कालीन सेवा के तहत एमबीबीएस चिकित्सकों की तैनाती सहित कई अन्य पहलुओं पर भी मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही अस्पताल का गैप एसेसमेंट करने के बाद इसका त्वरित निराकरण भी किया जा रहा है। इसके तहत प्रतिदिन सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. रमन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक कर सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को कार्य करने का निर्देश दिया गया है। उक्त कार्य में केयर इंडिया की टीम के द्वारा जिला अस्पताल में क्लीनिकल तथा अन्य सपोर्टिव सेवाओं के लिए कमियों को चिह्नित कर इसमें बदलाव लाने के उद्देश्य से मूल्यांकनकर्ताओं व मेनटर्स की टीम गठित की गई है। सीटी स्कैन व आरटीपीसीआर जांच सुविधाओं को किया जा रहा सुदृढ़ : सिविल सर्जन डॉ. पीएम सहाय ने बताया कि सदर अस्पताल में आपातकालीन सेवा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित सभी सेवाएं, सर्जरी व आर्थोपेडिक विभाग की प्रमुख सर्जरी आरंभ करना तथा ओपीडी को सुचारू रूप से कार्य करना सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अलावा डायलिसिस, रेफरल एवं एंबुलेंस, डायग्नोस्टिक जैसे एक्स.रे, सीटी स्कैन व आरटीपीसीआर समेत अन्य जांच की सुविधाएं और काउंसिलिंग तथा नियत समय पर दवाइयों की उपलब्धता पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा सदर अस्पताल परिसर स्थित सभी भवनों का रंग रोहन कराया जा रहा है। इसके अलावा सदर अस्पताल परिसर के कुछ भवनों को तोड़कर 100 बेड का नया सदर अस्पताल परिसर बनाने का काम भी जोर शोर से चल रहा है। डीईआईसी, पीडियाट्रिक अस्पताल और फैब्रिकेटेड अस्पताल बनाने का काम भी जारी है। अस्पताल परिसर को साफ़-सुथरा, मुख्य केटल ट्रैप, भीतरी रास्तों को ठीक करने सभी एसी को रिपेयर करने, रौशनी की व्यवस्था करने के साथ - साथ पेड़- पौधों को भी सुव्यवस्थित किया जा रहा है। मिशन 60 डेज के तहत कार्यों को आगामी 16 नवंबर तक पूरा करने का है लक्ष्य : जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजी ने बताया कि सदर अस्पताल में चिकित्स्कीय सेवा को बेहतर करने के साथ- साथ सपोर्ट सर्विस को भी बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत सुरक्षा दृष्टिकोण से अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरा तथा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों के मुताबिक प्रसव कक्ष, एनएनसीयू, ओपीडी, इमरजेंसी रूम एवं एम्बुलेंस में फ़ोन कनेक्टिविटी को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। वहीं पूर्व से ही सदर अस्पताल में दीदी की रसोई योजना की शुरुआत की गई है। अब इसे और बेहतर करते हुए इसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया जाएगा । उन्होंने बताया कि मिशन 60 दिवस के तहत निर्धारित कार्य आगामी 16 नवंबर तक पूरे किये जाने हैं। रोगी के परिजनों के लिये अस्पताल परिसर में प्रतीक्षालय का निर्माण, स्वच्छ पेयजल व शौचालय का इंतजाम, अस्पताल परिसर में जगह चिह्नित कर गार्डन व पार्किंग के इंतजाम को भी दुरूस्त किया जा रहा है। अस्पताल में उपलब्ध सभी जरूरी सुविधाएं डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से प्रदर्शित करने सहित साइनेज के माध्यम से विभिन्न वार्डों के निर्धारित मार्ग को दर्शाने के साथ- साथ निरंतर सेवाओं व सुविधाओं की जानकारी इलाज के लिये आने वाले मरीजों तक पहुंचाने का इंतजाम किया जा रहा है।
मुंगेर जिला राष्ट्रीय जनता दल के प्रधान महासचिव प्रो. डॉ. बमबम यादव के आवास पर बाल श्रम आयोग के अध्यक्ष डॉ चक्रपाणि हिमांशु का अभिनंदन किया गया अभिनंदन के दौरान बाल श्रम के अध्यक्ष डॉ.