रविवार को एसडीओ खगेश चंद्र झा के नेतृत्व में टीम गठित कर मुंगेर बाजार के विभिन्न जगहों पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया इस अभियान में पुलिस बल को भी साथ में रखा गया श्री झा ने बताया कि एक तो करो ना महामारी जोर शोर से फैली हुई है दूसरी ओर दुकानदार लोग जहां-तहां अपनी दुकानें लगा देते हैं इससे आवागमन एवं अन्य कार्यों में परेशानी होती है यह पहले से भी अभियान चला रहा है चलाया गया है आज जोर शोर से इस अभियान को चला अतिक्रमण मुक्त कराएं इसमें अस्पताल रोड एक नंबर ट्रॉफी एवं अन्य जगह पर भी यह अभियान चलाया गया और सीमा से बाहर रखे दुकानों को हटाया गया -मोबाइल वाणी से-विजय कुमार

नहीं रहे प्रसिद्ध नाट्य कर्मी विरेंद्र के गुरु मेघनाथ। जमालपुर। कोरोना काल में लगातार कलाकारों के मौत के बाद रेल नगर में भयावह स्थिति है।रविवार की सुबह कलाकारों के लिए पुनः ब्लैक संडे रहा और प्रसिद्ध नाट्य कर्मी मेघनाथ राउत उम्र करीब (85) हृदय गति रुकने से निधन हो गया। ये जमालपुर मोहनपुर के निवासी थे।इनके संस्मरण को देखा जाए तो इन्होंने अपना जीवन नाटक को समर्पित कर दिया था।और स्थिति ये हुई की नाटक खिलवाने के लिए अपना बकरी तक बेच दिया। इन्होंने पहली कसम,कीड़े मकोड़े, फन,प्रकाष्ठा स्वर, खेला।बंग्लादेश आजादी के वक्त नाटक कीड़े मकोड़े काफी चर्चा में रहा और यह शोहरत कमाया। इन्होंने सन 1972 में मेडिकल रीक्रिएशन क्लब जमालपुर की स्थापना कर शिमला, इलाहाबाद, आसनसोल, हावड़ा जमालपुर, मुंबई सहित अन्य प्रदेशों में नाटक की धूम मचाया। इस संदर्भ प्रसिद्ध नाट्य कर्मी विरेंद्र कुमार ने कहा कि वो मेरे गुरु थे। एवं जमालपुर में जगदीश शर्मा, मेघनाद राउत को कभी भूलाया नहीं जा सकता। आगे कहा मेघनाद जी का नाट्य के प्रति इतने दिवानगी थी कि अपने पत्नी तक को भी नाट्य में अभिनय कराया। इन्होंने जमालपुर के केन्द्रीय संस्थान सहित कई प्रदेशों में नाटक के कार्यक्रम कराया। जो यादगार हैं। भारतीय रेल ने उत्कृष्ट नाट्य रचनाओं को लेकर अनेकों पुरस्कार से सम्मानित किये। विदित हो कि तबला वादक पिन्टू ,गुरु ब्रह्रमदेव प्रसाद, राजीव झा हाल ही में निधन हो चुका हैं। इस अवसर पर विनय चौधरी, राजेंद्र साहू,वीरेंद्र कुमार, गोपीनाथ सरकार सुखदेव साह,अवध किशोर सिंह,पंकज,कृपा सागर,घनश्याम राउत,ओमप्रकाश प्रियबंद, ईसा चंचल,नवीन वर्मा,रवि भूषण वर्मा,आर.के मंडल,कंचन शर्मा, पत्रकार गंगा रजक, इम्तियाज आलम,विजय आनंद केएम राज,विजय गुप्ता ने नाट्य कर्मी के निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट की हैं।

जमालपुर मारवाड़ी धर्मशाला स्थित मेडिकल भीष्म यादव ने निधन पर गहरी संवेदना प्रकट की।

