शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में गत दिवस ईको क्लब के तत्वावधान में पर्यावरण जागरूकता विषय पर क्विज प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करना रहा।

माचागोरा कैचमेंट एरिया जमुनिया (छोटा महादेव) में आयोजित बर्ड वॉक छिंदवाड़ा जिले में सार्वजनिक बर्ड वॉक कार्यक्रम रहा। इस अवसर को और भी ऐतिहासिक बनाते हुए इस क्षेत्र में पहली बार कई दुर्लभ एवं प्रवासी पक्षियों का अवलोकन दर्ज किया गया, जिसने माचागोरा कैचमेंट एरिया को अंतरराष्ट्रीय प्रवासी पक्षी मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान प्रदान किया है। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में अब तक कुल 55 प्रकार की पक्षी प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की जा चुकी है।की।

म.प्र. जन अभियान परिषद भोपाल के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन के मार्गदर्शन में जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन तथा तामिया विकासखंड समन्वयक श्रीमती ललिता कुशरे के नेतृत्व एवं परामर्शदाता श्री महेंद्र यादव की उपस्थिति में जल संचय अभियान के अंतर्गत विकासखण्ड तामिया के सेक्टर क्रंमांक-5 ग्राम पंचायत खिरेटीमाल में चयनित नवांकुर श्री दादाजी जन जाग्रती कल्याण समिति एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के द्वारा बजरंगवली नाला में बोरी बंधान किया गया।

म.प्र. जन अभियान परिषद भोपाल के आदेशानुसार जिला कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन के निर्देशानुसार म.प्र. जन अभियान परिषद छिंदवाड़ा के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन एवं ब्लॉक समन्वयक श्री संजय बामने के मार्गदर्शन में विकासखंड जुन्नारदेव में जल संचय अभियान के अंतर्गत सेक्टर क्रमांक- 02 ग्राम पंचायत खारी के बिछुआदानशा में जल संचय के लिए लगभग 80 बोरियों का बोरी बंधान किया गया। इस दौरान परामर्शदाता श्री सरजू विश्वकर्मा ने जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई एवं समस्त विद्यार्थियों एवं ग्रामवासियों को जल के महत्व एवं जल संचय अभियान के विषय में अवगत कराया।

मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड बिछुआ जिला छिंदवाड़ा के सेक्टर क्रमांक 03 नवांकुर सखी हरियाली यात्रा का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के प्रति लोगों को जागरूक करना था। इस कार्यक्रम में विधानसभा प्रभारी श्री लखन कुमार वर्मा ने भाग लिया और नवांकुर सखी योजना के बारे में जानकारी दी।

नगर के वरिष्ठ पर्यावरण प्रेमी भगवान प्रसाद जी प्रत्येक वर्ष खाली स्थान पर पेड़ पौधे लगाकर उन्हें संरक्षित करते हैं। उसी कड़ी में आज उनके द्वारा बाजार चौक स्थित डिवाइडर पर एक पेड़ लगाया गया। मीडिया से चर्चा के द्वारा उन्होंने बताया कि वह बहुत दिनों से खाली स्थान पर फलदार फूलदार पौधों का रोपण करते आ रहे यह उनका प्रयास किसी दिखावे के लिए नहीं बल्कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए एक छोटा कदम है ,जिसकी प्रशंसा चौरई नगर में होते रहती है

इस कार्यक्रम में हम जानेंगे जल संरक्षण और ऊर्जा बचत से जुड़ी सरकारी योजनाओं के बारे में। साथ ही, यह कार्यक्रम बताएगा कि आप इन योजनाओं का लाभ कैसे उठा सकते हैं और अपने गाँव के विकास में कैसे योगदान दे सकते हैं। स्वच्छ पानी और सतत ऊर्जा के महत्व को समझते हुए, हम एक बेहतर कल की ओर कदम बढ़ाएंगे। क्या जल सरंक्षण की योजनाओं के बारे में आपने भी सुना है, क्या आप इन योजनाओं का लाभ आपने भी उठाया है, क्या आपके गाँव में जल सरंक्षण की कोई प्रेरणादायी कहानी है ?

यह एपिसोड बताता है कि हम अपने रोज़मर्रा के जीवन में कैसे छोटे-छोटे बदलाव करके बिजली और पानी बचा सकते हैं। इससे न सिर्फ हमारा खर्च कम होगा, बल्कि हम अपनी धरती की भी रक्षा कर पाएंगे। आसान तरीकों से हम सभी मिलकर पर्यावरण को बचाने में मदद कर सकते हैं।क्या आपने भी अपनी ज़िन्दगी में कुछ ऐसे बदलाव किए हैं? अगर हाँ, तो हमें बताइए।

इस एपिसोड के मुख्य विषय, वर्षा जल संग्रहण, को दर्शाता है। "बूंद-बूंद से सागर" मुहावरा छोटे प्रयासों से बड़े परिणाम प्राप्त करने की भावना को व्यक्त करता है। यह श्रोताओं को प्रेरित करता है कि वर्षा की हर बूंद महत्वपूर्ण है और उसका संग्रहण करके हम बड़े बदलाव ला सकते हैं। क्या आप वर्षा जल को इक्कट्ठा करने और सिंचाई से जुडी किसी रणनीति को अपनाना चाहेंगे? और क्या आपके समुदाय में भी ऐसी कहानियाँ हैं जहाँ लोगों ने इन उपायों का इस्तेमाल करके चुनौतियों का सामना किया है?

यह एपिसोड बदलते मौसम और असामान्य बारिश के कारण कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले विभिन्न प्रभावों की व्यापक चर्चा करता है। फसल उत्पादन, मिट्टी की गुणवत्ता, पानी प्रबंधन और किसानों की आजीविका पर पड़ने वाले असर का विस्तृत विवरण दिया गया है। साथ ही, इन चुनौतियों से निपटने के लिए किसानों द्वारा अपनाए जा रहे समाधानों और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया है।