चक्रपाणि हिमांशु ने कहा कि जिस प्रकार से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बिहार के उपमुख्यमंत्री युवाओं की धड़कन तेजस्वी यादव ने हमको भरोसा कर के जो जिम्मेदारी हमको दिया है उसको पूरी ईमानदारी के साथ हम पूरा करने का काम करूंगा कर्म को हम प्रधान मानता हूं बालकों के अधिकार के लिए जितने भी प्रकार का कार्य हमारे अंतर्गत होगा हमको अधिकार दिया गया है उसको पूरी तरह धरातल पर उतारने का काम करूंगा बिहार में जो भी विकास हो रहा था बालकों के संरक्षण के लिए बालकों के विकास के लिए बालकों के अधिकार के लिए उसको और आगे तेज गति से आगे बढ़ाने का काम करूंगा और केरल से भी आगे ले जाने का प्रयास करूंगा। सम्मान समारोह में मुख्य रूप से उपस्थित थे शिक्षक संघ के राज्य पार्षद सदस्य सुदर्शन राय, पूर्व सरपंच व राजद नेता मधुसूदन राय, कबी रंजन राय, विकास चन्द्र विमल,प्रणव कुमार, निखिल कुमार राय, युवा नेता आशुतोष कुमार, सनोज राय, शिक्षक नेता नंदू जी, कुणाल शेखर, रूपेश कुमार आदि सैकड़ों की संख्या में गन्यमान साथी उपस्थित थे।
गुलाबी ठंड में शिशुओं की सेहत का रखें ध्यान - नियमित स्तनपान, मालिश और स्वच्छता जरूरी - गले के घरघराने, सांस लेने में परेशानी और गंभीर रूप से हो खांसी तो डॉक्टर से लें परामर्श मुंगेर , 01 नवंबर। छठ महापर्व के समाप्त होने के साथ ही जिला में गुलाबी ठंड ने भी अपनी दस्तक दे दी है। इस बदलते मौसम में दोपहर में तेज गर्मी या अहले सुबह ठंड का एहसास होता है। इस मौसम में शिशुओं व छोटे बच्चों के स्वास्थ्य लेकर विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। दरअसल बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने के बावजूद भी वो अधिक तेजी से बीमार पड़ते और अक्सर सर्दी जुकाम तथा बुखार से पीड़ित हो जाते हैं। विभिन्न मौसमी बीमारी से बचाव के लिए बच्चों के खानपान पर पूरा ध्यान देते हुए साफ - सफाई पर भी पूरा ध्यान देना आवश्यक है। ठंड से होने वाले संक्रमण का रखें ध्यान : मुंगेर के अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि मौसम के सर्द गर्म होने का असर शिशुओं पर बहुत तेजी से पड़ता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) का स्तर कम होने से उन्हें संक्रमण का अधिक खतरा होता है। ठंड के कारण अक्सर रात में सोते समय शिशु के गले से घरघराने की आवाज, गंभीर रूप से खांसने, सांस लेने में परेशानी देखी जाती है। यदि ऐसा होता है तो तुरंत चिकित्सीय परामर्श लेने की आवश्यकता है। ठंड की शुरुआत के साथ ही बच्चों को तेल की मालिश करनी बहुत ही फायदेमंद होती है। गुनगुने सरसो या जैतून के तेल की रोजाना मालिश की जानी चाहिए। रात को ध्यान रखें कि छोटे बच्चों सहित शिशुओं के बिस्तर गर्म हों। रात में शिशुओं के बिस्तर की जांच करते रहें। कई बार शिशु बहुत अधिक पेशाब करते और डायपर गीला होने के कारण भी ठंड लगने की शिकायत होती है। . इसलिए नियमित रूप से डाइपर बदलते रहें । नहलाने के बाद जरूर करें तेल की मालिश : जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि परिजन बच्चों व शिशुओं की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें गुनगुने पानी से दो से तीन दिनों के अंतराल पर बंद जगह पर ही नहलायें। नहलाने के बाद थोड़ी देर धूप में बिठायें। शरीर को अच्छी तरह पोछकर दस से 15 मिनट तक मालिश करें। इससे शरीर की मांसपेशियां और जोड़ मजबूत होते और शरीर का तापमान बना रहता है। नहलाने के बाद बच्चों को खुला बदन नहीं रहने दें। मालिश हमेशा नीचे से ऊपर की तरफ करें। ऐसा करने से खून के दौरे को दिल की तरफ ले जाने में मदद मिलती है। ध्यान रखें कि शिशु को तुरंत भोजन कराने के बाद मालिश बिल्कुल नहीं हो। इससे बच्चे को उल्टी की आशंका होती है। चूंकि गुलाबी ठंड के दौरान कभी गर्मी तो कभी ठंड का एहसास होता है इसलिए रातों में कमरे का तापमान सामान्य रखें। बहुत अधिक तेज पंखा या कूलर के इस्तेमाल से बचें। ना तो कमरा बहुत अधिक गर्म हो और ना ही बहुत अधिक ठंडा। बिस्तर से लगी खिड़कियों को बंद रखें। शिशु को रातों में हल्के कपड़े पहनाकर सुलायें। सर्दी खांसी या बुखार से पीड़ित लोगों से बच्चों को थोड़े समय के लिए अलग रखें। शिशुओं के आसपास खांसने या छींकने से परहेज करें। बच्चों को नियमित रूप से करायें स्तनपान : जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजी ने बताया कि माताएं शिशुओं को अधिक से अधिक बार नियमित स्तनपान कराती रहें। यदि शिशु ने अनुपूरक आहार लेना शुरू कर दिया है तो उसे ताजा बना भोजन ही दें। उसके भोजन में मौसमी सब्जियां, दाल, अंडा, मांस आदि शामिल करें। बच्चों के भोजन में विटामिन सी वाले फल शामिल करें। इसके साथ ही बच्चों के नियमित सभी टीकाकरण अवश्य करायें। बच्चों को देर शाम या अहले सुबह बाहर ले जाने से बचें। यदि कफ या नाक बंद होने की समस्या हो रही हो तो चिकित्सीय परामर्श के साथ दवाई दी जानी चाहिए।