होटल मालिक सोशल डिस्टेंस के तहत खाना खिलाने की मांग।

धरहरा(संवाददाता):-कोविड-19 महामारी का प्रकोप एक छोटे से गांव से लेकर बड़े-बड़े शहरों के लोगों को भी अपने आगोश में ले रखा है और इसका यह सिलसिला निरंतर जारी भी है।कोविड-19 के डर से आज पूरा देश त्राहिमाम है,आज देश का कोई ऐसा कोना नहीं बचा है जहां कोरोना ने अपना पांव नहीं पसारा हो,अस्पतालों में भी संक्रमितों के लिए जगह कम पर रही है किन्तु कुछेक लोग ऐसे भी हैं जो इसे मजाक मान रहे हैं और वह जिला प्रशासन के गाईड लाईन की धज्जियां उड़ाने से भी पीछे नहीं हट रहे है। उपर्युक्त बातें समाजसेवी अनुज सिंह ने अपने ईटवा ग्रामवासीयों को जागरूक करते हेतु कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देश पर जिला प्रशासन हम जनमानस की सुरक्षा हेतु कुछ गाईड लाईन बनाई है, जिसका पालन कर हम खुद के साथ-साथ अपने परिवार और समाज को को इस भयावह महामारी से बचा सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि हम बेवजह घर से बाहर न निकले, जरूरी काम पड़ने पर मास्क लगा कर ही घर से निकले साथ ही समय-समय पर हाथ को सैनिटाइज करते रहे, एक-दूसरे के साथ दूरी बनाकर खड़े हो।इस तरह की हमारी थोड़ी सी जागरूकता हमारे साथ साथ हमारे पूरे समाज को कोविड के प्रकोप से रक्षा कर सकती है।

मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता - नवजात शिशु को कई संक्रामक बीमारियों से भी रखता है दूर - जन्म के एक घंटा बाद से छह महीने तक माताएं नवजात शिशु को कराएं सिर्फ स्तनपान - लगातार स्तनपान से ही नवजात बच्चों में विकसित होती है रोग प्रतिरोधक क्षमता मुंगेर, 23 संम्पूर्ण टीकाकरण पर दें बल :- केयर इंडिया मुंगेर की डीटीओएफ डॉक्टर नीलू ने बताया संम्पूर्ण टीकाकरण बच्चे को कई तरह के बीमारियों से दूर रखता है और बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। इसलिए, बच्चे का संम्पूर्ण टीकाकरण कराएं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बिलकुल नहीं करें। कोरोना काल में इन मानकों का करें पालन, कोविड 19 के संक्रमण से रहें दूर :- - मास्क और सैनिटाइजर का नियमित रूप से करें उपयोग । - लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से धोएं हाथ। - यात्रा के दौरान हमेशा सैनिटाइजर को रखें अपने पास । - घर से बाहर लोगों से बातचीत के दौरान हमेशा शारीरिक दूरी के नियम का करें पालन। - भीड़-भाड़ वाले जगहों पर जाने से करें परहेज । - मुँह, नाक, ऑख को अनावश्यक छूने से बचें। - साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

