नमस्कार आदाब श्रोताओं मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है रोजगार समाचार यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो मध्यप्रदेश ग्वालियर में न्योटेरिक ग्रुप ग्वालियर में स्टोर कीपर के पद पर काम करने के लिए इच्छुक हैं। वैसे उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते है जिन्होंने उच्चतर माध्यमिक 12वीं पास किया हो। इस पद के लिए आवेदनकर्ता को स्थानीय भाषा के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा और कंप्यूटर की जानकारी होनी चाहिए । इन पदों पर वेतन 10,000.00 - ₹17,000.00 प्रतिमाह दिया जाएगा । साथ ही उम्मीदवार के पास अपना दोपहिया वाहन और वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। इच्छुक उम्मीदवार किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर से संपर्क कर सकते हैं नंबर है - 091790 96306 .और अपना बायोडाटा भेज सकतें हैं। तो साथियों,अगर आपको यह जानकारी लाभदायक लगी, तो मोबाइल वाणी ऐप पर लाइक का बटन दबाये साथ ही फ़ोन पर सुनने वाले श्रोता 5 दबाकर इसे पसंद कर सकते है। नंबर 5 दबाकर यह जानकारी आप अपने दोस्तों के साथ भी बाँट सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर गायक शिखा गायधनी के साथ विशेष बातचीत
जिला समन्वयक , विकासखण्ड समन्वयकों के साथ मेन्टर्स , नवांकुर समितियां और विद्यार्थियों सहित सम्पूर्ण टीम कर रही उत्कृष्ट कार्य।
*महाशिवरात्रि पर्व पर शिवालयों में होंगे विविध कार्यक्रम*
देवालयों में लगी है भक्तों की भीड़।
उद्गीथ प्राणायाम। ओमकार का लंबा गहरा उच्चारण शरीर के लिए लाभदायक।
Transcript Unavailable.
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नारी तू अबला नहीं ,स्वयं शक्ति पहचान। अपने हक को लड़ स्वयं, तब होगा उत्थान।। महिलाएं समाज का एक अहम् हिस्सा है लेकिन बदलते वक्त के साथ महिलाएं आज राष्ट्र निर्माण में भी अपना योगदान दे रही है। हर साल 8 मार्च के दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मकसद महिला सशक्तिकरण की तरफ एक कदम है. यह दिन दुनिया भर में महिलाओं के त्याग ,साहस और सम्मान को समर्पित दिन होता है। हर साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को एक थीम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है साल 2024 में इस दिन को 'इंस्पायर इन्क्लूज़न ' थीम के साथ मनाया जा रहा है जिसका मतलब है "एक ऐसी दुनिया,जहां हर किसी को बराबर का हक और सम्मान मिले" दोस्तों हम सभी अपने आस पास की उन सभी महिलाओं की शक्ति जो की अविश्वसनीय है उसे सलाम करें और उनके हौसले को बुलंद करें । आप सभी को मोबाइल वाणी के पुरे परिवार की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक-हार्दिक शुभकामनाएं।
महिला दिवस पर पुरुषों से मुक्ति,फ्री सेक्स सोसाइटी और हमें चाहिए आजादी जैसे नारों के शोर में किसी पांच छह बरस की बिटिया की सिसकी किसे सुनाई देती है। वास्तव में इसे चीख कहा जाना चाहिए जिसे मुंह दबा कर सिसकी में तब्दील कर दिया जाता है। मैं बात कर रहा हूं विश्व की लगभग बीस करोड़ महिलाओं की जो लगभग नब्बे देशों में रहती हैं और जिनके शरीर के सबसे संवेदनशील हिस्से को धर्म के नाम पर खुरच कर, जला कर हटा दिया जाता है। एफजीएम यानी फीमेल जेनेशियल म्युटाइलेशन के नाम से जानी जाने वाली यह प्रथा मुख्यत: इस्लामिक समुदायों में पाई जाती है जो अफ्रीका, अरब, दक्षिण पूर्व एशियाई देशों और यूरोप के कुछ हिस्सों में प्रचलित है। यह अत्यंत दर्दनाक प्रथा है जहां महिला के प्राइवेट पार्ट के उस भाग को का,टकर इसलिए हटा दिया जाता है ताकि उनके मन में बुरे ख्याल न आ सकें। सेक्सुअल डिजायर के दमन का इतना जघन्य रूप शायद ही किसी समाज में देखने को मिलता है। इसलिए मुझे महिला दिवस किसी फैशन से अधिक नही लगता जहां कार्यक्रम में खाना पीना गाना बजाना ही नारीवाद समझा जाता है। जहां इन विषयों पर चर्चा होने की बजाय शबरीमाला जैसे विषयों पर छद्म बातें की जाती हैं। लड़कियां सर से पैर तक कैद हैं, उनकी इच्छाएं दमित हैं फिर भी यह नारी विमर्श की मुख्य धारा का हिस्सा नहीं बन पाती। इसका कारण नारी विमर्श केवल सांस्कृतिक मार्क्सवाद का एक टूल बनकर रह गया है। विमर्श करने वालियां पपेट हैं जिनकी डोर कहीं और है। आप आज से कल या सप्ताह भर के कार्यक्रम देखिए, कहीं आपको एफजीएम यानी योनि को सिल कर, जलाकर, खुरचकर हटाए जाने पर चर्चा शायद दिखे। कहीं शायद ही आपको इसे रोकने के लिए मार्च या धरने की चर्चा मिले। आलिम फाजिल लोग कहते हैं कि यह सब नैतिकता और सफाई के नाम पर होता है। मुझे लगता है कि यदि ऐसा है तो यही प्रक्रिया नवाबों और आलिमों के साथ पहले लागू की जानी चाहिए क्योंकि उनकी भी अच्छी खासी भागेदारी अनैतिक और अस्वच्छ कार्यों में होती है।
