लॉकडाउन के कारण दैनिक कामगार, दुकानदार खासे प्रभावित हो रहे है ऐसे समय सरकारी योजनाओं का लाभ भी न मिल पाने से उन्हें भारी वित्तीय संकट से भी जूझना पड़ रहा है। ऐसे ही मुंगेर जिले के एक आम नागरिक से वार्ता के क्रम में सुना रहे है अपनी व्यथा। ऑडियो पर क्लिक कर सुने पूरी बात।

धरहरा (संवाददाता):नक्सल प्रभावित महगामा पंचायत के वार्ड सदस्या श्रीमति मीरा देवी अपने पंच पति सुरेन्द्र पासवान के साथ अपने वार्ड के सैकडो़ महादलित परिवारो को सुखा राशन वितरित किया।वार्ड सदस्या श्रीमति मीरा देवी ने कहा कि मेरा पुत्र राहुल कुमार पुलिस विभाग मे सव इस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है।वह पुलिस विभाग मे सेवा के पूर्व भी समाज के लोगो को मदद करता था और आज भी वह प्रशानिक विभाग मे रहकर कोरोना वायरस की महामारी मे लोगो की मदद कर रहा है इसी कडी़ मे डाँ बाबा साहेब भीमराव अम्बेदकर की जयंती पर महादलित परिवारो के सैकडो़ महिलाओ को सुखा राशन के तहत तीन किलो आटा ,ढाई किलो चावल,दो किलो आलू, पाँच सौ ग्राम दाल, 250 ग्राम सोयाबीन,500 ग्राम नमक , सुखा राशन ,व हाथ धोने के लिऐ साबुन वितरित किया । वार्ड सदस्या ने महादलित परिवारो को कहा कि कोरोना वायरस की महामारी को लेकर सरकार ने पुरे देश मे लाँकडाउन किया हुआ है।अनावश्यक घर से बाहर न निकले ओर न किसी को निकलने दे।घर पर रहे सुरक्षित रहे और घर मे रहकर प्रशासन का सहयोग करे ताकि कोरोना वायरस की महामारी से देश की रक्षा की जा सके ।़

लॉकडाउन में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा घोषित योजनाएं लाभार्थियों तक पहुंचने में हो रही है कई तरह की दिक्कतें वही इसकी अवधि बढ़ाने से आम नागरिकों को भारी वित्तीय संकटों का भी सामना करना पड़ेगा। क्या कहते है आम नागरिक सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

नरेश आनंन्द

धरहरा(संवाददाता):नक्सल प्रभावित लडै़याटाँड़ थाना क्षेत्र मे लगभग तीस हजार की आबादी होने के बावजूद सरकार की स्वास्थय व्यवस्था हाथी का दाँत बनकर रह गया है।स्वास्थ्य व्यवस्था नक्सल प्रभावित क्षेत्रो के ग्रामीणो को उपलब्ध कराने को लेकर बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री सह जमालपुर विधानसभा के जदयू विधायक शैलेश कुमार की पहल पर बंगलवा बाजार मे कम्बल उधोग स्थित भवन मे अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बंगलवा की स्थापना की गई ताकि नक्सल प्रभावित बंगलवा पंचायत,महगामा पंचायत,आजीमगंज पंचायत के वासियो को स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध कराया जा सके जिसको लेकर बंगलवा एपीएचसी मे सभी स्वास्थ्य व्यवस्था से जुडी़ सामान व जेनरेटर की व्यवस्था से लेस कराया गया ओर प्रसव से लेकर मरीजो को दवाई उपलब्ध होने लगी परंतु कुछ दिनो मे धरहरा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व हेल्थ मनेजर की लुट संस्कृति के कारण बंगलवा मे पदस्थापित एएन एम व कर्मीयो के सही से अपना फर्ज का निर्वाह नही किये जाने के कारण यह एपीएचसी मात्र हाथी का दाँत बनकर रह गया।मंगलबार को जब एपीएचसी की वस्तु स्थिति से अवगत हुए तो एपीएचसी बंगलवा मे कोई भी एएन एम सुबह से ही अपने कार्य स्थल पर नही पहुँची थी ओर गार्ड अपनी डुयूटी कर एपीएचसी मे ताला लगाकर चलते बने आज मरीजो को देखने बाला कोई नही था जो किसी मरीज का प्राथमिक उपचार कर सके।सनद रहे कि एपीएचसी बंगलवा मे तीन पंचायत के लगभग तीस हजार आबादी के लोग निर्भर है जहाँ न तो चिकित्सक है ओर न ही एम्बुलेंस और न ही इस अस्पताल मे जरुरत की दवाई ही सही मात्रा मे उपलब्ध है।इस परिस्थिति मे नक्सल प्रभावित आदिवासी बाहुल्य बंगलवा पंचायत सहित अन्य पंचायतो को एपीएससी बंगलवा मे स्वास्थ्य सुविधा मुहैया नही होने के कारण धरहरा पीएचसी या 25 किलोमीटर दुर सदर अस्पताल मुंगेर जाना पड़ता है जिससे आने-जाने के क्रम मे ही बीच रास्ते मे ही मरीजो की मौत हो जाती है ।आज विकट परिस्थितियां है कि इस बदलते मौसम मे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे मे डायरिया का प्रकोप ज्यादा रहता है। और यहां पर अधिकतर लोग ग्रामीण चिकित्सक पर आश्रित रहते हैं लेकिन लाँकडाउन होने के कारण समाज के लोग अपने-अपने घरों में बंद है।बंगलवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल की दुरी लगभग 25 किलोमीटर है जो आने जाने में मरीजो को कठिनाईयो का सामना करना पड़ता है ।लॉकडॉन के कारण कोई प्राइवेट गाड़ी नहीं चल रहा है।नक्सल प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणो ने जिलाधिकारी राजेश मीणा से नक्सल प्रभावित बंगलवा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर, दवाई, एम्बुलेंस की सुविधा मरीजो को उपलब्ध कराने की माँग किया है ।ग्रामीण संदीप कुमार, सोनू कुमार , संजय तुरी,रंजीत मांझी, मुकेश साह,मदन साह, बरूण यादव, राजेश पाल, मनोज साह ,पुसन कोडा ने लाँकडाउन को देखते हुऐ नक्सल प्रभावित क्षेत्र के एपीएचसी बंगलवा मे स्वास्थ्य से जुडे़ व्यवस्था सुदृढ कराने की माँग जिला प्रशासन से की है ताकि प्रसव व डायरीया ग्रस्त मरीजो को लाँकडाउन मे बंगलवा मे ही स्वास्थय व्यवस्था मुमकीन हो सके ।

मुंगेर के संदलपुर निवासी आनंद कुमार को प्रधानमंत्री गरीब सम्मान योजना के तहत खाद्य सामग्री जो मिलने की थी अभी तक नहीं मिली है और उन्हें ₹1000 भी नहीं मिल पा रहा है ।जिससे उन्हें परिवार चलाने में कठिनाई हो रही है वे अपने खाते की राशि भी पुलिस के सख्त कार्रवाई के कारण नहीं निकाल पा रहे हैं ।ऐसे में पास के ही दुकानदार से उधारी लेकर काम चला रहे हैं ।उनका कहना है कि अब जो लॉक डॉन बढ़ा है।उसे अब काफी परेशानी हो सकती है ।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

पुलिस हुई सख्त भेजा मुंगेर।

लोगों में बना चर्चा का विषय।

Transcript Unavailable.

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का जयंती मनाया गया