कोरोना संक्रमण काल में नवजात शिशु की रोग -प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि को ले रहें सजग मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता - नवजात शिशु को कई संक्रामक बीमारियों से भी रखता है दूर - जन्म के एक घंटा बाद से छह महीने तक माताएं नवजात शिशु को कराएं सिर्फ स्तनपान - लगातार स्तनपान से ही नवजात बच्चों में विकसित होती है रोग प्रतिरोधक क्षमता मुंगेर, 23 अप्रैल| नवजात शिशु के स्वस्थ शरीर के निर्माण और विकास के लिए उसका उचित देखभाल करना सबसे महत्वपूर्ण है। इसे सुनिश्चित करने में सबसे बड़ा योगदान नवजात शिशु के माँ का ही होता है। किन्तु, इसमें थोड़ी सी लापरवाही नहीं करनी चाहिए | लापरवाही करने से नवजात बार-बार बीमार होने लगता है। जिससे वो शारीरिक रूप से भी कमजोर होने लगता है। उसका बार-बार बीमार होना उसके कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का भी बड़ा संकेत है। इसीलिए, जन्म के बाद नवजात की रोग-प्रतिरोधक क्षमता सहित अन्य देखभाल को लेकर पूरी सजगता आवश्यक है| ताकि नवजात को स्वस्थ रखा जा सके जिससे उसके स्वस्थ शरीर का निर्माण हो सके। इसके लिए नवजात के उचित देखभाल के साथ-साथ जन्म के बाद छह माह तक सिर्फ माँ का ही स्तनपान कराएं। इससे ना सिर्फ बच्चे स्वस्थ रहते हैं, बल्कि, उसकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। माँ के दूध से बच्चों में विकसित होती रोग-प्रतिरोधक क्षमता :- सदर अस्पताल मुंगेर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रौशन कुमार ने बताया, उचित पोषण से ही बच्चों का शारीरिक और मानसिक के साथ- साथ सर्वांगीण विकास संभव है। इसलिए, शिशु को जन्म के पश्चात छह महीने तक सिर्फ और सिर्फ माँ का ही दूध सेवन कराएं। माँ का दूध बच्चों के लिए अमृत के समान होता है और स्वस्थ शरीर के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। माँ के दूध में मौजूद पोषक तत्व जैसे पानी, प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट मिनरल्स, वसा, कैलोरी शिशु को न सिर्फ बीमारियों से बचाते हैं, बल्कि उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। इसके साथ ही बच्चे की पाचन क्रिया भी मजबूत होती है। इसलिए, मां के दूध को शिशु का प्रथम टीका भी कहा गया है। जो छह माह तक के बच्चे के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, छह माह के बाद बच्चे के सतत विकास के लिए ऊपरी आहार की जरूरत पड़ती है। लेकिन इस दौरान यह ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है कि उसे कैसा आहार दें। मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता संक्रामक बीमारी से भी रखता है दूर :- उन्होंने बताया मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता संक्रामक बीमारी से भी दूर रखता है। इसलिए, बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को लेकर सजग रहें। दरअसल, अगर शुरुआती दौर से ही बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी तो नवजात के स्वस्थ शरीर का निर्माण होगा और वह आगे भी शारीरिक रूप से मजबूत होगा। इसके लिए बच्चे का उचित पोषण बेहद जरूरी है। जन्म के बाद एक घंटे के अंदर नवजात को पिलाएं माँ का दूध :- केयर इंडिया मुंगेर की डीटीओएफ डॉ. नीलू ने बताया, नवजात शिशु के स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए जन्म के बाद एक घंटे के अंदर नवजात को माँ का दूध पिलाएं। इसके सेवन से नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। किन्तु, जानकारी के अभाव में कुछ लोग इसे गंदा या बेकार दूध समझकर नवजात को नहीं पिलाते हैं जो महज एक अवधारणा है। जबकि, सच यह है कि माँ का पहला गाढ़ा-पीला दूध ही नवजात शिशु के लिए काफी फायदेमंद होता है। छह माह के बाद ही नवजात को दें ऊपरी आहार :- उन्होंने बताया, नवजात को छह माह के बाद ही किसी प्रकार का बाहरी या ऊपरी आहार दें। छह माह तक सिर्फ और सिर्फ माँ का ही स्तनपान कराएं। इसके बाद अगले कम से कम दो वर्षों तक ऊपरी आहार के साथ माँ का स्तनपान भी जारी रखें। ताकि बच्चे का पूरी तरह से सर्वांगीण विकास हो सके | साफ-सफाई का भी रखें विशेष ख्याल :- इसके साथ ही नवजात के लालन-पालन के दौरान साफ-सफाई का भी विशेष ख्याल रखें। जैसे कि बच्चों को गोद लेने के पहले खुद अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें, बच्चों को हमेशा साफ कपड़ा पहनाएं, गीला व गंदा कपड़ा से बच्चे को हमेशा दूर रखें। इससे बच्चे संक्रामक बीमारी से दूर रहेंगे ।

शुक्रवार को मुंगेर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए कोरोना मरीजों की संख्या 364 पहुंची जबकि यह पिछले 15 दिनों में सबसे अधिक मरीजों की संख्या है इसकी जानकारी सिविल सर्जन डॉक्टर हरेंद्र कुमार आलोक ने दी उन्होंने बताया कि यह सर्च सबसे अधिक अब तक का पॉजिटिव मरीजों की संख्या है इसलिए हमें सतर्क होने की जरूरत है तभी हम इस महामारी से बच सकेंगे

शुक्रवार को मुंगेर के विभिन्न क्षेत्रों से चैती मां दुर्गा का विसर्जन किया गया नमी आंखों से भक्तों ने मां का विसर्जन किया वहीं प्रशासन की ओर से करी सुरक्षा का इंतजाम किया गया था कोरोना महामारी को देखते हुए प्रशासन द्वारा भीड़ इकट्ठा नहीं होने दिया गया शांतिपूर्ण वातावरण से मां दुर्गा का विसर्जन किए भक्तों ने

आलोक रंजन घोष के द्वारा कोरोना टेस्टइंग और एक्टिव मामले को लेकर किया गया विशेष बैठक खगरिया जिला के जिला अधिकारी आलोक रंजन घोष के द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक कई निर्णय लेते हुए कोरोना टेस्टी और टैक्सी मामले पर विशेष ध्यान दिया गया मौके पर मौजूद दिखे सारे विभागीय अधिकारी खगरिया मोबाइल बानी न्यूज़ के लिए मैं रविंद्र कुमार धन्यवाद