जिला पदाधिकारी राजेश मीणा की अध्यक्षता में सभी नोडल पदाधिकारी एवं सभी निर्वाची पदाधिकारी के साथ समीक्षात्मक बैठक हुई। कोविड 19 के आलोक में सभी कोषांग को अपने अपने दायित्वों और कार्यों को करने का निदेश दिया गया।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
•सामाजिक दूरी बनाकर गोदभराई, अन्नप्राशन व टीकाकरण कार्य किया गया •पोषण जागरूकता को नियमित रखने का कर रही प्रयास • कुपोषण से बचने के लिए पौष्टिक आहार जरूरी कोरोना संक्रमण के दौरान देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनियां की रफ्तार रुक सी गई थी. लेकिन आंगनबाड़ी सेविकाओं के द्वारा अपने पोषक क्षेत्रों में डोर टू डोर भ्रमण कर कोविड-19 का सर्वे के साथ क्षेत्र में नियमित पोषण को लेकर भी कार्य सुचारू रखा गया. पूर्णिया शहरी क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-28 की सेविका कविता कुमारी भी उन्हीं सेविकाओं में शामिल है, जिन्होंने पोषण गतिविधियों को बाधित होने से बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दी है. ऑडियो पर क्लिक कर सुने विस्तृत रिपोर्ट।
प्रवासी मजदूरों की दुख भरी व्यथा को सुने सरकार और सुन कर उनकी जमीनी हकीकत पर विचार करें सरकार विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर पूरी खबर को सुने और बने रहे मोबाइल बानी के साथ आपका अपना सामुदायिक मीडिया चैनल सबसे आगे सबसे पहले हर पल पल की खबरें सुने 092787 01369 पर मिस कॉल कर जिले का हर छोटी बड़ी खबर को सुने और तीन नंबर का बटन दबाकर अपनी समस्या यह प्रतिक्रिया साझा करें यदि आप स्मार्टफोन उपयोग करता है तो मोबाइल वाणी ऐप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी-बड़ी खबर को ऐप पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करें धन्यवाद
जिले में जिस रफ्तार से कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए जा रहे हैं ।उससे कहीं अधिक रफ्तार से मरीज स्वस्थ भी हो रहे हैं ।हाल यह है कि अब तक जिले में कोरोना के कुल 2358 पॉजिटिव केस पाए गए हैं ।जिसमें से अब तक 2128 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर भी लौट चुके हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव का मुद्दा
बिहार विधानसभा चुनाव में कोरोना संक्रमण के कारण एक लाख से अधिक वाहनों की आवश्यकता पड़ेगी
बिहार राज्य के जिला मुंगेर से रंजन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी दे रहे है कि कोरोना काल के दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं के द्वारा डोर टू डोर भ्रमण कर परिवार के साथ रह रहे लोगों खासकर धात्री महिलाएं व नवजात शिशुओं को जागरूक किया जा रहा हैं. आईसीडीएस के डीपीओ शोभा सिन्हा द्वारा जिले के श्रीनगर प्रखंड अंतर्गत गरिया बलुआ पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित कई आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान डीपीओ द्वारा सेविकाओं से उनके पोषक क्षेत्र की जानकारी बिंदुवार ली गई और उन्हें यह निर्देशित किया गया कि अपने-अपने पोषक क्षेत्रों के निवासियों को डोर टू डोर अभियान के तहत स्वास्थ्य से सम्बंधित जानकारी देने और गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं का ध्यान रखने की जरूरत है. ऑडियो पर क्लिक कर सुनें विस्तृत रिपोर्ट।
बिहार राज्य के जिला मुंगेर से रंजन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी दे रहे है कि कोविड-19 के दौर के बीच सरकार ने आम जनों की परेशानियाँ को देखते हुए सड़क यातायात की अनुमति दे दी है। ताकि लोग अपनी आवश्यक यात्रा व काम का निष्पादन कर सकें। हालाँकि इसके लिए सरकार ने कुछ दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, जिसे बस यात्रा के दौरान यात्रियों को फोलो करना होगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के माध्यम से जारी गाइलाइन में कहा गया है कि बस यात्रा के शारीरिक-दूरी का पालन करना होगा। यही नहीं बस में सीट के अनुसार ही यात्रियों को बस चालक बैठाऐगें और हर यात्रियों को अनिवार्य रूप से मास्क पहनना होगा। इसके साथ ही बस यात्रा शुरू होने के पूर्व एवं यात्रा संपन्न होने के बाद वाहनों को निश्चिततौर पर सेनेटाइज कराने का भी निर्देश दिया गया है। ऑडियो पर क्लिक कर सुने विस्तृत खबर।
मुंगेर: शुक्रवार से गंगा का जलस्तर घटने लगी है गंगा के जलस्तर में कमी आने से प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है इसे सुनने के लिए मोबाइल वाणी मुंगेर की आवाज को क्लिक करें।
बिहार राज्य के जिला मुंगेर से रंजन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी दे रहे है कि इस कोविड-19 के दौर में भी सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग प्रात्येक आयु वर्ग तक के हर लोगों के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रख रही है। इसी कड़ी में अति-कुपोषित बच्चे की देखभाल के लिए सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने नया प्लान तैयार की है। जिसमें ऐसे शिशु का एक साल तक देखरेख करने का निर्णय लिया गया है एवं उनके स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए हर आवश्यक पहल करने का योजना तैयार की है। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक ने पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं। जिसमें कहा गया है कि अतिकुपोषित बच्चे की देखभाल के लिए अति कुपोषित बच्चे को एसएनसीयू से डिस्चार्ज के बाद एक वर्ष तक उनकी देखभाल की जाएगी. ऑडियो पर क्लिक कर सुने विस्तृत रिपोर्ट।