* मुंगेर के छह खिलाड़ी नेशनल खो-खो चैंपियनशिप में हुए चयनित, मुंगेर की सृष्टि बनी बिहार स्टेट बालिका टीम कैप्टन* बिहार राज्य के मुंगेर जिला की धरती पर कई प्रतिभाशाली होनहार खिलाड़ियों का जन्म हुआ, जिन्होने अपनी प्रतिभा का परचम अंतरास्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर लहरा चुके हैं। और उन्हें तराशकर आगे बढ़ाने में लगातार मुंगेर जिला खो-खो संघ के सेक्रेट्री हरिमोहन सिंह दिन-रात एक कर लगे हुए हैं । आज मेहनत रंग ला रही है , बताते चलें कि 29 अक्टूबर से 2 नवंबर 2022तक महाराष्ट्र के फलतन जिला सहारा में आयोजित होने वाले 32 वीं सब-जूनियर राष्ट्रीय(पुरुष एवं महिला) चैंपियनशिप -2022-23 में भाग लेने वाली खो-खो एसोसिएशन ऑफ बिहार की प्रदेश टीम में मुंगेर के कुल छह प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन हुआ । सबसे गर्व की बात है कि मुंगेर जिला खो-खो की खिलाड़ी सृष्टि कुमारी को बिहार स्टेट महिला टीम की कैप्टन बनाई गई। उनके साथ ही मुंगेर की अन्य छह खिलाड़ी का भी बिहार स्टेट बालक एवं बालिका टीम में चयन हुआ है । जिसमें चंडिका स्थान निवासी राघवेन्द्र सिंह की बेटी सिमरन कुमारी , शिवपुर कॉलोनी छोटी दौलतपुर जमालपुर निवासी धरम कुमार की बेटी प्रभा मानसी , गरीब नगर छोटी दौलतपुर जमालपुर निवासी विजय यादव की बेटी सृष्टि कुमारी , छोटी मिर्जा पुर निवासी ललित कुमार के पुत्र प्रत्युष कुमार , महादेवपुर नौवागढ़ी निवासी रंजन कुमार के पुत्र अभिनव कुमार , नीलम सिनेमा रोड पानी टंकी निवासी संजय कुमार गुप्ता के पुत्र अक्षत कृष्णा शामिल है। साथ ही बिहार स्टेट बालिका टीम मैनेजर मुंगेर जिला खो-खो संघ के सेक्रेट्री हरिमोहन सिंह को बनाया गया है एवं कोच मुंगेर की सीनियर नेशनल खिलाड़ी अंजलि कुमारी को नियुक्त किया गया है। बताते चलें कि हरिमोहन सिंह बरियारपुर प्रखंड के कल्याणपुर गांव के रहने वाले हैं एवं पिछले सात सालों से लगातार खेल व खिलाड़ी को बढ़ावा देने एवं राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर उसकी प्रतिभा को निखारने के लिए लगातार निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं। इस बार मुंगेर की बालिका खो-खो टीम पहली बार एजीएफआई चैंपियन बनी। उनके खेल व खिलाड़ी के प्रति समर्पण भाव से निस्वार्थ होकर कार्य करने से प्रभावित होकर उन्हें ये जिम्मेवारी सौंपी गई है । बताते चलें कि इन्होंने मुंगेर के खो-खो खेल व खिलाड़ियों को अंतरास्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलवाने का कार्य किए हैं । इनके नेतृत्व में मुंगेर के खिलाड़ी अंतरास्ट्रीय एवं दर्जनों राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का डंका बजा चुके हैं ।खेल-खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। इस से पूर्व कोल्हापुर महाराष्ट्र में आयोजित 51 वीं सीनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप 2017 के बाद से लगातार इनको राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कई बार हर साल टीम मैनेजर व प्रभारी बनाया जा चुका है । साथ ही युवा समाजसेवी के तौर पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, खेल मंत्री , समाज कल्याण , विधि कानून मंत्री आदि के हाथों सम्मानित हो चुके हैं । हरिमोहन सिंह ने राज्य खो-खो संघ के सभी गणमान्य पदाधिकारीगण को आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद् किए । साथ ही खेल खिलाड़ी को मुंगेर में आने वाली परेशानियों को दूर कर उनकी हर संभव मदद करने की बात कहीं । मुंगेर जिला खो-खो संघ प्रेसिडेंट नीरज कुमार पप्पू , सहित जनकल्याण शिव शक्ति हरिमोहन फाउंडेशन के अन्य गणमान्य पदाधिकारीगण , खिलाड़ी , पदाधिकारी , समाजसेवी एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों ने शुभकामाएं दी।
