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शहीद ए आज़म भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के सच्चे भारतीय माता के वीर सपूत थे।जिन्होंने अपनी देश भक्ति और देश प्रेम को अपने प्राणों से भी महत्व दिया। अपनी मातृभूमि के लिए प्राणों को न्यौछावर कर दिए।इन तीन स्वतंत्रता के महानायकों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों के रूप मे शहादत दिवस मनाया जाता है। यह दिवस न केवल देश के प्रति सम्मान और हिन्दुस्तानी होने व गौरव का अनुभव कराता है। आज 92वी शहादत दिवस पूरा देश मना रहे हैं। उन्होंने ही लाहौर उच्च न्यायालय मे बलपूर्वक यह कहा कि क्रांति की तलवार विचारों की सान पर ही पैनी होती है।आज हमारे साथ सिविल सर्विसेज ट्यूटोरियल्स के संचालक मधुकर गायकवाड़ सर के साथ विशेष बातचीत कर जानकारी साझा की।

“आयुष स्वस्थ नारी सशक्त नारी” की थीम पर छिंदवाड़ा में विशाल महिला आयुष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन 23 मार्च को

शहीद ए आज़म भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के सच्चे भारतीय माता के वीर सपूत थे।जिन्होंने अपनी देश भक्ति और देश प्रेम को अपने प्राणों से भी महत्व दिया। अपनी मातृभूमि के लिए प्राणों को न्यौछावर कर दिए।इन तीन स्वतंत्रता के महानायकों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों के रूप मे शहादत दिवस मनाया जाता है। यह दिवस न केवल देश के प्रति सम्मान और हिन्दुस्तानी होने व गौरव का अनुभव कराता है। आज 92वी शहादत दिवस पूरा देश मना रहे हैं। उन्होंने ही लाहौर उच्च न्यायालय मे बलपूर्वक यह कहा कि क्रांति की तलवार विचारों की सान पर ही पैनी होती है।आज हमारे साथ शासकीय महाविद्यालय सौंसर के जनभागीदारी समिति अध्यक्ष चन्द्रशेखर अम्बेडकार के साथ विशेष बातचीत कर जानकारी साझा की।

राम जन्म उत्सव पर आ रहे हैं लक्ष्मण सुनील लहरी

शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय छिंदवाड़ा के 104 विद्यार्थियों को कराया गया तामिया का शैक्षणिक भौगोलिक भ्रमण

शहीद ए आज़म भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के सच्चे भारतीय माता के वीर सपूत थे।जिन्होंने अपनी देश भक्ति और देश प्रेम को अपने प्राणों से भी महत्व दिया। अपनी मातृभूमि के लिए प्राणों को न्यौछावर कर दिए।इन तीन स्वतंत्रता के महानायकों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों के रूप मे शहादत दिवस मनाया जाता है। यह दिवस न केवल देश के प्रति सम्मान और हिन्दुस्तानी होने व गौरव का अनुभव कराता है। आज 92वी शहादत दिवस पूरा देश मना रहे हैं। उन्होंने ही लाहौर उच्च न्यायालय मे बलपूर्वक यह कहा कि "क्रांति की तलवार विचारों की सान पर ही पैनी होती है।" आज हमारे साथ गांधी व लोहिया वादी विचारक डाॅ.अनुप सिंह से खास बातचीत कर जानकारी साझा की।

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