सदर प्रखंड के अंतर्गत 53 टीकाकरण सेंटर बनाए गए थे जिसमें शनिवार को लगभग 3000 लोगों को कोविड-19 का टीका लगाया गया इस कार्य में 51 एएनएम एवं 4 स्वास्थ्य कर्मी के साथ 55 भेरीफायर को लगाया गया था एवं इनके साथ आंगनवाड़ी सेविका सहायिका, आशा, जीविका दीदी लोगों को घर से बुलाकर टीकाकरण सेंटर पर टीका लेने हेतु प्रेरित कर रहे थे इसकी जानकारी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुशील कुमार झा ने दी
शनिवार को मुंगेर जिले में 2913 आदमी की कोविड-19 कराया गया पर एक भी व्यक्ति संक्रमित नहीं पाएंगे इसकी जानकारी सिविल सर्जन डॉक्टर हरेंद्र कुमार आलोक ने दिए उन्होंने बताया कि यह अच्छी बात है कि लोग संक्रमित नहीं पाए जा रहे हैं पर लोगों टीका लेना ना भूले तभी इस महामारी से हम बचे रहेंगे
बिहार राज्य के मुंगेर जिला से विपिन कुमार की मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की उन्होंने चण्डिकास्थान निवासी जवाहर महतो से साक्षात्कार लिया है। जिसमें उन्होंने बताया कि मजदुर है मजदूरी कर के जीवन व्यापन करते हैं ,जबकि उनकी उम्र वर्ष हो चुकी है। उन्होंने बतया की मोबाइल वाणी से प्राप्त जानकारी सुनकर उन्होंने ई श्रम कार्ड बनवा लिया है
बिहार राज्य के मुंगेर जिला से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कोरोना और जिंदगी कैसे हैं आँगनबाड़ी केंद्र कार्यक्रम के तहत निषाद टोला निवासी उर्मिला देवी से साक्षात्कार लिया है। जिसमें उन्होंने बताया कि आँगनबाड़ी केंद्र से केवल बच्चे को जाली लगा चावल मिलता है। सरकार की और से जाली लगा चावल तो नहीं खिला सकती हैं इसलिए खुद से खरीद कर बच्चो को कुपोषण से बचाव के लिए खिलाती हैं
बिहार राज्य के मुंगेर जिला के चण्डीकास्थान से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्र कार्यक्रम के तहत चंडिकास्थान निषाद टोला निवासी नीतू देवी से साक्षात्कार लिया है जिस में उन्होंने बताया कि वह सिलाई का काम करती हैं उनके तीन बच्चे है जिसमें से दो बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ते है और अभी आंगनबाड़ी केंद्र बाद है और बंद में बच्चों को कुछ भी नहीं मिल रहा है। लॉकडाउन के दौरान कुछ भी नहीं मिला है केवल एक ड्रेस मिला वो भी तीन बच्चों में से एक बच्चे को
बिहार राज्य के मुंगेर जिला के चंडिकास्थान से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बेटियों की शिक्षा से ही सबकी भलाई कार्यक्रम के तहत चंडिकास्थान निषाद टोला निवासी सरिता कुमारी जो स्नातक पार्ट वन की छात्रा है उनसे साक्षात्कार लिया है। जिसमें उन्होंने बताया कि पढ़ाई करने से बहुत फायदा है। अपने भविष्य के लिए कुछ करने आगे बढ़ने और अपने पैरों में खड़े होने के लिए पढ़ायी कर रही हैं, ताकि वह एक अच्छी नौकरी कर सके । वह कहती है कि जिन लड़कियों के माता पिता नहीं पढ़ा रहे है ,वह गलत कर रहे है क्यूंकि ऐसा नहीं करना चाहिए। लड़कियों को पढ़ाना चाहिए ताकि पढ़ लिख कर वह अपने पैरों पर खड़े हो सके। लड़कियों के पढ़ने से घर परिवार में सुधार आता है वह अपने बच्चों को पढ़ा सकती है और अपने देश एवं समाज का नाम रौशन कर सकती है इसलिए लड़कियों का पढ़ना अतिआवश्यक है
शुक्रवार को देर रात गश्ती के दौरान नया रामनगर थाना द्वारा रामदिरी दुर्गा स्थान के पास से 180 बोतल विदेशी शराब के साथ चार तस्कर को गिरफ्तार किया गया है गिरफ्तार तस्कर के रूप में नंबर 1 कमलेश कुमार पिता शिव शंकर सिंह 2 प्रिंस राज उम्र 22 बरस अरविंद चौधरी दोनों इटहरी निवासी के रूप में पहचाना गया वहीं तीसरा संतोष कुमार उम्र 28 वर्ष पिता फुटो सिंह ग्राम गढ़ी रामपुर एवं तीसरा व्यक्ति गुलशन कुमार उम्र 22 बरस पिता विनोद सिंह हलसी थाना जिला लखीसराय के रूप में पहचाना गया है इसकी जानकारी थाना अध्यक्ष कौशल कुमार द्वारा दिया गया उन्होंने बताया कि शुक्रवार को देर रात गश्ती के दौरान इन चारों व्यक्ति को शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है और इसे जेल भेज दिया गया
बिहार राज्य के मुंगेर जिला से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से चौखंडी निवासी मुकेश यादव से साक्षात्कार लिया है जिस में उन्होंने बताया कि वह एक मजदुर है और मजदूरी कर घर परिवार का भरण पोषण करते है उन्होंने बतया की प्रधानमंत्री ई श्रम कार्ड योजना के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है परन्तु वह ई श्रम कार्ड बनवाना चाहते है
बिहार राज्य के मुंगेर जिला के चण्डीकास्थान से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से मजदूर अरुण सिंह से साक्षात्कार लिया है जिस में उन्होंने बताया कि उन्हें ई श्रम कार्ड की जानकारी मोबाइल वाणी पर सुना परन्तु जब ये अपनी समस्या ले कर पहुंचे तो इनके साथ सबसे बड़ी समस्या ये आयी कि आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लिंक्ड नहीं होने के कारण इनसे पैसे की मांग की गयी । सरकार को चाहिए की मजदूरों के लिए ई श्रम कार्ड बनाने का काम आसान कर देना चाहिए
बिहार राज्य के मुंगेर जिला के चण्डीकास्थान निषाद टोला निवासी पुतुल देवी से कोरोना और जिंदगी कैसे हैं आंगनवाड़ी केंद्र कार्यक्रम के तहत विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि वह लोग गरीब बस्ती में रहने वाली है और अपना जीवन यापन मजदूरी कर के करती हैं।वह कहती है कि उनके दो बच्चे पढ़ते है जिसमे एक बच्चे को ही बस चावल मिलता है आंगनबाड़ी केंद्र से वो भी दो साल पहले लॉकडाउन के समय मिला था।आंगनबाड़ी नहीं खुला है जब खुलेगा तब ही बच्चो को राशन मिलेगा।
