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प्रतिवर्ष क्रिकेट का होता है आयोजन

लगभग 10 लाख की हुई क्षति। शार्ट सर्किट से लगी आग।

गैस कब्ज़ में राहत मिलेगी। अनेक लाभ मिलते हैं।

मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं, कि विकासखंड सौसर की ग्राम रामपेठ से लेकर जोबनी, खापा तक सभी किसानों की फसलें शीतलहर की चपेट में आ गई ।जब किसान सुबह जाकर खेत में देखते हैं, तो उनकी सब फसल सूख गई थी, और ऐसे ही अन्य फसलों पर भी देखा गया है, अरहर की फसल हो, चाहे कपास की फसल या फिर सब्जी भाजी में टमाटर, भट्टे और अन्य सब्जी की फसलों पर शीतलहर का प्रकोप है ,और सभी फसलें सूख गए हैं।

रोज़ करने से होगा लाभ

जनपद के बाद जिला पंचायत के सफर पर पातुरकर पंचायत चुनाव की सरगर्मीयों में जिला पंचायत क्षेत्र क्रं 23 से महिला प्रत्याक्षी मैदान में रामाकोना - पंचायत चुनाव में नामांकन जमा करने के अंतिम दिन सोमवार के बाद अब प्रत्याक्षियों के मैदान बने रहने की चर्चा हो रही है। चुनावी सरगर्मी बढ़ने लगी है, मंगलवार को नामाकंन पत्र की स्कुटनी के बाद नाम वापसी को लेकर भी चर्चा होने लगी है। लेकिन जिला पंचायत के क्षेत्र क्रं 23 से एक प्रत्याक्षी को क्षेत्र का मतदाता नामांकन से पहले ही पहचानने लगा है। राजनीति को सेवाधर्म मानकर क्षेत्र विकास का संकल्प लेकर काम करने वाली महिला सुमन दिनकर पातुरकर जो निर्वतमान कार्यकाल में जनपद सदस्य रही है को लेकर क्षेत्र में चुनावी चर्चा जोरो पर है। क्षेत्र की जनता मानकर चल रही है कि सुमन पातुरकर ने नामांकन जमा किया है तो वह निश्चित ही चुनाव मैदान में डटी रहेगी। क्यों कि वह किसी राजीनीतिक दल की पिछलग्गू न होकर स्वतंत्र रूपसे राजनीति में सक्रिय रहने वाली महिला है। जिला पंचायत चुनाव मे भी सुमन पातुरकर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रही है। सुमन पातुरकर ने रामाकोना क्षेत्र की जनपद पंचायत सदस्य रहते हुए रामाकोना में किए गए बुनियादी विकास कार्य इन दिनों क्षेत्र के जनता के जुबान पर है। किसी राजनीतिक दल की सदस्य नहीं होने पर भी सुमन पातुरकर ने अपने जनपद क्षेत्र में जनता के लिए किए गए विकास कार्य के साथ सामजिक सरोकार से परीपूर्ण होकर सतत सक्रियता मतदाताओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। हालाकि राजनीति के साथ समाजिक सरोकर व सार्वभौमिक विचारधारा कि विरासत सुमन पातुरकर को उनके ससुर अघोषित जंगल सत्याग्रही स्व.नत्थूजी पातुरकर एवं चाचा ससुर स्व. देवराव पातुरकर से मिली है। जिस तरह सरपंच एवं जनपद पंचायत सदस्य रह कर रामाकोना पंचायत में किए गया विकास का नवाचार हो या फिर जामसावंली मंदिर को विकास में देवराव पातुकर आज भी लोगों के दिलों में बसे है। इधर सुमन पातुरकर के पति दिनकर की सामाजिक विचारधारा, सबको साथ लेकर कार्य करने की शैली, प्रशासनिक स्तर पर विषेष पकड़ के अलावा क्षेत्र से लेकर प्रदेश व देश की विविध सामाजिक संगठनो से जुड़ने का लाभ भी सुमन पातुरकर को मिला है। जनपद के सात साल के कार्यकाल में सुमन पातुरकर ने राजनीतिक नेतृत्व के गुरू ही नहीं सीखे है तो वह समाजिक सरोकरा को भलीभांती पहचाने लगी हैं। सुमन पातुरकर ने जनपद सदस्य रहते हुए क्षेत्र के दलीय राजनीति को भी नया पाठ पढ़ाया है। यही कारण है कि किसी के प्रलोभन या दबाव में न आते हुए क्षेत्रवासियों की राजनीतिक सेवा व सामाजिक सरोकार का धर्म निभाने के लिए वह चुनाव मैदान में उतरी है। सुमन पातुकर कहती है कि मैने सात साल के राजनीतिक जीवन में यह सीखा है कि धनबल, बाहुबल, या राजनीति बल से ज्यादा महत्वपूर्ण क्षेत्र की जनता का उस पर विश्वास होना सबसे बड़ा धन है यही उसका राजनीति संबल भी है। सुमन पातुरकर जिला पंचायत क्षेत्र क्रं 23 से अपनी सफलता को लेकर इस लिए भी आश्वस्त है कि उसे जनता का प्यार निरंतर मिल रहा है। कई सामाजिक, धार्मिक संगठन, स्वएंसेवी संगठन आज सुमन पातुरकर के साथ प्रत्येक्ष अप्रत्येक्ष रूप चुनावी समर में खड़े है। सुमन पातुरकर कहती है कि आज महिला हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रही है फिर वह क्यों पीछे रही। आगे वह कहती है यह चुनाव वह अपने पति या परिवार के सदस्यों के पहचान या प्रभाव के भरोसे नही तो क्षेत्र के जनता के भरोसे लड़ रही है। जनता ने सात साल में उसके काम, विकास कार्य और सामाजिक सरोकार को देखा है।

पर्यावरण संरक्षण पर अत्यंत महत्वपूर्ण बातें बताई गईं।

अनेक लोगो ने किया अभिनन्दन

किसी को गम्भीर चोट नही आई। कार पूरी तरह हुई नष्ट। ड्राइवर द्वारा मोबाइल देखने से हुई घटना।