नहीं रहे प्रसिद्ध नाट्य कर्मी विरेंद्र के गुरु मेघनाथ। जमालपुर। कोरोना काल में लगातार कलाकारों के मौत के बाद रेल नगर में भयावह स्थिति है।रविवार की सुबह कलाकारों के लिए पुनः ब्लैक संडे रहा और प्रसिद्ध नाट्य कर्मी मेघनाथ राउत उम्र करीब (85) हृदय गति रुकने से निधन हो गया। ये जमालपुर मोहनपुर के निवासी थे।इनके संस्मरण को देखा जाए तो इन्होंने अपना जीवन नाटक को समर्पित कर दिया था।और स्थिति ये हुई की नाटक खिलवाने के लिए अपना बकरी तक बेच दिया। इन्होंने पहली कसम,कीड़े मकोड़े, फन,प्रकाष्ठा स्वर, खेला।बंग्लादेश आजादी के वक्त नाटक कीड़े मकोड़े काफी चर्चा में रहा और यह शोहरत कमाया। इन्होंने सन 1972 में मेडिकल रीक्रिएशन क्लब जमालपुर की स्थापना कर शिमला, इलाहाबाद, आसनसोल, हावड़ा जमालपुर, मुंबई सहित अन्य प्रदेशों में नाटक की धूम मचाया। इस संदर्भ प्रसिद्ध नाट्य कर्मी विरेंद्र कुमार ने कहा कि वो मेरे गुरु थे। एवं जमालपुर में जगदीश शर्मा, मेघनाद राउत को कभी भूलाया नहीं जा सकता। आगे कहा मेघनाद जी का नाट्य के प्रति इतने दिवानगी थी कि अपने पत्नी तक को भी नाट्य में अभिनय कराया। इन्होंने जमालपुर के केन्द्रीय संस्थान सहित कई प्रदेशों में नाटक के कार्यक्रम कराया। जो यादगार हैं। भारतीय रेल ने उत्कृष्ट नाट्य रचनाओं को लेकर अनेकों पुरस्कार से सम्मानित किये। विदित हो कि तबला वादक पिन्टू ,गुरु ब्रह्रमदेव प्रसाद, राजीव झा हाल ही में निधन हो चुका हैं। इस अवसर पर विनय चौधरी, राजेंद्र साहू,वीरेंद्र कुमार, गोपीनाथ सरकार सुखदेव साह,अवध किशोर सिंह,पंकज,कृपा सागर,घनश्याम राउत,ओमप्रकाश प्रियबंद, ईसा चंचल,नवीन वर्मा,रवि भूषण वर्मा,आर.के मंडल,कंचन शर्मा, पत्रकार गंगा रजक, इम्तियाज आलम,विजय आनंद केएम राज,विजय गुप्ता ने नाट्य कर्मी के निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट की हैं।